Blog Post Comment किसी भी वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी है?

ब्लॉग पोस्ट कमेंट से भी क्वालिटी बैंकलीन बनाया जा सकता है, इसीलिए किसी भी वेबसाइट के लिए ब्लॉक पोस्ट कमेंट जरूरी होता है। वैसे तो कमेंट करने पर कई बार लिंक का विकल्प नहीं दिखता। और यदि ब्लॉग पोस्ट कमेंट में लिंक डालते हैं तो ब्लॉगर इसे रिमूव कर देता है या कोर्ट में कुछ परिवर्तन करके लिंक दिखने नहीं देता। लेकिन ऐसे कई और भी ब्लॉग और वेबसाइट है जहां पर आप कमेंट करके आसानी से लिंक अप्रूवल करवा सकते हैं।

Blog Post Comment क्या है?

अगर आप एक ब्लॉगर है और आपका एक ब्लॉग है तो आप यह जरूर जानते होंगे ब्लॉग पोस्ट कमेंट क्या है? सभी ब्लॉगर इस चीज को जाते होंगे, जब भी आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर कुछ लिखते हैं और उसे पोस्ट करते हैं तो उसके नीचे कमेंट करने का ऑप्शन अगर आपने ऑन करके रखा है। ब्लॉग आपके ब्लॉग पोस्ट को पढ़कर के उस पर कुछ ना कुछ कमेंट करते हैं। कमेंट करने के साथ-साथ वह अपने ब्लॉग या उस से रिलेटेड किसी चीज का link अपने कमेंट बॉक्स में छोड़ देते हैं।

वेबसाइट ओनर या ब्लॉगर उस कमेंट को देखता है, और अपने ब्लॉग पोस्ट के हिसाब से उससे संबंधित कमेंट को वह अप्रूव भी करता है। कई मामलों में देखा जाता है कि ब्लॉगर इसे भी कर देते हैं। बहुत सारे लोग ब्लॉग पोस्ट पर कमेंट करते हैं करते हैं। ब्लॉग पोस्ट में कमेंट करते वक्त वह अपना एक लिंक वहां छोड़ देते हैं, चलिए हम इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं,

उदाहरण

मान लीजिए कि कोई व्यक्ति आपके वेबसाइट या ब्लॉग पर पहुंचता है और उसे कुछ जानकारी प्राप्त होती है, या फिर उसे आपका लिखा पोस्ट काफी पसंद आता है ऐसे में वह आपके ब्लॉग पोस्ट पर कुछ कमेंट लिखता है, जैसे कि मुझे आपका यह आर्टिकल काफी पसंद आया <a herf=” जो तकनीक“> के बारे में बताई गई है।

यहां हमने अपने ऊपर दिए गए उदाहरण में जो तकनीक शब्द का इस्तेमाल किया गया है जो 2 कोमा के बीच में स्थित है। कोई भी ब्लॉगर जब किसी वेबसाइट पर या ब्लॉक पर कमेंट करता है तो इस तरह से एसडीआरएफ लिंक, पर अपने वेबसाइट या अपने आर्टिकल कर लिंक छोड़ देता है। जिससे आपके ब्लॉग पोस्ट पर आपके वेबसाइट पर एक बैकलिंक उस वेबसाइट के लिए क्रिएट हो जाता है।

इस उदाहरण के जरिए आपको यह तो समझ में आ ही गया होगा कि कोई भी कॉमेंट करने वाला व्यक्ति किस तरह से किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर अपने लिए कमेंट करके क्वालिटी बैकलिंक बना सकता है। लेकिन ज्यादातर मामलों में देखा जाता है कि इस तरह से बनाए गए बैकलिंक को ब्लॉग ऑनर या वेबसाइट ऑनर इतनी जल्दी अप्रूव नहीं करते है। इसलिए ब्लॉक पोस्ट में कमेंट करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स पर कॉमेंट करने के लिए अपना ईमेल एड्रेस और जिस आर्टिकल को आप बैकलिंक बनाना चाहते हो उसका लिंक आप वहां डाल सकते हो। ऐसा करने से आपको अपने पोस्ट और वेबसाइट के लिए बैकलिंक बनाना आसान हो जाता है क्योंकि इससे आपको जल्दी आपके कॉमेंट को अप्रूवल मिलता है।

हमें आशा करते हैं कि आपको याद अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा कि ब्लॉग पोस्ट कमेंट किसी भी वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी है? इसके साथ ही ब्लॉग पोस्ट कमेंट की मदद से आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए एक हाई क्वालिटी बैकलिंक भी बना सकते हैं।

ब्लॉग कमेंट का क्या फायदा है?

ऐसे तो ब्लॉग कॉमेंट के कई फायदे हैं बैकलिंक तो एक छोटा सा फायदा है, वैसे भी अगर आप किसी वेबसाइट पर कमेंट करते हैं तो उससे आपको Nofollow बैक लिंक मिलता है, इस बारे में आपको जानकारी जरूर होगी कि Nofollow बैक लिंक किसी वेबसाइट के लिए उतनी ज्यादा फायदेमंद नहीं होती, लेकिन फिर भी यह बैक लिंक आप के वेबसाइट का रेपुटेशन अच्छा बनाता है।

इसके अलावा अगर आप एक ब्लॉगर है और अपना नेटवर्क बनाना चाहते हो, तो इसके लिए आप ब्लॉग पोस्ट कमेंट करना शुरू कर दीजिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो दूसरे ब्लॉगर आपको पहचानने लगेंगे। इससे आपको यह फायदा मिलता है कि अगर आप उन्हें कांटेक्ट करते हैं तो वह आपको आसानी से पहचान सकते हैं। अगर आप पैसा कमाने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके लिए आपको एक बढ़िया नेटवर्क बनाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। जितना बड़ा आपका नेटवर्क होगा उतना ज्यादा आप पैसा कमा पाएंगे।

ब्लॉग कॉमेंट करके बैंक लिंक बना सकते हैं?

ब्लॉग पोस्ट कमेंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको इससे हाई क्वालिटी बैकलिंक्स मिल जाती है। और कुछ वेबसाइट से आपको नो फॉलो बैकलिंक भी मिलती है। तो कुछ वेबसाइट आपको do follow बैक लिंक देती है।

यह बात सही है कि बैकलिंक जो आपको No follow के रूप में मिलती है, वह आपके ब्लॉग या वेबसाइट के लिए उतनी ज्यादा फायदेमंद नहीं होती लेकिन अगर इंटरनेट की दुनिया में अपना नेटवर्क बनाना चाहता है तो यह आपके लिए और आपके वेबसाइट के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। वहीं अगर आपको ब्लॉक पोस्ट कमेंट से कुछ-कुछ वेबसाइट से dofollow लिंक भी मिल जाता है जो आपके वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाने में काफी मदद करता है। जब आप किसी ब्लॉग या वेबसाइट की शुरुआत करते हैं तो कोई भी पोस्ट सर्च इंजन में ड्राइंग नहीं कर पाता क्योंकि, नाही डोमेन अथॉरिटी होती है और ना ही कोई पेज अथॉरिटी नहीं होता है आपके पास, लेकिन ब्लॉग पोस्ट कमेंट करके आपको कुछ फायदा जरूर मिलता है। कई बार ब्लॉक पर पोस्ट पब्लिश करने के बाद भी आपको बड़े बड़े सर्च इंजन जैसे कि गूगल आदि पर भी आपके पोस्ट को इंडेक्स नहीं करता। इसके लिए या तो आप वेबमास्टर में मैनुअल इंडेक्स कर सकते हैं या जब कुछ बात लिंक मिल जाता है तो थोड़ा कॉलिंग रेट बढ़ जाता है। अगर आपको बैक लिंक मिल जाती है तो आपके पोस्ट भी गूगल और अन्य सोशल सर्च इंजन पर रैंकिंग करना शुरू कर देते हैं।

इससे आपको ट्राफिक भी मिलता है

ब्लॉग पोस्ट कमेंट आपके वेबसाइट ऑफ ब्लॉक की ट्रैफिक बनाने में भी काफी मदद करता है। एक रिसर्च भी पता चला है कि ब्लॉग पोस्ट कमेंट की मदद से आप की वेबसाइट पर कुछ ओर्गानिक ट्राफिक भी आती है, जो आपके वेबसाइट को रैंकिंग और अच्छे रिपीटेशन देता है। इसके लिए आप गूगल एनालिटिक्स में चेक भी कर सकते हैं। किसी भी ब्लॉग पर ट्रैफिक का वादा है जब वहां क्वालिटी कंटेंट पब्लिक किया जाए। जब तक कि किसी भी वेबसाइट पर क्वालिटी कंटेंट पब्लिशर नहीं करते हैं तो कोई यूजर ब्लॉग पोस्ट पर देखते ही वहां से बाहर निकल जाता है। इससे आपकी वेबसाइट की पाउच रेट बढ़ जाती है जिससे लोग ब्लॉग अथॉरिटी कम हो सकती है।

दूसरे ब्लॉगरों के साथ में रिलेशनशिप बनाने में मददगार साबित होती है

जब भी आप किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर कमेंट करते हैं तो कमेंट करने के बाद वह ब्लॉगर या ऑनर के पास अप्रूवल के लिए चला जाता है। इससे यह होता है कि रीडर और ऑनर दोनों को उसके बारे में जानकारी मिलती है। आपका ब्लॉग उन्हें पसंद आया होगा या उसका कंटेंट बेहतरीन होगा आप यह सारी चीजें कमेंट बॉक्स पर लिख सकते हैं जिससे आपको रिलेशनशिप बनाने में, आसानी होती है।

और दोनों के साथ अच्छा रिलेशनशिप भी हो जाएगा और वह आप भी सपोर्ट करेंगे आपको ब्लॉगिंग करने में उनसे बहुत मदद मिलेगी और साथ ही साथ एक अच्छा रिलेशनशिप भी बन जाएगा। अगर आप ब्लॉगिंग से पैसा कमाना चाहते हैं तो यह बहुत ही जरूरी है आपका इस इंटरनेट दुनिया में जितने ज्यादा रिलेशनशिप होगा उतना ज्यादा आपको ज्यादा opurtunity पैसे कमाने के लिए मिलेंगे।

SEO Optimization मैं भी मदद मिलती है

ब्लॉग कमेंटिंग ऑफ पेज (blog commenting off page seo) के अंतर्गत हम बहुत सारे ब्लॉग पर कमेंट करते हैं जिससे हमें बहुत सारे बैकलिंक भी मिलते हैं जैसे कि आपको पता होगा कि हम अपने ब्लॉक के लिए जो ब्लॉक से बाहर काम करते हैं उसे Off page seo कहते हैं।

इसी तरह से जब भी अगर आप किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर जाकर के कमेंट बॉक्स पर Commenting करते हैं तो यह भी यह Off page SEO का भाग है। इससे आपके ब्लॉग को फायदा पहुंचता है।

अगर आप नए ब्लॉगर हैं तो आपका ब्लॉग का प्रमोशन भी हो जाता है।

जब भी आप दूसरे ब्लॉक पर कमेंट करते हैं तो आपको वहां पर अपना नाम, ईमेल और वेबसाइट का लिंक जोड़ना होता है, अगर साधारण शब्दों में कहे तो जब भी आप किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर जाकर के उसके किसी आर्टिकल पर कमेंट करते हैं तो उस दौरान आपको वहां पर आपका नाम, ईमेल एड्रेस, वेबसाइट का लिंक इत्यादि डालना होता है। इसके बाद ही आप वहां पर कमेंट कर पाते हैं।

इससे या एक फायदा होता है कि जब भी कोई बंदा नीचे आर्टिकल में कमेंट को पढ़ने जाता है, और आपके जगह कॉमेंट पर अगर वह प्रतिक्रिया करना चाहता है या फिर आप किस क्षेत्र से संबंधित है या जानने के लिए उस पर क्लिक करता है जिससे वह सीधे आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर पहुंच जाता है। और इस तरह आपके ब्लॉग पर विजिट करते हैं यह सब तभी होगा जब आपका कॉमेंट क्वालिटी कॉर्पोरेट हो।

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क्या आप जानते हैं इन रोचक तथ्य के बारे में

दोस्तों हमारा यह दुनिया बहुत ही रहस्यमई और अजीब गरीब है, और इस दुनिया में बहुत से रोचक तथ्य भी है जिनके बारे में जानना बहुत ही रोचक और मजेदार होता है। हमारे प्रकृति में बहुत कुछ रोचक है आइए जानते हैं कुछ ऐसी रोचक तथ्य के बारे में। क्योंकि यह रोचक तथ्य आपको एक … Read More

“आयुष्मान भारत” योजना के अंतर्गत कई गंभीर बीमारियों की फ्री इलाज, साथ में ₹500000 तक की स्वास्थ्य बीमा योजना

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2018 को की गई थी, जिसकी घोषणा देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी। इस योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मोदी केयर के नाम से भी जाना जाता है।

इस योजना के अंतर्गत ऐसे कई गरीब परिवार के लोगों का इलाज करवाया जा चुका है, जो आर्थिक तंगी और पैसों की कमी से अपना इलाज बड़े और महंगे अस्पतालों में नहीं करवा पाते, इस योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवार और गरीब परिवार के लोगों को मुफ्त इलाज के साथ-साथ ₹500000 तक की बीमा योजना भी प्रदान की जाती है। एक रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 7000000 से भी ज्यादा गरीब परिवारों के बीमार लोगों की इलाज इस योजना के अंतर्गत किया जा चुका है।

इस योजना का लाभ गरीब परिवारों को मिलता है

जैसे कि हमने यह ऊपर बताया है कि इस योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अप्रैल 2018 को शुरू किया गया था, और इस योजना की घोषणा भारत की वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार देश के सभी गरीब परिवारों को ₹500000 तक का स्वास्थ्य बीमा योजना देगी। इसका मतलब यह है कि कोई भी गरीब व्यक्ति जो इस योजना की योग्य है वह किसी भी प्राइवेट व सरकारी अस्पताल में अपना ₹500000 तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है। एक रिपोर्ट की मानें तो अभी तक 7000000 से भी ज्यादा लोगों की इस योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार द्वारा चलाई जा रही है स्वास्थ्य योजना “ आयुष्मान भारत योजना” के तहत 5 दिसंबर 2019 तक 6500000 से भी ज्यादा मरीजों का उपचार हो चुका है और केंद्र ने इस पर ₹9549 करोड़ खर्च किए हैं। अगर आप इसे दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना कहे तो या गलत नहीं होगा।

वही इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनी चौबे ने 10 दिसंबर को राज्यसभा में दी थी। उन्होंने बताया कि अब तक 65,45,733 मरीजों में से 35,34,695 मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में किया गया और इनके इलाज में 6133 करोड़ रुपए खर्च किया गया है।

आयुष्मान भारत योजना क्या है? (What is Ayushman Bharat Yojana?)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अप्रैल 2018 को आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना को जन आरोग्य योजना के नाम से भी जाना जाता है, (Pradhan mantri jan Arogya yojna- PMJAY), या नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (National health Protection scheme) या मोदी केयर (Modi care) के नाम से भी जाना जाता है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवार को सालाना ₹500000 का स्वास्थ्य बीमा योजना उपलब्ध कराती है।

Ayushman Bharat Yojna On-line Registration ( आयुष्मान भारत योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण)

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के 10 करोड़ गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को इस योजना के अंतर्गत लाभ देना है, इस योजना के अंतर्गत उन्हें ₹500000 तक की मुफ्त इलाज सरकारी व निजी अस्पताल में मुहैया करवाया जाता है। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत देश के आर्थिक रूप से कमजोर लगभग 50 करोड़ बीपीएल परिवार को ₹500000 तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना भी है। 2020 में सरकार द्वारा यह भी घोषणा की गई है ऐसे लोग जिनकी वार्षिक आय ₹100000 से लेकर ₹500000 तक के अंदर है उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत शामिल करना है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को सरकार द्वारा चयन किया जाएगा जिसके लिए सरकार ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की है। सरकार द्वारा चुने गए लाभार्थी इस वेबसाइट पर अपना नाम देख सकते हैं। हम अपने नीचे के आर्टिकल में आपको यह बताएंगे कि आप किस तरह से आयुष्मान भारत योजना की सरकारी वेबसाइट पर अपनी सूची चेक कर सकते हैं।

आयुष्मान भारत योजना में अपना नाम कैसे चेक करें?

आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए आप आयुष्मान भारत योजना की अधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर जाकर के अपना नाम खोज सकते हैं। आप इसके लिए सीधे गूगल में जाकर के आयुष्मान भारत सर्च कर सकते हैं। या फिर आप हमारे दिए गए नीचे लिंक पर क्लिक करके सीधे आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके लिए आप नीचे दिए गए वेबसाइट लिंक पर क्लिक करके सीधे उस वेबसाइट पर जा सकते हैं ?

https://mera.pmjay.gov.in/search/login

नीचे दिए गए फोटो में इस तरह का एक वेबसाइट आपके सामने खुलेगा, यहां पर आप अपना मोबाइल नंबर और cptacha जो चीज लिखा होगा उसे वैसा का वैसा वह भरना है।

इसके अलावा इसके नीचे आयुष्मान भारत से संबंधित जानकारी दी गई है। आप उसे भी पढ़ सकते हैं।

इस पेज में पहुंचकर के आपका अपना मोबाइल नंबर डालना होगा, इसके बाद आपको कैप्चा डालना होगा, इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जनरेट होगा, यह ओटीपी नंबर डालना होगा इसके बाद आप अपना राज्य सेलेक्ट कर सकते हैं, उसके बाद आप अपना नाम या जाति श्रेणी में खोज सकते हैं। उसके बाद अपनी डिटेल इंटर करके आप यह खोज सकते हैं।

आयुष्मान भारत हेल्प नंबर

इसके अलावा आप इन नंबरों पर बात करके यह पता कर सकते हैं कि आप आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी है या नहीं। हेल्पलाइन का नंबर है 14555, इस पर आप आयुष्मान भारती योजना की जानकारी ले सकते हैं, इसके अलावा आप प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो 1800111565 पर भी कॉल कर सकते हैं, इस हेल्पलाइन नंबर पर आपको 24×7 सेवा उपलब्ध कराई जाती है।

आयुष्मान भारत योजना की विशेषताएं और लाभ

● इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बीपीएल परिवार की लोगों को सरकार द्वारा ₹5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा योजना दिया जाता है।

● सरकार द्वारा इस योजना का लाभ लगभग 50 करोड़ बीपीएल परिवारों को दिया जाएगा।

● इस योजना के अंतर्गत योग्य अभ्यर्थी सरकार द्वारा चुने गए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ₹500000 तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं।

● इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी के पास में आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड होना अवश्य है।

● यदि किसी व्यक्ति का नाम लाभार्थी सूची में नहीं है और वह इस योजना के योग्य है, और वह व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाना चाहता है तो वह इस योजना के अंतर्गत आयुष्मान मित्र की मदद से अपना पंजीकरण करवा सकता है। इतना ही नहीं वह गोल्डन कार्ड हॉस्पिटल पर भी बनवा सकता है।

● इसी अदा पर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का इलाज करवाया जाएगा जिसमें मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से पहले का खर्च और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद का खर्च भी सरकार द्वारा उठाया जाता है।

● योजना का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थी का आधार कार्ड होना जरूरी है।

● आपके शहर या गांव में किस किस अस्पताल में इस योजना का लाभ दिया जा रहा है यह जानने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

https://hospitals.pmjay.gov.in/Search/empnlWorkFlow.htm?actionFlag=ViewRegisteredHosptlsNew

आयुष्मान भारत योजना से संबंधित नियम एवं शर्तें इस योजना के अंतर्गत कौन शामिल होगा और कौन नहीं?

आयुष्मान योजना का लाभ उठाने के लिए इसके अंतर्गत कुछ मापदंड दिए गए हैं, इसी आधार पर ही पात्र माना जाएगा कील लाभार्थी को आयुष्मान भारत योजना कल लाभ मिल सकेगा या नहीं

● बेघर और निराश्रित लोग जी के पास रहने के लिए अपना कोई घर नहीं है ऐसे लोगों को आसमान भारत योजना के अंतर्गत शामिल किया जाना है।

● गरीबी रेखा से नीचे के लोग जो कूड़ा कचरा और हाथों से मैला ढोने वाले हैं उनको भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

● ऐसे आदिवासी लोग जो जंगलों में और बीहड़ों में रहते हैं।

● उन मजदूरों को भी इसमें शामिल किया गया है जो या तो बंधुआ मजदूर है या फिर उन्हें बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया है।

साधारण आम व्यक्ति के आधार पर आयुष्मान भारत योजना के लिए पात्रता

● ऐसे लोग जो एक घर वाले कच्चे मकान में रहते हैं।

● जिसके घर में 18 से 59 वर्ष की उम्र का कोई पुरुष सदस्य ना हो और महिला सदस्य पर आश्रित हो।

● आशा परिवार जो विकलांगता है या अपंगता से ग्रसित हो जिसमें कोई अन्य विकलांगता रहित व्यस्क व्यक्ति ना हो।

● अनुसूचित जाति या जनजाति के लोग इसके पात्र माने जाएंगे।

● ऐसे परिवार जिसमें 25 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यस्क सदस्य शिक्षित ना हो उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

● ऐसे व्यक्ति या परिवार के लोग जो अपना जीवन मजदूरी करके बिताते हैं और भूमिहीन हैं उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

इलाज के लिए जरूरी है गोल्डन

कार्ड

इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को कैंसर सहित 1300 से भी ज्यादा बीमारियों का मुफ्त इलाज और हर परिवार को ₹500000 तक का बीमा कवर दिया जाता है। अगर आपका नाम इस योजना के अंतर्गत आता है और आप इसका लाभ लेना चाहते हैं तो आपके पास गोल्डन कार्ड होना जरूरी है।

गोल्डन कार्ड आप कहां से बनवा सकते हैं?

अगर आपका नाम आयुष्मान भारत योजना में है और आप गोल्डन कार्ड ले करके इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तू इसके लिए आपको इस योजना में शामिल अस्पताल या जन सेवा केंद्र में संपर्क करना होगा। जहां पर जा करके आप अपने लिए गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इस कार्ड को बनवाने के लिए आपको मात्र ₹30 देने होंगे और साथ में राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर देना होगा।

आयुष्मान भारत में एक नया प्रावधान भी दिया गया है इस नए नियम के तहत इस योजना से जुड़े परिवार में शादी करके आई नई नवेली दुल्हन बहू को मुफ्त सेवा स्वास्थ्य लेने के लिए किसी कार्य डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी। ऐसी महिला अपनी पति का आधार कार्ड दिखाकर सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकेगी, इससे पहले इस लाभ का फायदा उठाने के लिए महिला को अपने शादी का प्रमाण पत्र देना जरूरी होता था। जिसे अब हटा दिया गया है।

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दुनिया के सबसे खतरनाक कीड़े अगर आपका पाला इनसे पड़े तो आप इन्हें देखते साथ भाग जाएं

दुनिया के सबसे खतरनाक कीड़े दोस्तों आप के हिसाब से दुनिया का सबसे खतरनाक जीव कौन हो सकता है? आपके जहन में शेर, चीता, घड़ियाल आदि चीजों का नाम जरूर आ रहा होगा। लेकिन इस दुनिया में ऐसे छोटे जीव भी है जो इन से भी खतरनाक है। क्योंकि इनके काटे जाने से बहुत ही … Read More

Corona Virus क्या है?

What is coronavirus

हाल ही में कोरोना वायरस ने चीन में सैकड़ों लोगों को बीमार बनाया है और साथ ही में कई लोगों की जान इस virus के चलते चली गई है। चीन में कोरोनावायरस के कर्ज मरने वालों की कुल संख्या 212 को पार कर गई है और ऐसे कई लोगों है जो अभी भी कॉरिडोर वायरस से प्रभावित है। दोस्तों आज के हमारे इस आर्टिकल में हम लोग आप लोगों को यह बताने वाले हैं कि कोरोना वायरस क्या है? क्या यह कोई नया तरीका का वायरस है?

कोरोना वायरस क्या है? कोरोना वायरस कहां से आया?

कोरोना वायरस को लेकर के दुनियाभर और हर देश में इसकी चर्चा चल रही है। और आप में से हर कोई या जाना चाहता है कि कोरोनावायरस क्या है? यह वायरस कहां से आया? क्या यह वायरस नया है यह फिर इसने पहले भी इस दुनिया में कई लोगों की जान ली है।

जापान और जर्मनी में पहली बार कोरोना वायरस के कारण लोगों की मौतें हुई है। यानी कि आप यह कह सकते हैं कि कोरोनावायरस का पहला मरीज जापान और जर्मनी में पाया गया था। जापान और जर्मनी मैं ही पहली बार इस विषाणु के मानव से मानव में फैलने की जानकारी मिली थी।

कोरोना वायरस की उत्पत्ति कैसे हुई?

जब भी हम किसी न्यूज़पेपर या सोशल मीडिया पर करना वायरस का जिक्र होता है तो हमारे मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि इस वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई होगी। अगर मेडिकल साइंस की बात करें तो कोरोनावायरस कुछ खास प्रकार के प्रजाति के जानवरों में ही पाया जाता है। इन खास प्रजातियों में से चमगादड़ और सांप शामिल है। जब इंसानों के अंदर पहुंचा तो इसने इंसानों के अंदर भी जीवित रह पाने यानी इंसानी शरीर में ठीक तरीके से पनपने के लिए अपने अंदर रोहतक क्षमता पैदा की।

इस वायरस का नाम क्यों पड़ा कोरोना?

कोई भी समझदार इंसान इस बात को आसानी से समझ सकता है कि जब भी कोई नया वायरस आता है तो वैज्ञानिकों द्वारा उसका एक नाम उसके आकार और उसके आधार पर दिया जाता है। आप इसको समझने के लिए एक उदाहरण ले लीजिए की कोरोना वायरस का नाम कोरोना क्यों पड़ा?

एक उदाहरण के जरिए हम यहां पर आपको यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्यों corona वायरस का नाम कोरोना पड़ा है। जब सूर्य ग्रहण होता है यानी सूर्य ग्रहण के वक्त जब पृथ्वी सूर्य को पूरी तरह से ढक देती है तो गोले के रूप में सूरज दिखना तो बंद हो जाता है लेकिन उसकी किरणें द्वारा हर तरफ फैले रोशनी दिखाई पड़ती है, दूसरे शब्दों में आप इसे इस तरह भी समझ सकते हैं जैसे कि कोई सूरजमुखी के फूल की तरह की संरचना बना जाती है। जो बीच से कली होती है और उसके चारों तरफ नरम किरणों का प्रकाश फैल रहा होता है जैसे सूरजमुखी की पंखुड़ियां होती है। इसी कारण इस वायरस का नाम कोरोना दिया गया है क्योंकि इसकी बनावट कोरोना जैसी ही है। दरअसल आप इसे दूसरे शब्दों में गोल कह सकते हैं इसकी सत्ता पर पृथ्वी के सूर्य ग्रहण के दौरान बनने वाले कोरोना जैसे होती है जो प्रोटीन स्टेज यानी शाखाएं हुई है जो हर दिशा में फैली हुई महसूस होती है।

कोरोना वायरस क्या पहली बार इंसान में फैला गया है?

कोरोना वायरस वायरस का एक बड़ा समूह है। इस तरह का वायरस जानवरों में आम वायरस है। आप यह कह सकते हैं कि यह वायरस नया नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार छोटे से लेकर बड़े लोग को इस virus के चलते अपनी जिंदगी में एक ना एक बार जरूर बीमार न संक्रमित हुए हैं। corona virus को हम लोग दो तरह के वायरस के रूप में विभाजित कर सकते हैं। MERS और SARS या दोनों ही वायरस खतरनाक साबित होते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर कोरोना के दूसरे रूप इतने खतरनाक साबित नहीं होते। इसमें सामान्यता सर्दी जुखाम ही होता है।

नोबेल कोरोना वायरस MERS और SARS

कोरोना virus के आगे नोबल कोरोनावायरस इसलिए जुड़ा क्योंकि या एक नए तरीका का फीचर रखने वाला कोरोना वायरस है। कोरोना वायरस का प्रकोप दुनिया भर में बढ़ रहा है। 27 जनवरी 2020 को चीन से आए 3 लोगों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भारत में कोरोना के तीन मामले देखे गए हैं, इसके चलते भारत में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है। कोरोना वायरस से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क का उपयोग करने और अपने हाथ धोने का सुझाव दिया है।

ऐसा माना जा रहा है कि कोरोनावायरस एक ही परिवार का है जो कि SARS वायरस है। कोरोना वायरस चीन में एक समुद्री भोजन बाजार से जुड़ा हुआ है। कोरोना वायरस के बारे में विस्तार से जानने से पहले हम देखेंगे कि कोरोनावायरस के मामले का पता कहां और कैसे चला था?

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 13 जनवरी 2020 को चीन के बाहर थाईलैंड में यात्रा करने वाला एक चीनी नागरिक को कोरोना वायरस संक्रमण का पहला सबूत मिला था।

कोरोना नोबेल वायरस का पूरा जीनोम चीनी अधिकारियों द्वारा पोस्ट किया गया और इसे सीडीसी स्थित सारांश के अनुसार नोबल कोरोना वायरस 2019 (mCoV-2019) नाम दिया गया।

नोट:- सीडीसी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र है जो वहान शहर और चीन में कोरोना वायरस के कारण होने वाले प्रकोप के ऊपर में निगरानी रख रहा है।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस नीडो वायरस के परिवार से ही संबंधित है। यह विभिन्न प्रकार के वायरस है जो मनुष्य सहित स्तनधारियों के स्वसन पद को प्रभावित करते हैं। करुणा भारत से जुड़े कुछ लक्षण सामान्य सर्दी, निमोनिया, severe acute respiratory syndrome ( SARS), जो आपके स्वास्थ्य था गला को भी प्रभावित करता है।

Middle East Respiratory Syndrome MeRs और Servere acute Respiratory syndrome जैसे सामान्य सर्दी से अधिक गंभीर बीमारियों के लिए कौन सा वायरस बीमार भी एक कारण बन सकती है। छह प्रकार के कोरोनावायरस पाए जाते हैं जो मनुष्य को संक्रमित करते हैं और कई अन्य जो जानवरों को संक्रमित करते हैं।

मनुष्य में कोरोना वायरस के दो प्रकार ज्यादातर प्रभावित कहते हैं और मनुष्य को बीमार बना देते हैं:-

जैसे कि हमने ऊपर बताया है कि कोरोनावायरस के कुल 6 प्रकार होते हैं जिसमें से कुछ कोरोनावायरस मनुष्य को प्रभावित करते हैं तो कुछ जानवरों को, लेकिन दिखा जाता है कि मनुष्य में ज्यादातर दो ही प्रकार के कोरोनावायरस ज्यादा संक्रमण फैलाते हैं।

  • Alpacoronavirus [HcoV-229E, HCoV-NL63]
  • Betacoronavirus [HCoV-HKU1, HCoV-OC43]

यह दोनों कोरोनावायरस गंभीर रूप लेने पर संक्रमण का रूप ले लेती है जो एक मनुष्य दूसरे मनुष्य में फैल सकता है। चीन के युवान शहर में हुए इस संक्रमण में इन्हीं दोनों वायरस ने सबसे ज्यादा लोगों को संक्रमित किया है और इन्हीं के चलते कई सारे लोगों की जान भी गई है।

आम मनुष्य में कोरोनावायरस के सामान्य विषाणु मौजूद रहते हैं जो सामान्य सर्दी, और सामान्य बुखार और हल्के माध्य में स्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह आम कोरोनावायरस 229E, NL63, OC43, और HKU 1 होता है।

कोरोना वायरस के रोग के लक्षण

  • सर दर्द होना
  • नाक का बहना
  • खांसी के साथ साथ जुखाम
  • गले में खराश और बुखार आना
  • शरीर ठीक ना लगना
  • छींक आना
  • तेज अस्थमा
  • थकान

कभी-कभी यह निमोनिया, ब्रोंकाइटिस का कारण भी बनता है, कोरोना वायरस से संक्रमित लोग ऐसे लोग जल्दी संक्रमित हो जाते हैं जिनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कम होती है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग व्यक्ति, बड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।

कोरोनावायरस का उपचार या संक्रमण से आप किस तरह से बच सकते हैं?

कोरोना वायरस फैलने या एक दूसरे से संक्रमित होने से फैलता है इसके लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं।

● नियमित रूप से आप अपना हाथ जरूर धोएं।

● खास ने और चिकने के दौरान आप अपना मुंह और नाक को ढक सकते हैं।

● ठीक से पका हुआ मांस और अंडा का सेवन करें पके हुए मांस खाने पर बीयर संक्रमण फैल सकता है।

● आप समय-समय पर पर्याप्त पानी पिए धूम्रपान और धोने वाले क्षेत्रों से बचें।

● सिर दर्द और बुखार आने पर आप तुरंत उसकी दवा ले ले।

कोरोना वायरस कैसे फैलता है?

कोरोना वायरस एक संक्रमण है, वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी आदमी यहां तक कि जानवर सभी इंसानों में फैल सकता है। कोरोना वायरस निम्नलिखित तरीके से फैल सकता है।

  • खांसते और छींक आना समय समय इसके वायरस हवा में फैल सकते हैं, जिसके चलते हवा से दूसरे व्यक्ति में भी यह संक्रमण हो सकता है।
  • संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने पर भी वायरस फैल सकता है।
  • ऐसी ऐसी सतह या वस्तु के संपर्क पर आना जिसमें संक्रमित वायरस हो अगर आप उसे छू लेते हैं तो उससे भी संक्रमण फैल सकता है।
  • ऐसा भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति अगर कोरोनावायरस से संक्रमित है यदि उसके मल के संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है।

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Mudra Loan online कैसे ले सकते हैं?

दोस्तों अगर आप अपने रोजगार और व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास में एक विकल्प है कि आप बैंक से मुद्रा लोन ले सकते हैं। ऐसे तो हमने मुद्रा लोन के बारे में विस्तृत पूर्वक जानकारी अपने दूसरे आर्टिकल में दी है जिसे आप हमारे नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

मुद्रा लोन के लिए कैसे अप्लाई करें? मुद्रा लोन क्या है?

लेकिन आज के हमारे आर्टिकल में हम लोग आप लोगों को यह बताने वाले हैं कि आप किस तरह से ऑनलाइन मुद्रा लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक और दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। बस आपको ऑनलाइन जाकर के कुछ जानकारियां और आवेदन भरने की जरूरत होती है। और इसके बाद आप मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन दे सकते हैं।

बस इसके बाद बैंक का काम है कि वह आपके एप्लीकेशन के अनुसार आपको बैंक में बुलाकर के आपसे जरूरी दस्तावेज आदि लेता है और आपको मुद्रा लोन प्रदान कर दी जाती है। लेकिन इसके अलावा भी बैंक के कुछ नियम और शर्ते होते हैं। तो आज के हमारे इस आर्टिकल में हम लोग या जानेंगे कि आप किस तरह से मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हो।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया देश की सबसे बड़ी बैंकिंग सुविधा देने वाली बैंक ने ई मुद्रा लोन सुविधा ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। यह सुविधा ऐसे लोगों के लिए शुरू किया गया है जो कि पैसों की तंगी के कारण अपना स्टार्टअप या बिजनेस नहीं शुरू कर पा रहे हैं। यह सुविधा ऐसे स्टूडेंट्स को भी फायदा पहुंचाएगी और महिलाओं को भी इस लोन के कारण काफी मदद मिल सकेगी। गहलोत सरकार की तरफ से दिया जाएगा और इसे सरकारी बैंक से ही ले सकेंगे जैसे कि एसबीआई जैसे प्रमुख बैंक।

SBI ई- मुद्रा (SBI E-MUDRA) emudra.sbi.co.in

कौन ले सकता है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मुद्रा लोन

मुद्रा लोन लेने के लिए, या फिर मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको निम्नलिखित मानक को पूरे करने चाहिए

  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए
  • व्यक्ति भारत का निवासी हो
  • आवेदक का स्टेट बैंक में अकाउंट होना चाहिए
  • आवेदक 6 महीने तक अपने बैंक अकाउंट पर ट्रांजिशन किया हुआ होना चाहिए
  • बैंक के मानकों पर खरा उतरना चाहिए
  • जिस बैंक में उसका खाता है उस बैंक से उसका आधार लिंग होना चाहिए। इसके साथ-साथ मोबाइल नंबर लिंक होना भी आवश्यक है।
  • अगर आप किसी दूसरे बैंक से मुद्रा लोन लेना चाहते हैं तो वहां पर भी आपका खाता होना चाहिए तथा उस बैंक से आपका आधार लिंक होना चाहिए।

लेकिन हम लोग आज के हमारे इस आर्टिकल में आप लोगों को यह बताएंगे कि आप किस तरह से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन दे सकते हैं। आज के हमारे इस आर्टिकल में हम लोग यह जानेंगे कि आप कैसे आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं।

SBI मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? How to Apply for SBI E-Mudra Loan 2020- 2021

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मुद्रा लोन लेने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता है। आप लोग ऑनलाइन आवेदन कैसे करेंगे , इसके लिए हमने यहां पर step by step प्रक्रिया बताई है, जिसे आप फॉलो करके आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Step 1

● सबसे पहले आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ई- मुद्रा पोर्टल पर जाना होगा। इसके लिए आप अपने वेबसाइट के ब्राउजर या गूगल पर जाकर के एसबीआई मुद्रा लिखकर के सर्च कर सकते हैं।। या फिर आप सीधे हमारे द्वारा दिए गए लिंक पर क्लिक करके वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं।

https://emudra.sbi.co.in:8044/emudra

● यहां पर आपके सामने कुछ इस तरह का पेज खुलेगा।

● नीचे में आपको जारी रखें या फिर Proceed का button दिखेगा उस पर आपको क्लिक करना है।

Step 2

● इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां पर आपको एसबीआई द्वारा नियम और शर्तें दिखाई गई है जैसे कि हमने नीचे दिया है।

एसबीआई ई-मुद्रा एप्लीकेशन का उपयोग करने हेतु निर्देश

इस चैनल के अंतर्गत आप रुपये 50,000/- तक के मुद्रा लोन का आवेदन कर सकते हैं।

1) लोन एप्लीकेशन केवल एक स्क्रीन की होगी जिस पर कुछ प्रश्न पूछे जाएंगे। आपको तुरंत अपना उत्तर भरना है या उपलब्ध ड्रॉप डाउन मेनू से उत्तर का चयन करना है।

2) सुनिश्चित करें कि आपने सभी स्टेप्स को पढ़ा है तथा आवेदन को पूरी तरह भरा है ताकि आपको कोई परेशानी ना हो तथा जल्द स्वीकृति मिल जाए।

3) ई-मुद्रा एप्लीकेशन फिलहाल ऐसे ग्राहकों के लिए है जिनका एसबीआई में कॉरपोरेट/डिफैंस सैलरी पैकेज, एनआरआई, स्टाफ तथा कृषि जैसी खाता टाइप श्रेणियां छोड़कर बचत / चालू खाता है। कृपया सुनिश्चित करें कि इस एप्लीकेशन का प्रयोग करते समय आपके पास सही खाता संख्या उपलब्ध है।

4) जमा खाता संबंध की अवधि कम से कम 6 माह या उससे अधिक होनी चाहिए।

5) उधारकर्ता की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

6) आधार नंबर (स्वैच्छिक): इस एप्लीकेशन के माध्यम से तत्काल ई-केवाईसी के लिए आधार नंबर की आवश्यकता होगी। ई-केवाईसी के लिए अपना आधार नंबर शेयर करने हेतु आपको सहमति (consent) चैक बॉक्स पर टिक करना होगा। आपके आधार के साथ लिंक किए मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा जिसको एप्लीकेशन में दर्ज कर आप ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

7) यदि आप अपना आधार विवरण शेयर नहीं करना चाहते तो आपके लोन का अनुरोध हमारी शाखा में सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रोसेस किया जाएगा।

8) अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज़ (वैकल्पिक): निम्नलिखित में से किसी एक की स्कैन्ड प्रति / फोटो – क) दुकान एवं स्थापना प्रमाणपत्र, ख) जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, ग) उद्योग आधार, घ) कोई अन्य व्यवसाय रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़। अपलोड किए जा रहे दस्तावेज़ का साइज़ 2एमबी से अधिक नहीं होना चाहिए तथा फाइल केवल PDF, JPEG या PNG फॉर्मेट में होनी चाहिए।

9) व्यवसाय का नाम, व्यवसाय की आरंभ तिथि तथा व्यवसाय का पता: व्यवसाय संबंधी विवरण इनपुट फॉर्म में आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराना अपेक्षित है। इस जानकारी का उपयोग एसबीआई टीम द्वारा आपके व्यावसायिक पते की पुष्टि के लिए किया जाएगा।

10) जाति तथा धर्म संबंधी विवरण: एसबीआई को अपनी क्रेडिट नीति के तहत इस विवरण की आवश्यकता है। जाति संबंधी विवरण – सामान्य/एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक

11) बिक्री विवरण: कृपया बिक्री टर्नओवर के आंकड़े तथा जिस खाते में बिक्री से प्राप्त राशि क्रेडिट होती है, उसका विवरण तैयार रखें (खाता संख्या, बैंक तथा शाखा का नाम)

12) ई-साइन: अपना आधार नंबर देकर आपको एसबीआई ई-मुद्रा की शर्तों को ऑनलाइन स्वीकार करना होगा। ई-साइन के लिए अपना आधार शेयर करने हेतु आपको सहमति (consent) चैक बॉक्स पर टिक करना होगा। आपके आधार के साथ लिंक किए मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा जिसको एप्लीकेशन में दर्ज कर आप ई-साइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

अगर आप यह सारी नियम और शर्तों को पूरा करते हैं तो आप आगे बढ़ सकते हैं।

Step 3

  • इसके बाद अधिकारिक वेबसाइट खुलते ही आपसे सबसे पहले मोबाइल नंबर बाघा जाता है जहां पर आप अपना मोबाइल नंबर डाल सकते हैं।
  • मोबाइल नंबर डालने के बाद आप अपना आधार नंबर और गेट और get OTP पर क्लिक करना है।
  • अब आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा जो आपको दिए गए स्थान पर भरना होगा।

Step 4

  • चौथे स्टेट में आपको अपना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर डालना होगा।
  • इसके बाद आपको लोन राशि डालना होगा जैसे कि आपको बताया गया है कि अधिकतम लोड राशि 50,000 है तो इससे ज्यादा राशि आप नहीं डाल पाएंगे।
  • अगले पेज में आपको अपना पर्सनल डिटेल जैसे कीपैड नंबर, शैक्षणिक योग्यता, हाउस ओनर, मासिक आमदनी, परिवार के सदस्यों की जानकारी, इत्यादि भर करके आपको प्रोसीड पर क्लिक करना होगा।
  • अगले पेज पर आपको अपने बिजनेस रिलेटेड जानकारी मांगी जाएगी।
  • यह सब भरने के बाद आपको अगले पेट में भरी हुई सारी जानकारी दिखाई जाएगी अब सब सही लगे तो टन और कंडीशन बॉक्स को चेक करके proced to sign पर क्लिक कर सकते हैं।
  • अब अगले पेज में आधार वेरिफिकेशन के माध्यम से इस साइन किया जाएगा आपके फोन पर जो ओटीपी आएगा वह और टिपी आप यहां डालकर के साइन इन कर सकते हैं।

  • सारी प्रक्रिया है सही से पूरी हो जाने के बाद आपके पास में एक कन्फर्मेशन मैसेज आएगा जिस पर आपको प्रोसीड पर क्लिक करके आगे बढ़े जाना है। इसके बाद एक नया पेज आपके सामने खुलेगा जिसमें आपको बताया जाएगा कि आपका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है इसका प्रिंट आउट आप निकाल कर के आवश्यक रख ले।

नोट:- दोस्तों अक्सर देखा जाता है कि स्टेट बैंक की आधिकारिक वेबसाइट अधिक ट्रैफिक होने के कारण कभी-कभी धीमी हो जाती है। इस वजह से स्टेट बैंक ने अपने ई मुद्रा लोन डेस्क का वेबसाइट एड्रेस चेंज किया हुआ है। हमने यहां तो जानकारी बताई है या पुराने वेबसाइट पर आधारित थी। नए एसबीआई के वेबसाइट का लिंक हमने नीचे दिया है।

https://emudra.sbi.co.in:8044/emudra/basic-details

इस लिंक पर क्लिक करके डायरेक्ट एसबीआई की वेबसाइट पहुंच सकते हैं।

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