इंटरनेट का वजन कितना है? How much does the internet weigh?

यह काफी दिलचस्प सवाल है? इंटरनेट का वजन कितना है? How much does the internet weigh? हम से ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि इंटरनेट का वजन काफी ज्यादा होगा। ऐसा इसलिए भी क्योंकि इंटरनेट पर हमें ढेर सारी सामग्रियां पढ़ने को मिल जाती है। और इंटरनेट में दुनिया भर की वेबसाइट कहे तो लाखों वेबसाइट मौजूद है। ऐसे में इंटरनेट का वजन काफी ज्यादा होने की उम्मीद की जाती है। लेकिन, अगर आप इसकी सच्चाई जानेंगे तो दंग रह जाएंगे।

आज हम इंटरनेट का इस्तेमाल हर चीज के लिए कहते हैं। चाहे हमें मनोरंजन करना हो या फिर हमें किसी को पैसे भेजने हो हम यह सारी चीजें इंटरनेट के माध्यम से ही कर लेते हैं। इस वजह से हम यह सोचते हैं कि इंटरनेट का वजन भी काफी भारी भरकम अवश्य रूप से होगा। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आज के हमारे इस लेख में हम इसी बारे में बात करने वाले हैं कि आखिरकार इंटरनेट का वजन कितना है। हम जो इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं जिसकी सहायता से हम दुनिया भर के लोगों के साथ आसानी से जुड़ जाते हैं। इस इंटरनेट का वास्तविक वजन कितना होगा? अगर आप आंकड़ों की मानें तो यह आपको चौंका सकते हैं।

इंटरनेट का वजन कितना है? How much does the internet weigh?

इंटरनेट का वजन कितना है? इंटरनेट कितना भारी है? यह कुछ ऐसे सवाल है जो हर किसी के मन में आते हैं। साल 2011 में कुछ रिसर्च द्वारा एक गणना की गई थी। इस गणना के मुताबिक जनवरी वर्ष 2011 या इसके बाद तक जितना भी डाटा अपलोड किया गया उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि इंटरनेट का भार लगभग 250 ग्राम के आस पास था।

आप भी यह गणना जान करके हैरान रह गए होंगे, इंटरनेट पर दुनिया भर की जानकारी फोटो, फाइल, वीडियोस, सॉफ्टवेयर इत्यादि चीजें हैं फिर भी 2011 की गणना के मुताबिक इसका वजन मात्र 250 ग्राम कैसे हो सकता है?

जरा रुकिए! हम इसके बारे में भी आपको कुछ जानकारी देने वाले हैं। तब जाकर के हो सकता है कि आपको इस बारे में यकीन हो। जिन रिसर्च द्वारा इसकी गणना की गई थी। उस गणना के मुताबिक यह गणना 2011 के लिए एकदम सटीक थी। और ज्यादातर लोग इसे सही भी मानते हैं।

इंटरनेट की वजन की गणना कैसे की गई?

जैसा कि हमने बताया कि साल 2011 में पूरे इंटरनेट का वजन लगभग 250 ग्राम के आसपास था। आप यह सोच रहे होंगे कि किस तरह से हमने यह  निकाली होगी? और हम इस नतीजे तक कैसे पहुंचे?

इंटरनेट प्रवाह मान इलेक्ट्रॉन के कारण कार्य करता है। अभी आप जो हमारा आर्टिकल पढ़ रहे हैं यह भी इन्हीं इलेक्ट्रॉन के गति के कारण आप हमारा यह आर्टिकल पढ़ पा रहे हैं। स्थल इंटरनेट प्रगति करे जितने भी इलेक्ट्रॉन है उनका भार गणना करके निकाला जा सकता है। वैसे तो हम सभी यह जानते हैं कि इलेक्ट्रॉन लगभग भार हीन होते हैं लेकिन इंटरनेट की दुनिया बहुत सारे इलेक्ट्रॉन से मिलकर के बनी है। इस वजह से हम यह कह सकते हैं कि इनकी गणना की जा सकती है।

इंटरनेट पर मौजूद जितने भी इलेक्ट्रॉन है, यहां पर इंटरनेट पर अपलोड किए गए हर वेब पेज, हर फोटो, हर डॉक्यूमेंट, ई बुक, गीत, वीडियो और सॉफ्टवेयर का भार है। अगर आप इंटरनेट की सबसे प्रसिद्ध वेबसाइट यूट्यूब का इस्तेमाल करते हैं तो आप देख सकते हैं कि यूट्यूब पर ही अकेले लाखों-करोड़ों वीडियोस मौजूद है। वही सोशल साइट जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आपको और वो फोटो देखने को मिल जाएंगे। वही गूगल बाबा का इस्तेमाल आप हर चीज इंटरनेट पर खोजने के लिए करते हैं। इंटरनेट पर भी आपको यानी कि गूगल पर भी आपको लाखों दी गाबाइट का डाटा देखने को मिल जाएगा।

जब हम किसी व्यक्ति को ईमेल भेजने हैं या फिर हम अपने कंप्यूटर या स्मार्ट फोन के कीबोर्ड या फोन का कोई बटन दबाते हैं तो हमारे कंप्यूटर या फोन या किसी वेबसाइट या एप सर्वर पर डाटा का भार बढ़ जाता है। जब आप अपने किंडल पर कोई इबुक डाउनलोड करते हैं तो किंडल का भार इतनी कम मात्रा में बढ़ जाता है कि दुनिया का कोई भी तोड़ने वाली मशीन हमें उसका मान नहीं बता सकती है।

जब हम किसी को कुछ ईमेल भेजते हैं तो मात्र 50 KB एक ईमेल को बनाने में 8 अरब इलेक्ट्रॉन लगते हैं। 8 अरब की संख्या सुनने में बहुत बड़ी लगती है लेकिन इतने इलेक्ट्रॉन का भार एक औंस का  10211021 भाग होता है।

आइंस्टाइन का प्रसिद्ध सूत्र

आइंस्टाइन दुनिया में जाने-माने विज्ञानिक माने जाते हैं। इनका प्रमुख सूत्र e=mc2 के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा। इसी सूत्र का इस्तेमाल करते हुए कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉन कुबियाटोविट्ज मैं एक जटिल गणना करके यह बताया कि 4GB डाटा का भार 0.000000000000000001 ग्राम होता है।

इस तरह से इंटरनेट हर सेकंड भारी होती जा रही है। देखा जाए तो ऐसी बहुत सी चोरी इंटरनेट पर उपलब्ध है जिनमें इंटरनेट के बाहर के बारे में बड़े रोचक अनुमान लगाए गए हैं। एक वेबसाइट ने इसे स्ट्रॉबेरीज इतनी भारी बताया है तो दूसरी वेबसाइट ने इसे सेव जितना भारी बताया है। तो कोई इसे इतना भारी बताता है कि यह किसी चिड़िया के पंख इतना भारी है। लेकिन, सच तो यह है कि इस संबंध में किसी भी वैज्ञानिक या वेबसाइट के दावे को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता है।