Interesting fact about ISRO – इसरो के बारे में रोचक तथ्य

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ISRO in Hindi :- इसरो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO का हिंदी रूपांतरण नाम है। वही अंग्रेजी में ISRO का फुल फॉर्म होता है, Indian space research organisation इसरो भारत देश का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है। जिसका मुख्यालय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में है। आज हम आपको भारत की अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी ISRO के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताएंगे, जिन्हें पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे

Interesting fact about ISRO in Hindi – इसरो के बारे में रोचक तथ्य

  1. ISRO का फुल फॉर्म है, Indian space research organisation, इसका हेड क्वार्टर बेंगलुरु में स्थित है।
  2. इसरो में लगभग 17000 कर्मचारी एवं विज्ञानिक काम करते हैं।
  3. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अब तक 104 उपग्रह को लांच किया है, इसके अलावा 21 अलग देशों के लिए 79 ने उपग्रह भी लॉन्च किया है।
  4. भारत में इसरो की कुल 13 सेंटर है।
  5. स्वतंत्रता दिवस के दिन साल 1969 में डॉ विक्रम साराभाई ने इसरो की स्थापना की थी।
  6. भूमि पर सेटेलाइट बनने और उसे लांच करने की क्षमता रखने वाले 6 देश (अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान, चीन और भारत) इनमें से भारत भी एक देश है।
  7. इसरो का पहला उपग्रह जिसका नाम आर्यभट्ट था, वह 19 अप्रैल 1975 को रूस की मदद से लांच किया गया था।
  8. अन्य संगठन की तुलना में इसरो में सबसे ज्यादा अविवाहित लोग नौकरी करते हैं।
  9. अगर बाद इसरो की तरक्की की करे तो आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला भारत एकमात्र ऐसा देश है। जबकि अमेरिका 5 बार, सत्संग 8 बार, चीन और रूस भी अपने पहले प्रयास में और असफल रहे थे।
  10. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अमेरिकी की अंतरिक्ष एजेंसी NASA 1 साल में जितने पैसे खर्च करती है,भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो उतने पैसे 40 सालों में खर्च करती है।
  11. इसरो चंद्रयान एक की वजह से ही चांद पर पानी खोजने में कामयाब रहा था।
  12. इसरो ने 2008 – 2009 में चंद्रायण -१ सेटेलाइट लांच किया था जिसका बजट तकरीबन 350 करोड रुपए था यानी कि नासा से 8 से 9 गुना कम था। इसी सेटेलाइट ने चांद पर पानी की खोज की थी।
  13. भारत द्वारा लांच किया गया पहला स्वदेशी उपग्रह SLV -3 था। इस सेटेलाइट के डायरेक्टर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम थे।
  14. साल 1981 में एप्पल सैटेलाइट को बैलगाड़ी पर ले जाया गया था।
  15. इसरो के पहले उपग्रह का नाम आर्यभट्ट था।
  16. पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी का नाम SUPARCO है जो कि 1961 में बनी थी, जबकि इसरो की स्थापना 1969 में की गई थी। इसरो ने अब तक 86 सेटेलाइट लांच किए हैं वहीं पाकिस्तानी अंतरिक्ष एजेंसी केवल दो ही सेटेलाइट लांच कर पाई है, वह भी विदेशी देशों की सहायता से।
  17. आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि इसरो का इंटरनेट स्पीड 91GBps है और वही इसरो की इंटरनेट स्पीड मात्र 2GBps है।
  18. इसरो का बजट केंद्र सरकार के कुल खर्चे का 34% और GDP का 0.0 8% है।
  19. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का प्रक्षेपण यानी PSLVC37 ने श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से एक एकल मिशन में रिकॉर्ड 104 उपग्रह का प्रक्षेपण किया है।

इसरो के बारे में अन्य रोचक जानकारी

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना 1969 में की गई थी। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में 70 दशक प्रयोगात्मक युग था, इस दौरान कई सारे प्रशिक्षण और प्रक्षेपन किए गए थे। इस दौरान आर्यभट्ट, भास्कर, रोहिणी और एप्पल जैसे उपग्रह के कार्यक्रम चलाए गए थे। इन सफल कार्यक्रमों के बाद 80 के दशक पर इनसेट और आईआरएस जैसे उपग्रह कार्यक्रम शुरू किए गए थे जो कि वर्तमान में प्रमुख कार्यक्रम है।

डॉ विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जिनका भारत के विज्ञानिक विकास में अहम योगदान रहा, साल 1962 में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया, जिसमें डॉक्टर सराभाई को सभापति के रूप में नियुक्त किया गया था।

  • जून 2016 तक इस रोल लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 उपग्रह को लॉन्च कर चुका है और इसके द्वारा उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं।
  • इसरो का मिशन मंगलम, दुनिया का सबसे सस्ता मिशन रहा है। इसरो का मंगल मिशन ₹12 प्रति किलोमीटर पड़ा था, जो कि एक ऑटो की किराए के बराबर है।
  • इसरो के वैज्ञानिकों ने मंगला एडमिशन के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी, लेकिन इस मदद के लिए अमेरिका ने इंकार कर दिया था। इसके बाद इसरो के वैज्ञानिकों ने अपने बलबूते पर इस मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था।
  • दुनिया के किसी भी अन्य वैज्ञानिक संगठन के मुकाबले इसरो में कहीं ज्यादा कुंवारे हैं।इसरो में कई विज्ञानिक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक शादी नहीं की है और वह पूरी तरह से अपने इस संगठन को ही समर्पित है।
  • इसरो के द्वारा बनाया गया Bhuvan software, Google Earth का भारतीय रूपांतरण है। इसकी मदद से भारत के किसी भी हिस्से की 3डी तस्वीर इंटरनेट पर देखी जा सकती है।
  • इसरो अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की दिशा में भी काम कर रहा है।इसके लिए एक ऐसा अंतरिक्ष यान बनाया जा रहा है जिस पर अंतरिक्ष यात्री को 7 दिनों तक पृथ्वी की कक्षा में रखने की क्षमता हो।
  • Antrix , इसरो की वाणिज्य विभाग है जो हमारी स्पीच अपनी को दूसरे देशों तक पहुंचाने का काम करती है। Antrix के board of director देश के दो बड़े उद्योगपति रतन टाटा और जमशेद गोदरेज भी शामिल है।
  • इसरो की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका नाम है मिशन आदित्य। इसरो का उद्देश साल 2019- 20 में आदित्य नाम का एक उपग्रह सूर्य की कक्षा में भेजना है।
  • इसरो द्वारा अब तक अंतरिक्ष में उपग्रह को स्थापित करने वाले अभियानों की खास बात यह है कि अभियान बहुत ही कम खर्चे में पूरे किए गए थे।
  • अंतरिक्ष में लगातार बढ़ती उपलब्धियों के बाद अब इसरो शुक्र और बृहस्पति ग्रह पर भी अपना यान भेजने का विचार कर रहा है।

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