सोनिया गांधी की जीवनी – Biography of Sonia Gandhi

1
163

सोनिया गांधी “कॉन्ग्रेस” की नेता है। सोनिया गांधी, इटली में जन्मी भारतीय राजनीतिज्ञ है, जिन्होंने साल 1998 के बाद से “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी” की अध्यक्षता भी संभाली है। सोनिया गांधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री “श्री राजीव गांधी”जी की पत्नी है। जोकि नेहरू – गांधी परिवार से संबंध रखती है। साल 1991 में सोनिया गांधी के पति की हत्या के बाद, कांग्रेस के नेता द्वारा उन्हें सरकार में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने सौजन्य रूप से पार्टी द्वारा लगातार उकसाया जाने लगा, फिर भी वह राजनीति से दूर रही, फिर कुछ समय बाद साल 1997 – 1998 राजनीति से जुड़ने के लिए राजी हो गई , और वे कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष चुनी गई। Biography of Sonia Gandhi

उनकी राजनीतिक जीवन का कह दिया साल 1998 के बाद ही शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने साल 2004 के बाद से लोकसभा में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। साल 2010 में, चौथी बार बार पुनः निर्वाचन में, वी कांग्रेस पार्टी के 125 साल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवारत अध्यक्ष बनी रही। सोनिया गांधी का एक विदेशी मूल के होने के बावजूद भारतीय राजनीति में कदम रखना काफी विवादों से और बहस का विषय बना रहा। इसके अलावा सोनिया गांधी कि इटली के एक व्यापारी जिन पर बोफोर्स कांड में एक बिचोलिया होने का आरोप लगाया गया था, के साथ कथित दोस्ती होने के कारण भी से विवादों में घिरी रही थी।हालांकि सोनिया गांधी पांचवी और साल 1947 में आजादी के बाद पहली विदेशी मूल की महिला रही, जो कि कांग्रेस पार्टी के नेता बनी।

सोनिया सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष थी। इसके अलावा वह रायबरेली, उत्तर प्रदेश से सांसद है और इसके साथ ही हुए 15वीं लोकसभा में ना सिर्फ भारतीय राष्ट्र कांग्रेस, बल्कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी कि यूपीए की प्रमुख भी है। वे कांग्रेस के इतिहास में 132 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक लंबे समय तक रहने वाली अध्यक्ष है।

सोनिया गांधी का जीवन परिचय – Biography of Sonia Gandhi in Hindi

[table id=7 /]

सोनिया गांधी का आरंभिक जीवन

सोनिया गांधी का पूरा नाम एंटोनिया एडविज अल्बीना मैनो है। इनका जन्म 9 दिसंबर सन 1946 को इटली के लुसियाना शहर के कॉन्ट्राडा मैंनी जिला क्वार्टर के वेनेटो में विसएंजा से 20 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में हुआ, जहां पर अपने परिवार के साथ रहती थी।

उनका यह परिवार इस जगह कई पीढ़ियों से रह रहा था। सोनिया गांधी के पिता स्टेफ़िनो मायनो एक फासीवाद सिपाही थे। सोनिया गांधी के दो भाई बहने नादिया और Anoushka भी है। सोनिया गांधी का पालन पोषण एक ईसाई रोमन कैथोलिक परिवार में हुआ है। उन्होंने अपनी पढ़ाई वहां के एक कैथोलिक स्कूल से ही की है। फासीवाद सिपाहि होने के साथ-साथ उनके पिता का वहां एक छोटा सा व्यापार के मालिक भी थे। सोनिया गांधी ने अपनी युवा अवस्था ऑर्बासानो में बिताया, इसके बाद वह टूरइन के पास एक शहर में चली गई। इनके पिता स्टेफ़िनो ने द्वितीय विश्व युद्ध में पूर्वी मोर्चे पर ऐड लो हिटलर के साथ सोवियत सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने बेनिटो मुसोलिनी का एक वफादार समर्थक और इटली के राष्ट्रीय फ्रंटियर पार्टी कहा जाता था। साल 1983 में उसके पिता की देहांत हो गया, उनकी मां और दो बहन है अभी Obassano में रह रही है। Biography of Sonia Gandhi

सोनिया गांधी की आरंभिक शिक्षा

साल 1964 में सोनिया गांधी, कैंब्रिज शहर में “बेल एजुकेशन ट्रस्ट के भाषा स्कूल” में अंग्रेजी का अध्ययन करने के लिए चली गई। इसके बाद साल 1965 में एक ग्रीक रेस्टोरेंट में उनकी मुलाकात राजीव गांधी जी से हुई, जिन्होंने “कैंब्रिज विश्वविद्यालय” कैटरीना थी कॉलेज में दाखिला लिया था।

दरअसल इसी दौरान सोनिया गांधी साल 1965 में कैंब्रिज के एक “small language college” में छात्रा रही थी। उसे विश्वविद्यालय के रेस्टोरेंट में व एक वेट्रेस के रूप में भी काम करती थी। तब वहां उनकी मुलाकात एक सुंदर युवा इंजीनियरिंग छात्र से हुई, जो कोई और नहीं बल्कि राजीव गांधी थे। कुछ समय पश्चात साल 1968 में सोनिया ने राजीव गांधी से हिंदू धर्म के अनुसार शादी किया। उसके बाद में भारत आ करके अपने ससुराल में अपने सास और भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के साथ रहने लगी। Biography of Sonia Gandhi

श्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी के दो बच्चे हुए। जिनमें राहुल गांधी जी का जन्म 1970 में हुआ और एक बेटी प्रियंका गांधी जिनका जन्म साल 1972 में हुआ। सोनिया और राजीव गांधी दोनों ही अपने परिवार से जुड़े राजनीतिक कैरियर से दूर रहते थे। राजीव गांधी एयरलाइन पायलट में काम किया करते थे और सोनिया घर में अपने परिवार की देखभाल किया करती थी। साल 1977 के आसपास जब इंदिरा गांधी देश के प्रधानमंत्री बनी थी, तब देश में आपात काल की घोषणा किया गया था। राजीव ने परिवार के साथ कुछ समय के लिए विदेश में रहने का विचार किया।

राजीव गांधी के छोटे भाई संजय गांधी की एक विमान दुर्घटना में 23 जून सन 1980 में मृत्यु हो गई। इसके बाद 1984 में इंदिरा गांधी की मौत के बाद, राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश करने का फैसला किया।सोनिया अपने परिवार की ही देखभाल में लगी रही और जनता के संपर्क से बची रही।

सोनिया गांधी का राजनीतिक जीवन – Political Career of Sonia Gandhi

सोनिया गांधी ने भारतीय राजनीति में तब कदम रखा है जब उनकी सास इंदिरा गांधी की हत्या और उनके पति प्रधानमंत्री चुने गए। प्रधानमंत्री की पत्नी के रूप में सोनिया ने सरकारी परिचारिका के रूप में काम किया और कई राज्यों के दौरे में वह अपने पति के साथ गई।

साल 1984 के आसपास उन्होंने अपने पति की भाभी मेनका गांधी के खिलाफ अभियान चलाया, जो कि अमेठी में राजीव के साथ चल रहा था। राजीव गांधी के 5 साल के कार्यकाल के अंत में वे बोफोर्स कांड से बाहर हो गए। सोनिया गांधी की इटली की एक व्यापारी जिन पर बोफोर्स कार्ड में एक बिचोलिया होने का आरोप लगाया गया यह साथ कथित दोस्ती होने के कारण वे विवादों में आ चुकी थी।

वहीं साल 1983 में भाजपा ने सोनिया पर यह आरोप लगाया कि, नई दिल्ली की मतदाता सूची पर,पूर्व भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए सोनिया ने भारतीय कानून का उल्लंघन किया है। पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि 27 अप्रैल सन 1983 में सोनिया ने इटालियन एंबेसी में अपने इटालियन पासपोर्ट का आत्मसमर्पण कर दिया है। Biography of Sonia Gandhi

इटालियन कानून ने साल 1992 तक दोहरी राष्ट्रीय नागरिकता की अनुमति नहीं दी। साल 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से उन्होंने स्वचालित रूप से इटालियन नागरिकता खो दी थी। साल 1991 में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई, और उसके बाद सोनिया ने प्रधानमंत्री बनने के लिए इंकार कर दिया। फिर पार्टी के लोगों ने पी वी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री चुनाव। जो कि पहले नेता और बाद में प्रधानमंत्री बने। कुछ सालों के बाद हालांकि कांग्रेस पार्टी ने साल 1996 में चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। कुछ कांग्रेस के नेता जैसे कि माधवराव सिंधिया, राजेश पायलट, नारायण दत्त तिवारी, अर्जुन सिंह, ममता बनर्जी, पी चिदंबरम आदि नेताओं ने राष्ट्रपति सीताराम केसरी के खिलाफ खुला विद्रोह किया और इनमें से कुछ ने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस कई भागों में बट गया।

कांग्रेस पार्टी को पुनः स्थापित करने और उसे फिर से जोड़े रखने के लिए साल 1997 में कोलकाता पूर्ण सत्र में 1 प्राथमिक सदस्य के रूप में कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी शामिल हुई और साल 1998 में पार्टी की नेता बन गई। मई सन 1999 में पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं जिनमें शरद पवार, पी ए संगमा और तारिक अनवर ने भारत के प्रधानमंत्री बनने की कोशिश करने के लिए सोनिया को चुनौती दे दी।उसके जवाब में सोनिया ने पार्टी के नेता से इस्तीफा देने की पेशकश की,जिसके परिणाम स्वरूप पार्टी के बाकी लोगों ने उनका सपोर्ट किया और उन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया। बाद में सोनिया गांधी ने साल 1999 – 98 के आसपास कांग्रेस की बागडोर अपने हाथों में ले ली। और कांग्रेस की अध्यक्षता संभाली। प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी को राजनीति में राजनीति सिखाई है। Biography of Sonia Gandhi

सोनिया गांधी की उपलब्धियां – Sonia Gandhi achievements in Hindi

सोनिया गांधी ने अपने जीवन में कई सारी उपलब्धियां हासिल की है। वे कांग्रेस पार्टी में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला अध्यक्ष के रूप में जानी जाती है। इनके अलावा भी सोनिया गांधी ने बहुत सी उपलब्धियां हासिल की है:-

  • साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेई के प्रधानमंत्री पद के तहत भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यालय के दौरान, सोनिया गांधी तेरहवीं लोकसभा में विपक्ष की नेता चुनी गई।
  • 62 दिनों के अंदर प्राथमिक सदस्य के रूप में शामिल होने के बाद,सोनिया को पार्टी के प्रेसिडेंट पद के लिए खड़ा होने को कहा गया, पहले तुम इसके लिए राजी नहीं थी परंतु उन्होंने बाद में इसे स्वीकार कर लिया।
  • उसके बाद सन् 1999 में ही बिलारी कर्नाटका और अमेठी, उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ी और दोनों ही जगह से उन्होंने जीत हासिल की, इन्होंने भाजपा नेता सुषमा स्वराज को हराया था।
  • विपक्ष के नेता के रूप में अपनी क्षमताओं से उन्होंने साल 2003 में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया।
  • सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी की लंबे समय तक सेवा कर अध्यक्ष बने रहने का रिकॉर्ड भी बनाया है।
  • साल 2004 के आम चुनाव में, भाजपा के “भारत उदय (India rising)”के नारे का मुकाबला करने के लिए सोनिया गांधी ने “आम आदमी”का नारा दिया था।
  • साल 2004 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से बहुत अच्छे मार्जिन से वोट इकट्ठा करके चुनाव में विजय हुई। उन्होंने 15 पार्टी गठबंधन सरकार का गठन किया और उसे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन नाम दिया
  • सोनिया गांधी को अगले प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें उनके विदेशी मूल के होने के कारण रजक से कट्टर विरोध का सामना करना पड़ा फिर उन्होंने भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह को नियुक्त कर दिया।
  • सोनिया गांधी ने लोकसभा से और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के रूप में 23 मार्च को साल 2006 को अपनी स्थिति की घोषणा की।
  • इसके बाद सोनिया गांधी ने साल 2006 में ही रायबरेली से एक बार फिर से जीत हासिल की। इसी दौरान अपने सरकार के अध्यक्ष और राष्ट्रीय सलाहकार समिति के कार्यकाल के रूप में,सोनिया ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और सूचना का अधिकार अधिनियम के कानून को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • साल 2007, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर सोनिया ने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र में 15 जुलाई सन 2007 को एक प्रस्ताव पारित किया जिसके बाद इस दिन को अहिंसा के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • साल 2009 में हुए आम चुनाव में लोकसभा में कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार 206 सीटों से जीतने के साथ वापस से सत्ता में आई। यहां सन 1991 के बाद अब हुआ था कि कोई पार्टी कितनी सीट जीतकर सत्ता में आई हो।
  • एक बार फिर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद के लिए नियुक्त किया गया।
  • साल 2013 में सोनिया गांधी पहली ऐसी महिला बनी जिन्होंने 15 साल तक लगातार कांग्रेस की अध्यक्षता के रूप में बनी रही। Biography of Sonia Gandhi
  • साल 2014 के आम चुनाव में सोनिया ने रायबरेली में अपने सीटें आयोजित की। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 44 और कांग्रेस लेड संप्रग चुनाव गठबंधन ने 59 सीट प्राप्त कर आम चुनाव में दोनों ने बहुत ही खराब परिणाम हासिल किया।
  • उन्होंने Forbes की सूची में भी कई बार दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में जगह बनाई है।

सोनिया गांधी पर विवाद – Biography of Sonia Gandhi

सोनिया गांधी अपने जीवन में कई विवादास्पद स्थितियों का सामना किया है।

  • बोफोर्स कांड के दौरान सोनिया गांधी का एक इटालियन व्यवसाय के साथ नाम जोड़ा गया। जोकि उनका मित्र माना जाता था। बोफोर्स कांड मैं एक बिचोलिया था।
  • साल 1980 में,जब एक इटालियन नागरिक की सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में दिखाई दिया जो कि भारतीय कानून का उल्लंघन है।
  • साल 1983 में मतदाता सूची में उनका नाम दिखाई देने पर भी यह विवाद सामने आया था कि पंजीकरण के लिए अंतिम समय सीमा जनवरी 1983 थी,जबकि उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल की थी।
  • कांग्रेस पार्टी के तीन वरिष्ठ नेता शरद पवार, तारिक अनवर और पी एम संगमा ने साल 1999 में प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी पात्रता पर सवाल उठाया था।
  • सोनिया गांधी ने पार्टी नेता के रूप में अपने इस्तीफे की पेशकश की, जिसका नतीजा यह निकला कि पार्टी ने सोनिया को जबरदस्त समर्थन हासिल हुआ और तीनों नेताओं को पार्टी से निकाल दिया गया।

सोनिया गांधी का सम्मान और मान्यता – Sonia Gandhi Awards

सोनिया गांधी को उनकी जीवन में कई सारे सम्मान और मान्यता प्राप्त हुए जिनमें से कुछ इस प्रकार है

  • साल 2004 में, सोनिया गांधी का नाम दुनिया की सबसे ताकतवर महिला के रूप में फोर्ब्स की पत्रिका में उल्लेख किया गया।
  • साल 2006 में, सोनिया गांधी ने “ब्रेसेल्स विश्वविद्यालय” से डॉक्टरेट की उपाधि ली।
  • साल 2006 में ही, सोनिया गांधी ने बेल्जियम की सरकार द्वारा “सम्राट लियोपोल्ड”के साथ सम्मानित किया गया।
  • साल 2007 में, सोनिया का नाम फोर्ब्स पत्रिका में दुनिया की छठी सबसे ताकतवर महिला के रूप में और एक बार आया।
  • साल 2007 और साल 2008 में सोनिया ने दुनिया की 100 सबसे अधिक प्रभावशाली लोगों में अपनी जगह बनाई।
  • साल 2008 में, सोनिया गांधी को “मद्रास विश्वविद्यालय”से साहित्य में डॉक्टरेट की मान्यता मिली. Biography of Sonia Gandhi
  • साल 2009 में सोनिया का नाम फोर्ब्स पत्रिका में दुनिया की 9 ताकतवर महिलाओं में एक बार फिर शामिल किया गया था।
  • साल 2010 मे, ब्रिटिश सरकार की एक पत्रिका के एक स्टेटमेंट में, दुनिया के 50 सबसे प्रतिभाशाली लोगों के बीच सोनिया गांधी का उल्लेख किया गया था।
  • साल 2012 में, सबूत पत्रिका में सोनिया का नाम दिया कि 12वीं ताकतवर महिलाओं के रूप में आया।
  • साल 2013 में, सोनिया गांधी को कुल मिलाकर के 21 वं और फोर्ब्स पत्रिका ने एक बार फिर से दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिलाओं में स्थान दिया।

सोनिया गांधी लिखी गई पुस्तकें

सोनिया गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के चलते भारतीय राजनीति में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। कई बार सोनिया गांधी फोर्ब्स जैसी पत्रिकाओं में दुनिया की सबसे ताकतवर महिला के रूप में सम्मान पा चुकी है। आज भी कई सारे युवा युवती इन्हें अपने प्रेरणा मानते हैं। इस चलते सोनिया गांधी के ऊपर बहुत सी किताबें भी लिखी गई है। यह किताबें इस प्रकार हैं:-

  • रानी सिंह ने सोनिया गांधी पर ‘सोनिया गांधी’ “एन एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लाइफ इंडियन डेस्टिनी” नामक किताब भी लिखी है। देखा जाए तो यह सोनिया गांधी की जीवनी है। सोनिया गांधी और उनके परिवार के जीवन में संघर्ष और घटनाओं के बारे में इस किताब में बताया गया है।
  • गांधी की कहानी किसी भी भारतीय नेता द्वारा की गई सबसे बड़ी परिवर्तनकारी यात्राओं में से एक को दर्शाती है। इस पुस्तक में रानी सिंह यह दिखाती है कि कैसे परिस्थितियों और विपत्तियों और महत्वाकांक्षी का भाव भी सत्ता के लिए उनके मार्ग को बाधित ना कर सके।पुस्तक सोनिया गांधी और राजीव गांधी के बीच प्यार से शुरू होता है और फिर राजनीति में उनके कदम रखने तक का वर्णन करती है।
  • रसीद किदवाई की “सोनिया: ए बायोग्राफी”भारत की सबसे गुढ महिलाओं में से एक की असाधारण कहानी बताती है। उन्होंने इटली के छोटे शहर से 10 जनपथ, नगर नई दिल्ली तक की यात्रा का वर्णन किया है।यह किताब कांग्रेस पार्टी की सत्ता में वापसी के पीछे की पृष्ठभूमि और सोनिया गांधी के विकास की एक स्पष्ट तस्वीर दर्शाती है।किताब 2004 के आम चुनाव में जीत के बाद यूपीए सरकार की मुखिया के लिए एक अनिश्चित पार्टी अध्यक्ष से गांधी के परिवर्तन को प्रकट करती है।

सोनिया पर आधारित फिल्म

The Accidental Prime Minister” जो कि वास्तव में कॉन्ग्रेस पार्टी से किस तरह से मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री बनने तक का सफर को दिखाया गया है।

फिल्म में जहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार अभिनेता अनुपम खेर निभा रहे हैं तुम ही उनकी पत्नी के रूप में दिव्या सेठ सहा बनी है। इस फिल्म में सोनिया गांधी का किरदार भी बेहद आम है। फिल्म में सोनिया गांधी की भूमिका जर्मन एक्ट्रेस सुजैन बर्नटे ने निभाया था।

सोनिया गांधी द्वारा लिखी गई पुस्तकें

सोनिया गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन में बहुत सी किताबें लिखी है। “इंदिरा गांधी; सिलेक्टेड सांइग्स” मैं उनके भाषणों के लिए एक विभिन्न उदाहरण शामिल है। यह उदाहरण उनकी दृष्टि, उनकी रूचि योग की विस्तृत संख्या और उनके अवधारणाआत्मक दिमाग को प्रकट करता है। दूसरे शब्दों में कहें तो, यह देश के लोगों और भारत की एकता के प्रति उनकी वचनबद्धता के लिए उनके उत्साह को दर्शाता है। सोनिया गांधी द्वारा लिखित पुस्तकें:-

टू अलोन, टू टूगेदर (To alone, To together) इस किताब में जो हर लाल नेहरू और उनकी बेटी इंदिरा गांधी के बीच वार्तालाप के कुछ पत्र शामिल हैं। पत्र भारत के 2 सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों की प्रकृति और व्यक्ति को नई अंतर्दृष्टि देती है।या एक शर्मीली स्कूली छात्र से इंदिरा गांधी के परिवर्तन को एक आकर्षक राजनीति नेता में बदलने तक के बारे में दर्शाती है।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here