Amazon से पैसा कैसे कमाए?

ऐमेज़ॉन कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन स्टोर में से एक मानी जाती है। इस ऑनलाइन स्टोर में आप सिर्फ खरीददारी ही नहीं बल्कि पैसे भी कमा सकते हो। अमेज़न दुनिया में ऐसी ऑनलाइन स्टोर कंपनी में से एक भी नहीं जाती है जिसमें 500000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। Amazon से पैसा कैसे कमाए?

आज के हमारे इस पोस्ट में हम लोग आप लोगों को यह बताएंगे कि आप किस तरह से अमेजॉन से पैसे कमा सकते हो, अमेजॉन एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसकी मदद से आप घर बैठे काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आप किस तरह से, Amazon से पैसे कमा पाएंगे? आज हम लोग अपने इस पोस्ट में आप लोगों को यह जानकारी उपलब्ध कराएंगे कि आप लोग किस तरह से आयोजन से पैसे कमा सकते हैं, अमेजॉन से पैसे कमाने की पूरी जानकारी हिंदी में।

अमेजॉन ऑनलाइन स्टोर है जिसमें हमने पहले ही आपको बताया है कि 500000 से भी ज्यादा लोग इससे जुड़े हैं और इससे जुड़कर के अपनी आजीविका चला रहे हैं, अमेजॉन से जुड़ कर के आप अमेज़न से कई तरह से पैसे कमा सकते हैं। लेकिन आज के हमारे इस पोस्ट में हम लोग इस बार में बात करेंगे कि किस तरह से आप घर बैठे घर से काम करते हुए अमेजॉन से पैसा कमा सकते हैं?

ऐसे तो आप सभी को पता ही होगा कि Amazon दुनिया की सबसे बड़ी online Shoping website में से एक में शुमार है। और अमेजन के इस ऑनलाइन वेबसाइट से कमाई करने के तरीके भी कैसा रहे जिनके बारे में हम आज अपने इस पोस्ट में बात करेंगे।

यहां हम आप लोगों को इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराएंगे कि आप किस तरह से Amazon se Paise kamaye? Amazon से जुड़ कर के आप किस तरह से पैसे कमा सकते हैं।

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Amazon से पैसे कमाने के तरीके step by step जानकारी

अमेजॉन से पैसे कमाने का कोई एक तरीका नहीं है, बल्कि आप अमेज़न से ही कई तरीके से पैसे कमा सकते हैं। अब अमेजॉन से घर बैठे ऑनलाइन काम करते हुए भी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। अमेजॉन के बारे में सबसे बढ़िया बात यह है कि आप अपने घर में बैठकर रोजाना दो से 3 घंटे काम करते हुए भी इससे अच्छी खासी कमाई कर पाओगे।

दरअसल बात यह है अमेज़न अपने विशाल व्यवसाय को बढ़ाने के लिए freelancer, craftsman, writer, blogger, YouTubers पर निर्भर रहता है। आप इनमें से अपनी पसंद का काम चुन करके इनके नियम तरीकों से घर से ही अमेज़न के लिए काम करते हुए आप पैसे कमा सकते हो।

आज हम लोग अपने इस पोस्ट में आज इस बारे पर चर्चा करेंगे कि किस तरह से आप अमेज़न से पैसे कमा सकते हैं। वैसे तो मुख्यतः अमेज़न से पैसे कमाने के 7 बेहतरीन तरीके हैं। जिनके बारे में हम आज अपने इस पोस्ट में बात करने वाले हैं। यह 7 तरीके बहुत ही बेहतरीन और ज्यादातर लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है जिससे वह घर बैठे लाखों तक की कमाई कर पाते हैं।

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Amazon से पैसे कमाने के बेहतरीन तरीके

1. Amazon Affiliate Marketing

अमेज़न से पैसा कमाने का सबसे बेहतरीन और बढ़िया तरीका है कि आप अमेज़न के Affilate Marketing से जुड़ कर के आप अमेज़न के प्रोडक्ट को भेज सकते हैं, इसके लिए अमेज़न आपको 20% से लेकर के 50% तक कमीशन प्रदान करती है।

Amazon Affiliate Marketing, कि शुरुआत आप अपने वेबसाइट ब्लॉग, फेसबुक पेज, व्हाट्सएप, टि्वटर प्रोफाइल व अन्य माध्यम के जरिए भी शुरुआत कर सकते हैं। अमेजॉन के द्वारा आप अमेज़न में लिस्ट किए गए प्रोडक्ट की जानकारी के साथ-साथ उन प्रोडक्ट्स को क्यों खरीदें? किस लिए खरीदे? उस प्रोडक्ट्स की डिटेल आदि मुहैया करके अपने व्यूवर्स, आप के फॉलोअर्स, को बता सकते हैं। तभी आप उन प्रोडक्ट्स को बेशक बेच पाएंगे। वर्तमान समय में अमेज़न 11 देशों में अपना Affiliate प्रोग्राम प्रदान करता है। अगर आपके पास पर अपनी वेबसाइट या ब्लॉग है तो दर्शकों के आधार पर एक या एक से अधिक देशों के लिए आप अमेजॉन के इस प्रोग्राम से जुड़ सकते हैं।

Amazon के एपलेट प्रोग्राम से जुड़ने के लिए, सबसे पहले आपको अमेज़न के एपलेट प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। उसके बाद आपको हर प्रोडक्ट के लिए अलग से affiliate link मिलेगा, आप उसे अपने तरीके से प्रमोट कर सकते हैं। जब भी कोई खरीददार आपके अपडेट लिंक पर क्लिक करेगा तो आपको उस पड़ाव के प्राइस के हिसाब से 10% से 20% तक कमीशन प्राप्त होता है।

इसका साफ मतलब यह है कि आप उस प्रोडक्ट का जितना ज्यादा प्रमोशन करते हैं आपकी कमाई उतनी ज्यादा होती है। अगर आपको अमेजॉन से जुड़ कर के एफिलिएट मार्केटिंग की मदद से पैसे कमाना चाहते हैं तो आप नीचे क्लिक करके हमारा यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं,

अमेज़न से पैसा कैसे कमाए? अमेज़न एफिलिएट मार्केटिंग में रजिस्ट्रेशन कैसे करें? Step by step Guide

2. Amazon Kindle के जरिए

अगर आप एक लेखक, कवि, या फिर किसी विषय में अच्छी जानकारी रखते हैं, या किसी चीज के विशेषज्ञ है। तो आप अमेज़न किंडल की मदद से अच्छी कमाई कर सकते हैं।

आप अपने विषय से संबंधित सब्जेक्ट में एक अच्छा एवं उल्लेखनीय पुस्तक को प्रकाशित कर सकते हैं। मतलब अगर आप इनमें से कोई एक है तो आप अपने लेखन कार्य का एक पुस्तक अमेज़न की मदद से विश्व भर में लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं। अमेजॉन किंडल डायरेक्ट पब्लिशिंग सुविधा के तहत आप एक किताब लिख सकते हैं और इसे 5 मिनट से भी कम समय में ऑनलाइन प्रकाशित कर सकते हैं। उसके बाद आपकी पुस्तक अमेजन के माध्यम से पूरे विश्व में घंटे भर के भीतर वैश्विक नेटवर्क पर ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाती है।

अमेज़न किंडल पर आपको पुस्तक की कई लोकप्रिय श्रेणियां मिल जाएंगी जिसमें से प्रमुख है साहित्य, उपन्यास, फिक्शन, नॉनफिक्शन, कॉमिक्स, विज्ञान, रोमांस इत्यादि।

आज ऐसे लोगों अमेजॉन किंडल पर कमी नहीं, जिन्होंने अमेजॉन किंडल प्लेटफार्म पर अपनी पुस्तक प्रकाशित की और उसी पुस्तक से लाखों तक की कमाई की है।

अमेजॉन के अमेज़न किंडल पर सबसे बढ़िया बात यह है कि आप अपने हिसाब से किताबों की कीमत तय कर सकते हैं। अमेज़न आप की किताबों को बिचवा करके आपके पैसे आपके paypal या आपके बैंक खाते में जमा कर देता है।

3. Amazon में seller बन करके पैसा कमाए

यह भी एक बहुत ही बढ़िया माध्यम है जिसकी मदद से आप अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। अमेजॉन पे आप विक्रेता बन करके, आप बहुत सारी सामानों की बिक्री कर सकते हो। इसके जरिए भी आपको बहुत ही बढ़िया है पैसे कमाने का मौका मिलता है। अगर आप खुदरा विक्रेता, ग्रहणी, या छोटे-मोटे कारीगर है तो अमेज़न पर आप अपने सामानों को बिक्री करने के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। Amazon से पैसा कैसे कमाए?

इसके लिए आपको केवल अमेज़न पर विक्रेता के रूप में रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। अगर आप छोटे कारीगर है मूर्तियां, पेंटिंग्स, चित्र, यह कपड़ों के छोटे-मोटे हस्तशिल्प शिल्पकार है तो आप अपने सामग्री को अमेज़न पर बेच सकते हैं। आज दुनिया भर में ऐसे कई लोग अमेज़न से जुड़े हैं जो छोटे-मोटे हस्तशिल्प या शिल्पकार हैं और अपने बनाए गए सामानों की बिक्री अमेजन के माध्यम से दुनिया के हर कोने तक पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा अगर आपकी कोई दुकान या शोरूम है तो आप उसका प्रचार एवं प्रसार अमेजॉन पर ऑनलाइन कर सकते हैं।

अमेजॉन इस काम को यानी कि आपके प्रोडक्ट को प्रमोट करने के बदले सिर्फ आपसे कुछ कमीशन लेता है और बाकी प्रोडक्ट का प्राइस आपके बैंक अकाउंट पर ट्रांसफर कर देता है।

4. Amazon m Turk के माध्यम से भी पैसे कमा सकते हैं

अमेज़न मेकेनिकल तुर्क (Mechnical Turk) एक ऐसा माध्यम है जिसकी मदद से भी आप अमेज़न से पैसे कमा सकते हो। अमेज़न द्वारा ही यह कार्यक्रम को संचालित किया जाता है इसमें यह कंपनी उनके कार्य करने के लिए मानव संसाधन यानी फ्रीलांसर को कार्य करने के लिए एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाती है जिसमें वे जुड़ करके उससे पैसे कमा सकते हैं।

हर एक तकनीक में कुछ ना कुछ ड्रॉबैक्स तो जरूर होते हैं, ऑल अमेज़न के इस कार्यक्रम से जुड़ करके आपको ऐसे ही बहुत सारे चीजों पर काम करना होता है। जैसे कि डुप्लीकेट सामान का पता लगाना, उत्पाद की जानकारी इकट्ठा करना, सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना, सोशल मीडिया पर प्रमोशन और पुराने पोस्ट इत्यादि ओं को हटाना आदि कार्य शामिल हो सकता है।

इन सभी कार्यों को करने के लिए अमेज़न अपने रजिस्टर्ड मेंबर को पैसे भी देती है जिससे एक हद तक अच्छी खासी कमाई हो जाती है। अगर आप भी ऐसे ही कार्य में रुचि रखते हैं तो आप अमेजन के इस प्रोग्राम से जुड़ सकते हैं।

5. Amazon Delivery से जुड़ कर के

भारत में हर दिन लाखों लोग ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से कुछ ना कुछ खरीदते रहते हैं। भारत में देखा जाए तो ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड बढ़ता ही जा रहा है। उसकी बड़ी यह बचाया है कि आप बस अपने स्मार्टफोन पर एक बटन दबाइए और आपके घर सामान की डिलीवरी हो जाती है। जब से लोगों के हाथ में ही स्मार्ट फोन आया है तब से उनका काम भी बहुत आसान हो गया है। Amazon से पैसा कैसे कमाए?

ऐसे में लोग अपने घर बैठे ही कई सारी शॉपिंग करते हैं। और जैसे-जैसे डिजिटल मार्केटिंग पूरी दुनिया में फेमस होता जा रहा है इसके बारे में आपको तो पता ही होगा, जब भी कोई नया प्रोडक्ट ऑनलाइन लांच किया जाता है तो उसकी बुकिंग पहले से ही शुरू हो जाती है।

एक सर्वे के मुताबिक भारत में कुल आबादी का 60% लोग अधिकतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं ऐसे में आप किस तरह से कमा पाएंगे यह साफ साफ झलकता है। आप अमेज़न के द्वारा अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। अमेजॉन दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में से एक गिना जाता है और अमेज़न का अपना खुद का delivery system है, amazon Transport service, इसके अलावा अमेज़न में विभिन्न स्थानों पर डिलीवरी के लिए छोटे और बड़े लॉजिस्टिक और कुरियर कंपनियां के साथ समझौता किया हुआ है। अमेजॉन हर क्षेत्र में अपने सामान की डिलीवरी करवाना चाहता है इसके लिए वह नए-नए डीलर्स को तलाश ता रहता है, जो अपने क्षेत्र में प्रोडक्ट डिलीवरी कर सके। Amazon से पैसा कैसे कमाए?

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Domain क्या है? और कैसे खरीदें? What is domain in Hindi

आज के हमारे इस आर्टिकल में मैं आपको यह बताऊंगा भी डोमेन नेम क्या होता है? What is domain in Hindi  आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए डोमेन नेम कैसे खरीद सकते हैं? एक ब्रांडेड डोमेन नेम आप किस तरह से रजिस्टर कर सकते हैं?

अगर आप अपने लिए ब्लॉग या वेबसाइट बनाना चाहते हैं तो आपके मन में यह जरूर ख्याल आया होगा कि मैं इसकी शुरुआत कैसे करूं? और आप ने सबसे पहले डोमेन नेम खरीदने के बारे में सोचा होगा? हमें वेबसाइट बनाने के लिए सबसे पहले डोमेन नेम के बारे में कुछ जानकारी होना बहुत जरूरी है? जैसे कि domain नेम क्या होता है? डोमेन नेम का इस्तेमाल किस लिए होता है? ऐसे ही कई सारे सवालों के जवाब आज आपको हमारे इस पोस्ट में मिल जाएगा।

डोमेन नेम क्या है? What is Domain Name?

कोई भी वेबसाइट बनाने के लिए सबसे पहले आपको डोमेन नेम की आवश्यकता होती है। उदाहरण के तौर पर आप हमारा डोमेन नाम ही ले लीजिए। जैसे कि नीचे दिखाया गया है। What is domain in Hindi

ऊपर दिए गए वेब एड्रेस में facttechno.in हमारे वेबसाइट का डोमेन नेम है। अगर गूगल सर्च भारत और आप यह लिख कर के टाइप करते हैं तो सीधे आप हमारे वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे। आप यू समझ सकते हैं कि डोमेन नेम किसी भी वेबसाइट के लिए बहुत जरूरी होता है क्योंकि वह एक तरीका से उसका पता होता है। ठीक उसी तरह अगर कोई आपका घर का पता पूछता है तो आप उसे लोकेशन के हिसाब से बताते हैं तो ठीक उसी लोकेशन के हिसाब से वह आपके घर पहुंच जाता है। ठीक उसी तरह डोमेन नेम आपके वेबसाइट का पता होता है, अगर कोई भी व्यक्ति सर्च इंजन पर आपका डोमेन नेम हो जाएगा तो सीधे आपके वेबसाइट तक पहुंच जाएगा। डोमेन ना बहुत सारे एक्सटेंशन के साथ उपलब्ध रहता है जिसे आप जमीन बेचने वाली कंपनियों से खरीद सकते हैं जिनके उदाहरण हमने नीचे दिया है। What is domain in Hindi

  1. .com
  2. .Org
  3. .Uk
  4. .Cu
  5. .Govt
  6. .In
  7. .Get
  8. .Edu
  9. .Mil
  10. .Co.in
  11. .Info
  12. .xyz
  13. .Co
  14. .Biz
  15. .Net, etc.

यह सारे डोमेन के Extension कहलाते हैं। और भी बहुत सारे डोमेन एक्सटेंशन है आप कोई भी अपनी पसंद का डोमेन खरीद सकते हैं। हम आपको यह समझ में आ गया होगा कि डोमेन नेम क्या होता है? लेकिन किसी भी डोमेन नेम को बढ़िया से समझने के लिए आपको उसके अंदर छिपे हुए कुछ तकनीकी चीजों को भी जानना जरूरी है जैसा कि हमने नीचे बताया है।

Domain Name या DNS [Domain Naming System]

एक ऐसा नाम करण है जिससे हम किसी वेबसाइट को इंटरनेट में खोज पाते हैं या दूसरे शब्दों में कहें तो identify कर सकते हैं। किसी भी वेबसाइट की बात करें तो सभी बैकग्राउंड में किसी ना किसी IP Address से जुड़े हुए होते हैं। Ip Address, internet portocol address होती है। या एकदुम रिकल एड्रेस होता है जो ब्राउज़र को बताता है कि इंटरनेट में कहां वह वेबसाइट मौजूद है। आसान शब्दों में कहें तो हम इंसान को आसान से समझ में आने वाली भाषा या शब्द ही याद रहती है, उसी तरह सारे वेबसाइट का भी एक नाम होता है। तो अब आप सोच रहे होंगे कि डोमेन नेम व आसान नाम है जिससे कि हम याद रख सकते हैं किसी आईपी एड्रेस के मुकाबले या एक human readable version है।

Domain Name की मदद से हम 1 या उससे भी ज्यादा ip-address को ढूंढ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन गूगल सैकड़ों आईपी एड्रेस को रेफर करता है। डोमेन नेम का इस्तेमाल url मैं भी होता है किसी पर्टिकुलर वेब पेज को खोजने के लिए।

उदाहरण के तौर पर आप यूं समझे www.facttechno.in/about हमारा वेब एड्रेस है, जिसमें से facttechno.in हमारा डोमेन नाम।

ऊपर की दी गई तस्वीर से आपको यह समझ में आ गया होगा, की डोमेन नाम किस तरह से Server में host या store रहता है। server के IP address को point किया हुआ होता है। जब भी कोई डोमेन को सर्च इंजन पर खोजता है, पॉइंट क्या हुआ ip-address उसे कुछ वेबसाइट तक पहुंचा देता है। What is domain in Hindi

blogspot मैं फ्री ब्लॉग कैसे बना सकते हैं यह जाने के लिए यहां क्लिक करके पढ़ें

Domain Name कैसे खरीदें?

अगर आप खुद के लिए या ने वेबसाइट के लिए, या फिर आप अपने बिजनेस के लिए वेबसाइट बनाना चाहते हैं इसके लिए आपको डोमेन नेम की आवश्यकता पड़ेगी। आप डोमेन नेम किसकी बढ़िया डोमेन नेम सर्विस प्रोवाइडर से डोमेन खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको सर्विस प्रोवाइडर के वेबसाइट पर रजिस्टर करना होता है। आप अपने बिजनेस से संबंधित नाम चुन करके एक डोमेन की लिस्ट तैयार कर सकते हैं और डोमेन नेम खरीद सकते हैं। हमने नीचे डोमेन सर्विस प्रोवाइडर की लिस्ट दी है जिनकी ऑफिशल वेबसाइट पर आप जाकर के डोमेन फेंक सकते हैं।

●Bigrock

●GoDaddy

●Namecheap

●ipage ,etc

स्मार्टफोन की मदद से आप किस तरह से अपने लिए वर्डप्रेस वेबसाइट बना सकते हो यह जानने के लिए आप यहां पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं

डोमेन नेम खरीदने से पहले किन किन बातों को ध्यान में रखें?

1. जब भी आप अपने लिए डोमेन नेम खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो ऐसा डोमेन नेम खरीदें जो छोटा हो और याद रखने में आसान हो।

2. ऐसा माना जाता है कि डोमेन नाम 10 अक्षरों के अंदर है तो उसे लिखने और बोलने में आसानी होती है।

3. किसी दूसरे से मिलता जुलता डोमेन नेम ना हो और तो काफी यूनिक हो जिससे आप उसे एक ब्रांड के रूप में बना सके।

4. आप जब भी डोमेन नाम कर दें तो उसमें स्पेशल करैक्टर जैसे कि @,$, 1 , hyphen and numbers इत्यादि ना हो।

5. आप जब भी अपने लिए डोमेन रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आप हमेशा टॉप लेवल डोमेन Top level Domain ही खरीदें।

और अंत में मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि आप जब भी अपने लिए डोमेन खरीदते हैं तो इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपका डोमेन छोटा और याद रखने लायक आसान होना चाहिए, क्योंकि या तकनीकी रूप से आपके IP address, Protocol का नाम होता है जिसे इंसान आसानी से याद करके रख सकता है।

अपने वेबसाइट को बेच करके लाखों रुपए कैसे कमाए यह जानने के लिए आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं

website और blog के लिए DMCA Protection badge कैसे लगाएं यह जानने के लिए यहां पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं

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How to Apply for Mudra Loan – मुद्रा लोन के लिए कैसे आवेदन दे?

देश में छोटे एवं मध्यम आकार के घरेलू बिजनेस को फाइनेंस करने के लिए और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना यानी PMMY की शुरुआत की थी। How to Apply for Mudra Loan – मुद्रा लोन के लिए कैसे आवेदन दे?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य था कि छोटे एवं मध्य आकार के व्यवसाय को लाभ पहुंचाया जा सके। इस योजना के तहत ऐसे व्यवसाई जो लघु उद्योग या छोटे उद्योग से जुड़े हुए हैं उन्हें इस योजना के अंतर्गत ऋण मुहैया करवा करके उनके बिजनेस को मजबूती प्रदान करना था। साथ ही साथ इसका मुख्य उद्देश्य Business world मैं महिलाओं को सशक्त और उनका योगदान को बढ़ावा देने का है।

जो भी व्यक्ति बिजनेस शुरू करना चाहता है या फिर अपने वर्तमान के बिजनेस को और बढ़ाना चाहता है उसे मुद्रा योजना के तहत लोन दिया जाता है। यह मुद्रा लोन Micro Units Development Refinance Agency यानी कि MUDRA योजना के अंतर्गत ₹2000000 तक का बिजनेस लोन प्राप्त किया जा सकता है।

MUDRA Yojana की खास बातें

● मुद्रा योजना के अंतर्गत आपको बिना किसी क्रांति के लोन प्रदान किया जाता है।

● लोन प्रदान करने के लिए बैंक द्वारा किसी भी तरह की प्रोसेसिंग फी की वसूली नहीं की जाती।

● लोन का पुनः भुगतान अवधि को 5 वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।

● working capital के लिए लोन को आपको सीसी अकाउंट के माध्यम से मुद्रा कार्ड के द्वारा प्रदान किया जाता है।

मुद्रा लोन लेने के लिए योग्यता

कोई भी भारतीय नागरिक या फॉर्म जो खेती छोड़ कर के किसी भी अन्य प्रकार के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और एक नया व्यवसाय या वर्तमान व्यवसाई को बढ़ाना चाहते हैं व्यापारी 20 लाख तक की अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मुद्रा योजना के तहत लोन ले सकते हैं।

मुद्रा लोन के लिए आप कैसे अप्लाई कर सकते हैं?

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन लेने के लिए कोई जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। मुद्रा योजना के तहत 3 तरह के लोन मिलते हैं। जिनके लिए अलग-अलग दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है आमतौर पर मुद्रा लोन वेंडर, ट्रेडर, दुकानदार और अन्य कारोबारियों के लिए दिया जाता है।

देश में कुल 27 सरकारी बैंक, निजी क्षेत्र के 17 बैंक, 31 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 4 सहकारी बैंक, 36 माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं, 25 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां को मुद्रा लोन बांटने के लिए अधिकृत किया गया है। मुद्रा लोन लेने के लिए आप अपने नजदीकी बैंक जहां पर आपका खाता मौजूद है वहां पर आप अप्लाई कर सकते हैं।

मुद्रा लोन के प्रकार

1. शिशु ऋण – मुद्रा योजना के शिशु ऋण के तहत ₹50000 तक का लोन दिया जाता है।

2. किशोर लोन – किशोर लोन के तहत मुद्रा योजना में ₹50000 से लेकर ₹500000 तक का लोन दिया जाता है।

3. तरुण लोन – तरुण ऋण के तहत मुद्रा योजना में ₹500000 से लेकर के ₹2000000 तक का ऋण दिया जाता है।

मुद्रा योजना के तहत कम से कम 60% ऋण, शिशु ऋण के रूप में दिया जाता है।

मुद्रा लोन लेने के लिए फॉर्म के साथ लगाए जाने वाले दस्तावेज

1. दो फोटो

2. पहचान का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र के रूप में निम्नलिखित संबंधित दस्तावेजों को आप जमा कर सकते हैं। दस्तावेजों में किसी एक की फोटो कॉपी आपको जमा करनी पड़ती है जिसमें आपका हस्ताक्षर भी होता है। मतदान पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट इत्यादि।

3. स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, निवास संबंधी प्रमाण पत्र यानी कि आपके पते का प्रमाण के रूप में आपको सर्टिफिकेट जमा करना होता है इसके तहत आप निम्नलिखित दस्तावेजों को जमा कर सकते हैं। टेलिफोन बिल, बिजली बिल, संपत्ति कर रसीद, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैंक का 3 महीने का स्टेटमेंट, इत्यादि।

4. आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट, अगर आप अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति मैं आते हैं तो उसका प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी भी जमा कर सकते हैं।

5. कारोबार का पहचान व पते का प्रमाण, अपने कारोबार से संबंधित लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या अन्य कोई दस्तावेज जमा करना होगा। यह उस बात का प्रमाण है कि आप उस बिजनेस के मालिक हैं।

6. कोटेशन मशीनरी या सामान की आपूर्ति के लिए, अगर आप बिजनेस बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन ले रहे हैं तो इसे कोटेशन में आप सब मान्या मशीनरी खरीदने की लागत आदि को दिखा सकते हैं।

7. आपूर्ति करने वाले का नाम, मशीन या सम्मान का विवरण, कारोबार बढ़ाने या नया कारोबार शुरू करने के लिए आपको मशीन या कच्चे माल आदि की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आप सामान किससे खरीद रहे हैं और किस कीमत पर खरीद रहा है इस बारे में बैंक को बताना पड़ता है।

मुद्रा लोन के अंतर्गत ब्याज दरें

मुद्रा योजना के अंतर्गत कोई निश्चित ब्याज दर सरकार द्वारा निर्धारित नहीं की गई है।

मुद्रा ऋण में ब्याज दर अलग-अलग बैंकों की कार्यप्रणाली और आवेदक के बिजनेस रिस्क के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। सामान्यता सभी बैंकों में मुद्रा ऋण की ब्याज दरें 12% प्रति वर्ष के आसपास होती है। इसमें एक बड़ी बात यह है कि मुद्रा योजना में सरकार की तरफ से किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं दी जाती। अगर आप एक आवेदक है और आपने सरकार की दूसरी योजनाओं के अंतर्गत जैसे की सुकन्या योजना में सब्सिडी के लिए आवेदन किया है जिसमें सरकार कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है तो उस सब्सिडी को मुद्रा लोन से लिंक किया जा सकता है।

मुद्रा लोन के लिए एप्लीकेशन फॉर्म

मुद्रा लोन के लिए आप एप्लीकेशन फॉर्म बैंक से प्राप्त कर सकते हो या सीधे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। या फिर आप सीधे गूगल में जाकर के मुद्रा एप्लीकेशन फॉर्म पीडीएफ लिख करके सर्च कर सकते हैं। आपको सर्च रिजल्ट में सारे बैंकों के मुद्रा फॉर्म पीडीएफ में मिल जाएंगे।

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Birsa Munda biography in Hindi बिरसा मुंडा की जीवनी, बिरसा आंदोलन

Birsa Munda biography in Hindi

ऐसा माना जाता है कि भारत में क्रांतिकारी और अंग्रेजो के खिलाफ ब्रिटिश सरकार का विरोध सबसे पहले बिरसा मुंडा द्वारा 1890 के आस-पास शुरू हुआ था। Birsa Munda biography in Hindi

बिरसा आंदोलन उन्नीसवीं सदी के आदिवासी आंदोलन में सर्वाधिक संगठित व व्यापक आंदोलन था जो वर्तमान झारखंड राज्य के खूंटी जिले के दक्षिणी भाग में 1899 से 1900 में हुआ था। इसे मुंडा उलगुलान जिसका हिंदी में शाब्दिक अर्थ होता है मुंडा महा विद्रोह जो सामूहिक भू स्वामित्व व्यवस्था का जमीन और जमींदार या व्यक्तिगत भू स्वामित्व व्यवस्था में परिवर्तन के विरुद्ध इस आंदोलन का उदय और बाद में बसा के धार्मिक राजनीतिक आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था। बिरसा मुंडा आंदोलन सामूहिक भू स्वामित्व व्यवस्था का जमीन दारी या व्यक्तिगत भूस्वामी तत्व व्यवस्था में परिवर्तन की विरोध मैं इस आंदोलन का उदय हुआ और बाद में बिरसा के धार्मिक राजनीतिक आंदोलन के रूप में इसका व्यापक स्वरूप देखा जाता है।

बिरसा मुंडा की जीवनी – Birsa Munda biography in Hindi

बिरसा आंदोलन से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य

★ बिरसा के पिता का नाम – सुगना मुंडा

★ बिरसा की माता का नाम- कदमी मुंडा

★ बिरसा मुंडा का नामकरण- बिरसा मुंडा का नामकरण बिरसा मुंडा इसलिए रखा गया क्योंकि बृहस्पतिवार के दिन जन्म लेने के कारण बिरसा नाम रखा गया।

★ बिरसा मुंडा का बचपन का नाम – बिरसा मुंडा का बचपन का नाम दाऊद मुंडा था

★ विरसा के सबसे बड़े भाई का नाम – कौनता मुंडा था

★ बिरसा के आरंभिक शिक्षक का नाम जयपाल नाग था

★ विरसा के धार्मिक गुरु का नाम आनंद पंडा/ पांडे बंद कहां के जमींदार जगमोहन सिंह का मुंशी एवं वैष्णवी धर्म को मानने वाला था।

बिरसा मुंडा के प्रमुख विचार एवं सूत्र

● अनेक देवी देवताओं के अस्थान पर सिर्फ सिंह बंगा की आराधना करना

● उपासना के लिए मंदिर जाना आवश्यक नहीं उपासना के लिए सबसे उपयुक्त स्थल के रूप में गांव के सरना को मान्यता

● हिंसा का परित्याग व पशु बलि का निषेध

● हड़िया समेत सभी प्रकार के मध्य पान का निषेध

● जनेऊ धारण करना

★ विरसाइत धर्म – बिरसा मुंडा द्वारा प्रतिपादित या धर्म वास्तव में या मुंडा जाति की धार्मिक भावनाओं के साथ हिंदू धर्म एवं ईसाई धर्म के तत्वों का मिश्रण था।

बिरसा मुंडा की जीवनी – Birsa Munda biography in Hindi

विरसा आभा, बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर, 1875 ई मैं झारखंड राज्य के रांची जिले के खूंटी अनुमंडल के तमाड़ थाना अंतर्गत उलीहातू गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सुगना मुंडा था, बाद में उनका संपूर्ण परिवार चलकद गांव में जाकर बस गया यह गांव बाद में जाकर विरसा मुंडा के अनुयायियों के तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाने लगा। बिरसा मुंडा ने ईसाई धर्म प्रचारकों से शिक्षा ग्रहण की तथा इसके बाद उन पर वैष्णवी संप्रदाय का प्रभाव पड़ा और उनसे भी उन्होंने कुछ शिक्षा ग्रहण की। Birsa Munda biography in Hindi

1893-94 मैं बरसाने वन विभाग द्वारा ग्राम की बंजर जमीनों को अधिकृत करने के विरोध में आंदोलन में भाग लिया परंतु इस आंदोलन में वह मुंडा जनजाति को संगठित नहीं कर पाए, अगस्त 1895 में उसने एक नया धर्म सिंह बोंगा धर्म को शुरू किया जिससे वे धार्मिक स्तर पर लोगों को संगठित करना आरंभ कर दिया। उसने अनेक देवी-देवताओं को छोड़कर एक देवता सिंह बोंगा की आराधना करने का संदेश दिया। दूसरे शब्दों में एक ईश्वर बाद आत्मा शुद्ध हेतु उच्च स्तरीय नैतिक गुण विकसित करने के लिए कुछ सिद्धांत प्रस्तुत किए। साथ ही में उसने अपने आप को सिंह बोंगा का दूत घोषित किया और वह इस धर्म के प्रचार प्रसार में लग गए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिंह बोंगा ने उन्हें किसी को निरोग करने की चमत्कारी शक्ति भी प्रदान की है। जिससे कि वे अनुयायियों को आवेद बना देंगे और शत्रुओं की बंदूक की गोलियों को पानी बना देंगे।

तत्कालीन परिस्थितियों एवं विभिन्न धर्मों के संपर्क नहीं बिरसा को भगवान बनाने में सहायता पहुंचाई, हजारों आदिवासी उसे देखने सुनने आने लगे। उसने अपने अनुयायियों को तीर और तलवार चलाने की शिक्षा की व्यवस्था भी की, अपने एक अनुयाई गया मुंडा को प्रशिक्षण का कार्य सौंपा तथा उसे सेना अध्यक्ष बनाया। बिरसा मुंडा ने बहुत ही जल्द लगभग 6000 समर्पित मुंडा ओं का दल तैयार कर लिया था। विरसा नेता बन गया और धार्मिक आंदोलन जल्दी खेती हारी मजदूरी के राजनीतिक आंदोलन में बदल गया। बिरसा मुंडा ने यह प्रचार किया कि जो भी मुंडा उनका साथ ना देंगे उनका नाश हो जाएगा। उसने ऐलान किया- अबुआ राज एटेजाना, महारानी राज टुंडू , यह मुंडारी में कहा गया उनका शब्द है। इसका हिंदी अर्थ यह होता है कि हम लोगों का राज शुरू हो गया है, और महारानी विक्टोरिया का राज समाप्त हो जाएगा।

इसके साथ ही बिरसा मुंडा ने अपने अनुयायियों को लगाना देने का भी आदेश दिया। Birsa Munda biography in Hindi

बिरसा आंदोलन के उद्देश्य

आर्थिक उद्देश्य – सभी बाहरी तथा विदेशी तत्वों को बाहर निकालना विशेषकर मुंडा ओं की जमीन हथियाने वाले जमींदारों को भगाना एवं जमीन को मुंडा ओं के हाथ में वापस लाना।

राजनीतिक उद्देश्य- अंग्रेजों के राजनीतिक प्रभुत्व को समाप्त करना तथा स्वतंत्र मुंडा राजकीय स्थापना करना।

धार्मिक उद्देश- ईसाई धर्म का विरोध करना तथा ईसाई बन गए असंतुष्ट मुंडा ओं को अपने धर्म में वापस लाना।

बिरसा मुंडा एक ऐसे आदर्श और न्याय पूर्ण समाज की स्थापना करना चाहते थे जो यूरोपीय और भारतीय शासकों से मुक्त हो। 1895 के अंत में बिरसा को ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध यंत्र रचने के आरोप में 2 साल के लिए जेल भेज दिया गया। महारानी विक्टोरिया के शासन की हर एक जयंती के उपलक्ष में 30 नवंबर 1897 ई को बिरसा को हजारीबाग जेल से रिहा कर दिया गया रिहा होने के बाद उसके नेतृत्व को मुंडा राजनीति और जनजाति व सामाजिक स्वीकृति मिल गई। इसलिए उन्होंने और अधिक उत्साह के साथ अपनी गतिविधियों को और तेज कर दिया। विरसा गांव-गांव घूमकर मुंडा को हथियार बंद करने लगा खूंटी बिरसा के सैनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। 1899 ई मैं क्रिसमस की पूर्व संध्या यानी कि 24 दिसंबर के दिन बिरसा मुंडा जाति का शासन स्थापित करने के लिए बिरसा मुंडा द्वारा विद्रोह का ऐलान कर दिया गया था। उसने इसके लिए ठेकेदारों, जागीरदारों, राजा, हकीमा और ईसाईयों का कत्ल करने का भी आह्वान किया। बिरसा मुंडा ने यह घोषणा करवाई की – ‘दिकू से अब हमारी लड़ाई होगी और उनके खून से जमीन इस तरह लाल होगी जैसे कि लाल झंडा’

इसके बाद क्या था उनके अनुयायियों ने अपने परम पारीक तीर कमान उसे आक्रमक गतिविधियां जारी कर दी और गिरजा घरों में आग लगाना प्रारंभ कर दिया। इस आंदोलन में महिलाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय देश की बड़े-बड़े अखबारों में भी इस बात की काफी चर्चा हुई। Birsa Munda biography in Hindi

बिरसा आंदोलनकारियों के ऊपर दमन

सन उन्नीस सौ के आसपास में आंदोलनकारियों ने पुलिस को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया था। इसके बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा इस पर कार्यवाही की गई और डोम बारी बुरु के पहाड़ों पर आदिवासियों द्वारा युद्ध हुआ। इस युद्ध में कमिश्नर फायरबेस व डिप्टी कमिश्नर स्ट्रीट फील्ड के हाथों आंदोलनकारियों की पराजय हुई।

ब्रिटिश सरकार द्वारा चलाए गए इस कार्यवाही में गया मुंडा इटकी में मारा गया। 3 फरवरी 1900 ई मैं बिरसा मुंडा सिंहभूम में पकड़ा गया। 9 जून 1900 ई को बिरसा मुंडा को रांची जेल में हैजा से मृत्यु हो गई। इसके पश्चात ब्रिटिश सरकार द्वारा लगभग 350 मुंडा आंदोलनकारियों पर मुकदमा चलाए गए जिनमें से तीन को फांसी की सजा और 44 को आजीवन कारावास की सजा तथा 47 को कड़ी सजा दी गई। सजा पाने वाले में मनकी मुंडा जो गया मुंडा की पत्नी थी का नाम उल्लेखनीय है। जिसे 2 साल की कड़ी सजा दी गई। बिरसा आंदोलन को ब्रिटिश सरकार ने पूरी तरह से कुचल दिया था पर आज भी भारत में बिरसा आंदोलन को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के रूप में जाना जाता है। और इस तरह बिरसा आंदोलन का दमन हुआ और भगवान बिरसा अमर हो गए।

बिरसा आंदोलन का परिणाम

हालांकि बिरसा आंदोलन स्वतंत्र मुंडा राजकीय स्थापना करने के लिए विफल साबित हुआ लेकिन 1902 में गुमला एवं 1903 में खूंटी को अनुमंडल के रूप में स्थापना किया गया। इसी के साथ ही 1908 में छोटानागपुर कस्तरी अधिनियम के द्वारा मुंडा ओं को कुछ राहत अवश्य मिली। वर्ष 1908 में पारित किया गया छोटानागपुर कस्तूरी अधिनियम द्वारा खुट खट्टी अधिकारों को पुनर्स्थापित किया गया। इसका परिणाम या देखने के लिए मिला कि बंधुआ मजदूरों पर प्रतिबंध लगाया गया साथ में लगान की दरें भी कम की गई। फादर हॉफ मैन नए 1908 के छोटानागपुर कस्तूरी कानून को मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए किया गया बहुत ही सराहनीय काम बताया है।

हालांकि बहुत सारे लोगों का कहना है कि बिरसा मुंडा एक राष्ट्रवादी नेता के रूप में उभर कर के आए, लेकिन बिरसा मुंडा के आंदोलन को आदिम समाज विरोधी कहने से इंकार नहीं किया जा सकता। मुंडा समाज आज भी उन्हें बिरसा भगवान, धरती आबा, विश्व पिता, आदि शब्दों से संबोधित करता है। बिरसा मुंडा की पवित्र समिति मुंडा ओं के हृदय में बनी हुई है। विरसा की वीरता और बलिदान की गाथा अनेक लोक कथा लोक गीत में अमर बन चुके हैं। वर्तमान समय में भी आदिवासियों में नए युग का प्रेरणा पुंज का कार्य करती है। बिरसा आंदोलन से मुंडा राज्य का सपना भले ही पूरा ना हो सका हो लेकिन विद्रोह की आग अंदर ही अंदर सुलगती रही। यही विद्रोह की आग पृथक झारखंड राज्य बनाने की प्रेरणा बन गई।

ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहली जंग

बिरसा मुंडा बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थे। इसलिए लोगों ने उनके पिता से उनको स्कूल में दाखिला देने की सलाह दी। बिरसा मुंडा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जर्मन स्कूल से की थी। उस दौरान ईसाई स्कूल में प्रवेश लेने के लिए ईसाई धर्म अपनाना जरूरी था। स्कूल में दाखिला लेने के लिए बिरसा मुंडा ने ईसाई धर्म अपनाया, उनका नाम बदल कर के “बिरसा डेविड” रख दिया गया था।

कुछ समय तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने जर्मन मिशन स्कूल छोड़ दिया। क्योंकि बसा के मन में बचपन से ही साहूकारों के साथ ब्रिटिश सरकार के अत्याचारों के खिलाफ विद्रोह की भावना पनप रही थी।

इसके बाद पैसा ने जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ लोगों को जागृत किया तथा आदिवासियों की परंपराओं को जीवित रखने के कई सारे प्रयास किए थे।

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Education Loan क्या है? Education Loan कैसे ले?

Educational Loan kya hai

हमेशा से मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले लोग जब ऊंची पढ़ाई करना चाहते हैं तो उनके सामने सबसे पहला सवाल पैसों का आता है। ऐसे में उनके पास हायर एजुकेशन लेने के लिए बैंक से लोन लेकर के आगे पढ़ने का विकल्प उपलब्ध होता है। ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने बैंक से लोन लेकर के अपनी पढ़ाई पूरी की और सही समय पर रीपेमेंट करके करके अपने एजुकेशन लोन को चुकाना है। अगर आप Educational Loan लोन लेना चाहते हैं।

Educational Loan के लिये कैसे apply करे?

अगर आप होनहार है और उच्च शिक्षा के लिए पैसे की कमी आपके आगे आड़े नहीं आएगी। आजकल सभी बड़े भाइयों आसान शर्तों पर एजुकेशन लोन मुहैया करवाते हैं इसके जरिए आप भी सपनों को पंख लगा सकते हैं।

आपको लोन की किस्त अपना पढ़ाई खत्म होने के बाद 1 साल बाद, या फिर आपकी नौकरी लगने के 6 महीने बाद शुरू करनी होती है। इस लोन को आपको 15 साल में चुकाना पड़ता है।

प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी प्रोग्राम लोन उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रों को ऑनलाइन एजुकेशन लोन प्रदान करती है। प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना या प्रोग्राम के अंतर्गत आप स्कॉलरशिप के लिए भी आवेदन दे सकते हैं। प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के अधिकारिक वेबसाइट पर आपको ज्यादातर हर बैंक के एजुकेशनल लोन के बारे में जानकारी दी गई है। अगर आप एजुकेशन लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन देना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिए एजुकेशन लोन का आवेदन करना होगा और इसके लिए आपको विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है।

इस पोर्टल के जरिए आवेदन करने का फायदा यह है कि आप एक साथ कई बैंकों में अपना एजुकेशन लोन के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके लिए आपको अलग-अलग बैंक में जाकर के एजुकेशन लोन के लिए आवेदन देना नहीं पड़ता।

एजुकेशन लोन (Educational Loan) प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

विद्यालक्ष्मी प्रोग्राम या योजना के अंतर्गत अगर आप आवेदन करना चाहते हैं, तो किसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जिसे हमने एक क्रमबद्ध तरीके से नीचे दिया है।

● इस पोर्टल में वही नाम भरना है आपको जो कि आपके हाई स्कूल के मार्कशीट में दर्ज किया गया है।

● विद्या लक्ष्मी पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करवाते समय आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि आप सही मोबाइल नंबर यहां दर्ज करें।

● विद्या लक्ष्मी पोर्टल में आपको सही-सही ईमेल एड्रेस भी दर्ज करनी होगी, एक बार अगर आपका ईमेल एड्रेस दर्ज हो जाएगा तो उसे दोबारा बदला नहीं जा सकता।

● विद्या लक्ष्मी पोर्टल में सारी जानकारियां आपको ईमेल एड्रेस के जरिए ही भेजी जाती है।

इसके अलावा आप www.incred.com पर भी जाकर के रजिस्ट्रेशन करवाकर के एजुकेशनल लोन ले सकते हैं। यह वेबसाइट पर सरकारी वेबसाइट भी है जो कि एजुकेशन लोन दिलाने में सिंगल विंडो की तरह काम करती है। यह एजुकेशन पोर्टल भी आपको आपके आवेदन एक साथ कई बैंकों तक पहुंचा देती है इसके लिए आपको अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग आवेदन देने की जरूरत नहीं पड़ती।

कितने रुपए तक मिलेगा एजुकेशनल लोन?

अगर आप भारत में ही रहते हुए ऊंची शिक्षा प्राप्त करने के लिए एजुकेशन लोन (Educational Loan) के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक आपको विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत ₹1000000 तक का लोन देती है। अगर वही आप विदेश में जाकर के पढ़ाई करना चाहते हैं तो इसके लिए विद्या लक्ष्मी योजना के अंतर्गत आपको ₹2000000 तक का लोन मिल सकता है।

इस लोन में आपकी फीस के साथ-साथ किताबें खरीदने, हॉस्टल फीस भरने, लाइब्रेरी फीस के लिए भी आप लोन ले सकते हैं। अगर आप सिर्फ ₹400000 तक का लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको बैंक में अपनी तरफ से कोई धनराशि जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन यदि आप ₹400000 से अधिक की राशि बैंक से लोन के रूप में लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको 5% धनराशि मार्जिन के रूप में बैंक में जमा करना पड़ता है।

वहीं अगर आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मार्जिन मनी के रूप में 15% रकम जमा करनी पड़ती है। मार्जिन मनी को आप ऐसे समझ सकते हैं यह वार कम होती है जो किसी भी विद्यार्थियों को एक तरह से डाउन पेमेंट के रूप में बैंक को अदा करना पड़ता है।

₹400000 तक के लोन में किसी तरह की सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पड़ती

अगर आप 400000 या उससे कम रुपए का एजुकेशनल लोन लेना चाहते हैं या उसके लिए आवेदन करने का सोच रहे हैं तो हम आपको यह बता दें कि ₹400000 या उससे कम की राशि पर आपको किसी तरह की सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पड़ती, और ना ही आपको इसके लिए किसी तरह का मार्जिन मनी जमा करना पड़ता है।

लेकिन अगर आप 400000 से लेकर के साडे ₹600000 के बीच में लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको किसी तीसरे व्यक्ति की गारंटी भी देनी होगी। अगर आपकी लोन की राशि साडे ₹600000 से अधिक है तो बैंक आपको कोई संपत्ति बंधक रखने के लिए भी कह सकता है। इसके लिए आप प्रॉपर्टी के कागजात, फिक्स डिपाजिट की राशि, जीवन बीमा का बॉन्ड इत्यादि चीजों को जमा कर सकते हैं। एजुकेशनल लोन के लिए जरूरी बात यह भी है कि इसमें कमाने वाले माता-पिता या अभिभावक को आवेदक भी बनना पड़ता है।

एजुकेशनल लोन लेने के लिए किन किन कागजातों की जरूरत होती है?

अन्य लोन की तरह एजुकेशन लोन लेने के लिए भी आपको कुछ जरूरी कागजातों की जरूरत होती है। अगर आप इससे ऑनलाइन आवेदन द्वारा एजुकेशन लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निम्नलिखित कार्स यादों की जरूरत होगी:-

1. पहचान पत्र

2. फोटोयुक्त पहचान पत्र और फोटोग्राफ

3. स्थानीय प्रमाण पत्र

4. माता पिता का आय का प्रूफ या इसके बदले माता-पिता का इनकम टैक्स आइटीआर

5. 10th या 12th का मार्कशीट

6. जिस संस्थान में आप पढ़ाई करने जा रहे हैं उसका ऐडमिशन लेटर साथी साथ में उस पाठ्यक्रम की अवधि का प्रूफ जमा करना होगा।

7. एजुकेशनल लोन (Educational Loan) लेने के लिए उम्र सीमा 16 वर्ष से लेकर के 35 वर्ष के बीच किसी भी विद्यार्थी को एजुकेशन लोन दिया जा सकता है।

8. एजुकेशनल लोन लेने के लिए छात्र भारत का नागरिक हो, उसने भारत या भारत के बाहर किसी कुछ संस्थान में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो तो उसे आसानी से लोन मिल जाता है।

9. अगर आप किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में नामांकन लेने में सफल हो जाते हैं तो आपको बैंक आसानी से एजुकेशन लोन दे देता है।

10. बैंक किसी भी व्यक्ति को लोन देने से पहले इस बात को सुनिश्चित करता है कि उसकी दी जाने वाली लोन की वसूली सुनिश्चित हो सके। इसलिए लोन ऐसे लोगों को ही दिया जाता है जो इसके पुनर भुगतान की क्षमता रखते हो, या फिर एजुकेशनल लोन का भुगतान छात्र के अभिभावक याने कि माता-पिता, या फिर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र भी इसकी अदायगी की कर सकते हैं।

एजुकेशनल लोन चुकाने की शर्तें

अगर आप एजुकेशनल लोन (Educational Loan) ले लेते हैं तो जब आपका पढ़ाई खत्म होता है तो उसके 6 महीने से 1 साल तक एजुकेशनल लोन चुकाने की छूट देती है। अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो कि आपके पास 6 महीने से लेकर के 1 साल तक का छूट आपको रीपेमेंट करने की छूट मिलती है। एक बार लोन मिलने के बाद आपको हर महीने अपने एजुकेशनल लोन का रीपेमेंट करना पड़ता है। यह अवधि 5 साल से लेकर के 15 साल तक हो सकती है। अगर कोई विद्यार्थी सही समय पर अपना कोर्स पूरा नहीं कर पाता, तो बैंक लोन चुकाने की मियाद 2 साल तक बढ़ा देती है।

एजुकेशनल लोन ऑनलाइन आवेदन की खास बातें

1. देश में शिक्षा के लिए ₹1000000 तक का लोन और विदेश में पढ़ने के लिए ₹2000000 तक का लोन मिलता है

2. एजुकेशन लोन के भुगतान में धारा 80 (E) के तहत आयकर में छूट मिलती है

3. यह आयकर में छूट माता-पिता के आय में शामिल किया जाता है।

4. आप अपनी पसंद के बैंक से लोन लेने के लिए आवेदन दे सकते हैं।

5. ₹400000 या उससे कम तक के लोन में किसी तरह के गारंटर या मार्जिन मनी की आवश्यकता नहीं होती

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