दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाह

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दोस्तों दुनिया के इतिहास के पन्नों में ऐसे तानाशाह का भी नाम लिखा गया है जो अपनी क्रूरता के लिए पूरी दुनिया में सबसे खतरनाक और हैवानी शासक माने गया है।

इन शासकों को दुनिया का सबसे क्रूर और हैवानियत की सारी हदें पार कर देने वाले शासकों में से एक माना जाता है। ऐसे शासकों ने अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए ना सिर्फ हर तरीके के नियम कानून को ताक पर रखा, बल्कि दुनिया में मानवता के लिए बड़ा संकट भी साबित हुए। और उनकी तानाशाही और हैवानियत की किस्से आज भी दुनियाभर में बहुत मशहूर है। जिसके चलते आज भी इन्हें दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह का दर्जा दिया गया है।

तो चलिए आज हम अपने इस लेख में ऐसे ही दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाही के बारे में बताने वाले हैं। इन तानाशाह को दुनिया का सबसे क्रूर और खतरनाक थाना सांसों में गिना जाता है।

जोसेफ स्टालिन

जोसेफ स्टालिन सोवियत संघ का नेता था। जिसने 31 साल यानी कि 1922 से लेकर के 1953 तक सोवियत संघ पर राज किया और अपना हुकुम चलाया। सोवियत संघ की कमान संभालने के बाद ही उसने अपने हर एक विरोधी को मौत के घाट उतार दिया था। इनका नाम भी दुनिया के सबसे क्रूर और हैवानियत भरे तानाशाह की लिस्ट में आता है। इस क्रूर तानाशाह ने अपने राज काल के दौरान 2.3 करोड़ लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। स्टालिन ने शीत युद्ध के दौरान रूस को दुनिया का दूसरा परमाणु शक्ति संपन्न देश बना दिया। स्टाइल नेशन 1939 में ग्रेटबाज के नाम पर सेना की मदद से लाखों हत्याएं करवाई थी।

ईदी अमीन

ईदी अमीन, युगांडा मध्य अफ्रिका का शासक हुआ करता था। उसने अपने 8 साल के शासन में साल 1971 से साल 1979 तक अपने देश में राज किया था। इसने अपने शासनकाल में कई लोगों की हत्या करवाई थी। इस चलते ईदी अमीन को युगांडा का कसाई भी कहा जाता है। एक रिपोर्ट की मानें तो उसने अपने एक शासनकाल में 600000 लोगों की मौत और हत्या करवा दी थी। यह क्रूर और सबसे खतरनाक शासक में से एक था, यह इतना गुरूर था कि यह अपने विरोधी लोगों को उनके प्राइवेट पार्ट्स, हाथ पैर, काट करके अपना ही मांस खाने के लिए मजबूर करता था, इतना ही नहीं यह अपने विरोधी केसर को हथौड़ी से फोड़ देने, और बस की चट्टानों पर बिठाने जैसी सजा भी देता था। सजा के बाद मरने वाले लोगों की लाशों को तालाब में फेंक दिया जाता था। या फिर उन्हें मगरमच्छ के मुंह में डाल दिया जाता था, इस के शासन काल में महिलाओं के साथ रेप भी बहुत हुए थे साथ ही में महिलाओं के ऊपर काफी ज्यादा टॉर्चर भी हुआ करता था। ईदी अमीन की 5 पत्नियां और 2 दर्जन से भी ज्यादा बच्चे थे, फिर भी वह सदैव शादी के लिए कम उम्र की लड़कियों की तलाश में रहता था। उसका मानना था कि कोई भी योग्य लड़की युगांडा के महाराज की धर्मपत्नी बनने के लिए तत्पर रहेगी।

एडोल्फ हिटलर

जब भी किसी सबसे क्रूर तानाशाह के बारे में जिक्र आता है तो हर किसी के मन में एडोल्फ हिटलर का नाम सबसे पहले आता है। एडोल्फ हिटलर जर्मनी की राष्ट्रवादी समाज जर्मन कामगार पार्टी का नेता हुआ करता था और उसके शासनकाल में करीब 1.7 करोड़ लोगों की हत्याएं की गई थी।

उसने लाखों यहूदी को जिंदा जला दिया था, उसने यहूदी, ईसाई, महिलाएं और बच्चों तक पर रहम नहीं खाया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि सबसे ज्यादा यूहादी का खून बहाने वाला हिटलर का पहला प्यार यूहदी लड़की थी। मरने से पहले उसने करीब 12 वर्षों तक जर्मनी पर हुकुम चलाया था। उसने जर्मनी पर साल 1933 से लेकर के साल 1945 तक शासन किया था। एडोब हिटलर को द्वितीय विश्व युद्ध के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार माना जाता रहा है।

सद्दाम हुसैन

इनका नाम तो आपने जरूर सुना होगा सद्दाम हुसैन दो दशकों तक साल 1979 से लेकर के साल 2003 तक इराक के राष्ट्रपति रहे थे। इन्होंने सत्ता संभालने के बाद वहां अपने आपको अरब देशों में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में समझने लगे थे। साल 1980 में उसने नई इस्लामिक क्रांति के प्रभाव को कमजोर करने के लिए पश्चिमी ईरान की सीमाओं पर अपनी सेना उतार दी थी। इस युद्ध में लाखों लोगों की जानें चली गई थी।

साल 1982 के दौरान सद्दाम हुसैन के ऊपर हुए आत्मघाती हमले में दू जिला गांव में 148 लोगों की हत्या करवा दी गई थी। अगस्त 1990 में इराक ने कुवैत के तेल के दामों को नीचे गिराने के आरोप लगाकर उसके साथ जंग छेड़ दिया था। साल 1991 आते आते अमेरिकी फौज के दबाव के दखल के बाद इराकी सेना को कुवैत से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। लेकिन इस जग में हजारों इराकी सैनिक मारे गए।

किम जोंग इल

किम जोंग इल अपने पिता किम इल सुंग की मौत के बाद उत्तर कोरिया की सत्ता पाने वाला वह का एक बड़ा तानाशाह बन गया था। उसने साल 1994 से लेकर के 2011 तक अपनी सत्ता में कई मानव अधिकारों का उल्लंघन करते हुए बड़ी संख्या में लोगों की हत्या करवाई थी।

उसके शासनकाल में 300000 से भी ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी के साथ-साथ लाखों कोरियाई नागरिकों को बंदी बनाया गया था, इसके साथ ही साथ उसने अपनी क्रूर नीतियों के कारण कई लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। किम जोंग इल की इस तानाशाही के चलते अमेरिका ने वे साल 2002 में उत्तर कोरिया को एक्सेस ऑफ ईविल घोषित कर दिया था।

बेनिटो मुसोलिनी

बेनिटो मुसोलिनी, आज के स्वतंत्र इटली का एक राजनेता हुआ करता था, जिसने राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया था। इस राजनेता ने इटली पर साल 1922 से लेकर के साल 1943 तक राज किया। उसने 1925 तक निर्धारित तरीके से शासन किया, उसके बाद उसने तानाशाही को अपना लिया साल 1935 में अभीसीनिया पर हमला कर दिया। दूसरे विश्व युद्ध के समय से ही उसने कई हमलों में हार का सामना किया।

उस समय उसे प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उसे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया, उस समय हिटलर ने उसे सहारा देते हुए छुड़वाया था। लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा समय तक सत्तार नहीं संभाल सका और फिर 1945 में मित्र देशों की सेनाओं ने इटली पर हमला किया, जिसमें मुसोलिनी को पकड़कर हिरासत में ले लिया गया, फिर 28 अप्रैल 1945 को उसे सजा-ए-मौत का हुकुम दे दिया गया।

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