How Fast can Human run? मनुष्य कितनी तेजी से दौड़ सकता है?

How Fast can Human run? मनुष्य कितनी तेजी से दौड़ सकता है? यह काफी दिलचस्प सवाल है। जब भी हमारे मन में यह सवाल आता है तो कहीं ना कहीं हमारे दिमाग में दुनिया में सबसे तेज दौड़ने वाले व्यक्ति जमैका के एथलीट यूसेन बोल्ट का नाम आता है।

जिन्होंने बीजिंग में साल 2008 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में 9.20 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड में 100 मीटर स्प्रिंट दौड़ लगाई थी। जो प्रति घंटा लगभग 37.6 किलोमीटर या 23.4 मील प्रति घंटे होता है। स्प्रिंट दौड़ के दौरान एक संक्षिप्त अवधि के लिए बोल्ट एक चौकाने वाला कारनामा करते हैं 12.3 मीटर प्रति सेकंड जो कि 27.51 मील प्रति घंटा या 44.28 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाता है।

उनके इस विश्व रिकॉर्ड को देखने के बाद कई सारे लोगों के मन में यह ख्याल आया कि कोई इतनी तेज कैसे दौड़ सकता है? कई सारे वैज्ञानिक एवं शोधकर्ताओं ने भी यह सवाल खड़े किए की आखिर मनुष्य द्वारा इतनी तेजी से दौड़ा जा सकता है। की, वह अपनी सीमाओं को पार कर दे। आज के हमारे इस लेख में हम यही जानेंगे कि कोई भी मनुष्य अपनी सीमाओं को पार करते हुए कितनी तेजी से दौड़ सकता है। How Fast can Human run? मनुष्य कितनी तेजी से दौड़ सकता है?

How Fast can Human run? मनुष्य कितनी तेजी से दौड़ सकता है?

एक सामान्य व्यक्ति सामान्यता 40 किलोमीटर से लेकर के 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। उसैन बोल्ट जैसे एथलीट इतने यह साबित कर दिखाया है।

साधारण तौर पर कोई भी व्यक्ति अपने फिटनेस, वजन और उसकी जीवनशैली की आदतों के आधार पर उसकी दौड़ने की गति वर्तमान समय पर निर्भर करती है। आज के आधुनिक युग में जहां व्यक्ति आलसी होता जा रहा है , शारीरिक मेहनत बहुत ही कम करता है इस वजह से उसके फिजिकल फिटनेस पर भी काफी असर होता है। यह कुछ कारण है जो जा निर्धारित करते हैं कि कोई भी साधारण व्यक्ति कितनी तेजी से दौड़ सकता है।

वहीं अगर कोई व्यक्ति अपने फिटनेस, वजन और जीवनशैली को संतुलित रखता है। इसी के साथ ही वह हर दिन व्यायाम या एक्सरसाइज करता है। इसका असर उसके मांसपेशियों में भी दिखाई देगा। जिस वजह से वह व्यक्ति अपनी मांसपेशियों की गति के आधार पर उतनी तेजी से दौड़ सकने में सक्षम हो सकता है।

मनुष्य में दौड़ने की गति कितनी

जैसा कि हम पहले ही इस बात पर जिक्र कर चुके हैं कि साधारण व्यक्ति के जीवन शैली जैसे कि वजन, उसका शारीरिक फिटनेस, इत्यादि चीजों पर वर्तमान समय में उसकी दौड़ने की गति निर्भर करती है।

लेकिन, इससे हटकर यदि हम मनुष्य अपनी सीमाओं के पार और कितनी गति से दौड़ सकता है इस बारे में बात करें तो इस पर कई सारे शोध एवं कई सारे परीक्षण किए जा चुके हैं। कई सारे अध्ययन में यह पाया गया है कि हमारे शरीर के जोड़ो द्वारा अवशोषित और पुनर व्यवस्थित बल की मात्रा एवं मसल्स के रिफ्लेक्शन यह निर्धारित करते हैं कि कोई भी व्यक्ति कितनी तेजी से दौड़ सकता है। लेकिन इस अध्ययन को आप पूरी तरह से सच भी नहीं मान सकते हैं।

साल 2010 में, हमारी दौड़ने की गति को लेकर के एक और अध्ययन किया गया। इस अध्ययन के दौरान एक व्यक्ति को ट्रेडमिल पर दौड़ने की अलग-अलग गतिविधि के आधार पर दौड़ाया गया था। जिसके अंतर्गत होपिंग, आगे की तरफ दौड़ (Forward Running) , पीछे की दौड़ (Backward Running) आदि कराई गई थी। इस अध्ययन के दौरान पाया गया कि तेज दौड़ने वाले धावक या स्प्रिंटर के जोड़ों जितनी तेज गति से बल झेलते इतनी तेज गति से कोई भी साधारण इंसान के जोड़ नहीं झेल पाते है।

दक्षिणी मेथाडिस्ट विश्वविद्यालय के एक शोधकर्ता पीटर वायलैंड द्वारा एक शोध किया गया। इस शोध का आधार या था कि कोई भी व्यक्ति सादर अंता दौड़ते समय अपने पैरों का संपर्क जमीन से कितनी देर तक रख सकता है, इस आधार पर उसकी दौड़ने की गति निर्भर करती है।

उनके इस शोध के आधार पर या जानकारी मिलती है कि दुनिया का सबसे तेज दौड़ने वाला व्यक्ति अपने पैर जमीन के संपर्क में आने से सेकंड के 1/10 से भी कम समय रखता है। जिस वजह से जमीन पर लगने वाली Peak Force की अवधि भी वास्तव में आधी हो जाती है।

साधारण तौर पर देखा जाए तो, यह मनुष्य की मांसपेशियों की सिकुड़न की गति को परिभाषित करती है। अगर हम इसे दूसरे शब्दों में समझें तो यह कुछ इस तरह से कार्य करता है जिस तरह से हम गाड़ी चलाते वक्त उसका गेयर बदलते हैं। उनकी क्षमता और जमीन से ऊपर आगे बल लगाने से कोई भी धावक कमाल करते हुए तेज दौड़ने में सक्षम होता है। जमीन पर लगभग 90% प्रभाव बल का उपयोग करके या उत्पन्न बल व्यक्ति को तेज भागने में मदद करती है।

यह सारे किए गए शोध, से यह साफ साफ पता चलता है कि अगर कोई साधारण इंसान भी अपने मांसपेशियों के लिए कसरत करें और अपनी सीमा से पार दौड़ने की कोशिश करे तो साधारण इंसान 28 मील प्रति घंटे की गति को आसानी से पा सकता है। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मनुष्य सैद्धांतिक रूप से 40 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकने में सक्षम है।

आधुनिक युग में दौड़ने की गति

शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अलग-अलग शोध से यह साबित हो गया है कि तेज धावक, या मैराथन दौड़ने वाले धावक, और साधारण दौड़ लगाने वाले धावक की गति में काफी अंतर होती है। जिसका मतलब यह है कि प्रत्येक अलग-अलग धावक प्रति यूनिट की मात्रा में ऊर्जा का उपयोग अलग-अलग करते हैं।

ऐसा करने की क्षमता उनकी मांसपेशियों के फाइबर वितरण, आयु, लिंग और अन्य मानव वंशीय कारकों से प्रभावित होता है। इस वजह से हम यह कह सकते हैं कि किसी भी व्यक्ति की आयु एवं उसकी जीवन शैली उसकी दौड़ने की गति को प्रभावित करते हैं।

किसी भी दौड़ने वाले धावक की गति को अन्य कारकों की निम्नलिखित है प्रभावित करते हैं। जैसे कि जमीन में संपर्क का समय, उसकी दौड़ते समय निचले स्तर की आवृत्तिओं, लंबे समय तक स्विंग के समय, अधिक घुमावदार कौन और लंबे समय तक चलने वाले मांसपेशियों के खिंचाव, यह कुछ कारण है जो व्यक्ति के दौड़ने की गति को भी प्रभावित करते हैं।

मैराथन दौड़ ने वाले लोगों की आयु ज्यादातर 25 से 29 वर्ष के बीच होती है। साल 2012 से 2016 के बीच शिकागो और न्यूयॉर्क में चल रहे मैराथन के आधार पर उन पुरुषों के पास 170 से 176 मीटर प्रति मिनट के बीच औसत स्पीड से दौड़ने की क्षमता थी।

मनुष्य कितनी तेजी से दौड़ सकता है?

तो इंसान कितनी तेजी से दौड़ सकता है?How Fast can Human run? मनुष्य कितनी तेजी से दौड़ सकता है? इस सवाल का जवाब आपको अवश्य रूप से मिल गया होगा। अन्य जानवरों की तुलना में, मनुष्य बहुत धीमी गति से दौड़ता है।

आमतौर पर जानवर 70 मील प्रति घंटा जो कि लगभग 112 किलोमीटर प्रति घंटा है यह चीता जोकि जंगली जानवरों में सबसे अधिक तेजी से दौड़ सकने वाला जानवर है।

वही इसकी तुलना अगर सबसे तेज दौड़ने वाले इंसान जो कि उसैन बोल्ट है उनसे की जाए तो या काफी कम है। लेकिन बहुत सारे विशेषज्ञ एवं शोधकर्ता यह मानते हैं कि अगर इंसान अपनी सीमाओं को पार करे तो वह आसानी से 35 से लेकर के 40 मील प्रति घंटे की रफ्तार तक आसानी से पहुंच सकता है।

दुनिया के सबसे तेज दौड़ लगाने वाले पुरुष

  • जमैका के उसैन बोल्ट का नाम सबसे तेज दौड़ लगाने वाले पुरुष की सूची में सबसे ऊपर है। 9.58 सेकंड, बीजिंग ओलंपिक में 2008 ग्रीष्मकालीन खेलों में उन्होंने या रिकॉर्ड स्थापित किया था। जोकि प्रति सेकंड 10.4 मीटर थी।
  • उनके बाद नाम आता है टायसन गे जो कि संयुक्त राज्य अमेरिका के धावक हैं जिन्होंने 9.69 सेकंड में 10.2 मीटर प्रति सेकंड की दौड़ लगाई थी।
  • असाफा पावेल यह भी एक जमैका के धावक हैं जिन्होंने 9.72 सेकंड में 2007 में ग्रैंड प्रिक्स में दौड़ लगाई थी।
  • फ्लोरेंस जॉइनेर जो कि अमेरिका के हैं जिन्होंने 10.49 सेकंड में साल 1998 में ओलंपिक सियोल में यह रिकॉर्ड कायम किया था।

सबसे तेज मैराथन दौड़ने वाले धावक

जहां हमने ऊपर 100 मीटर दौड़ में सबसे तेज दौड़ने वाले व्यक्तियों की सूची दी है तो हम मैराथन दौड़ने वाले सबसे तेज धावकों को कैसे पीछे छोड़ सकते हैं। मैराथन में काफी लंबी दूरी दौड़ने की जरूरत होती है। इस दौड़ में महिलाएं एवं पुरुष दोनों ही शामिल हैं।

  • डेनिश किमेटो जो कि केन्या के हैं , जिन्होंने 2:02:57 घंटे में मैराथन की दौड़ पूरी कर के सबसे तेज मैराथन धावक का रिकॉर्ड अपने पास रखा है।
  • केनेसेसा बेकेले जो कि तू पिया के रहने वाले हैं इन्होंने 2:03:03 घंटों में मैराथन की दौड़ पूरी कर के दूसरे नंबर पर सबसे तेज मैराथन धावक के रूप में विराजमान है।
  • एलुड किपचोगे जो कि केन्या के रहने वाले हैं इन्होंने 2:03:05 घंटे में मैराथन की दौड़ लगाकर केरिया तीसरे नंबर पर सबसे तेज धावक हैं।

इन सब आंकड़ों को देखा जाए तो हम यह साफ तौर पर कह सकते हैं कि अगर मनुष्य अपनी सीमाओं को पार करते हुए दौड़ लगाता है तो वह अवश्य रूप से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है। लेकिन, अपनी सीमाओं को पार करते हुए दौड़ लगाना मनुष्य के लिए खतरनाक और जानलेवा भी हो सकता है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि इस आधुनिक युग में मनुष्य की जीवन शैली काफी बदल चुकी है। शारीरिक ढांचे में भी काफी बदलाव आया है, जिससे हम एक सीमित गति से ही दौड़ सकने में सक्षम है। यही चीज हर जीव एवं जानवरों में भी लागू होती है।