Can Vehicles Run On Wine? क्या हम शराब से गाड़ी चला सकते हैं?

ज्यादातर हमने इस बारे में सुना है कि किसी भी वाहन या गाड़ी को चलाने के लिए हमें पेट्रोल या डीजल की आवश्यकता होती है। लेकिन क्या आपने यह सुना है कि क्या हम शराब से गाड़ी चला सकते हैं? Can Vehicles Run On Wine? यह काफी दिलचस्प सवाल है? आप मुझसे बहुत सारे लोगों ने यूट्यूब या सोशल मीडिया में ऐसे वीडियो देखे होंगे जिसमें शराब या वाइन से लोगों को गाड़ी चलाते हुए आपने देखा होगा।

ऐसे तो विज्ञान में हर रोज कई सारी तकनीकों का इस्तेमाल करके ऐसी तकनीक खोजने की कोशिश की जा रही है जिससे कि पेट्रोल और डीजल के अन्य विकल्पों को खोजा जा सके। ऐसे में लोग कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं। और इंटरनेट पर ऐसे कई सारे वीडियो है एवं जानकारियां हैं जिसमें यह दावा किया जाता है कि उन्होंने पानी से वाहन को चलाया है? तो कहीं आपको यह जिक्र भी मिल जाएगा कि उन्होंने अपनी गाड़ी शराब से चलाई है। लेकिन, यहां पर सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या यह वाकई में मुमकिन है कि हम किसी एक गाड़ी को शराब यानी कि वाइन से चला सकते हैं।

क्या हम ऐसा कर सकते हैं? इन सारी चीजों के बारे में जानने से पहले हमें इस बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है कि कोई भी गाड़ी या वाहन पेट्रोल या डीजल की सहायता से कैसे चलती है? तभी हमें इस बारे में जानकारी मिल पाएगी कि क्या हम शराब से गाड़ी चला सकते हैं? Can Vehicles Run On Wine?

What is Engine? – इंजन क्या है?

इंजन एक ऐसा यंत्र है जो इंधन पेट्रोल या डीजल की केमिकल एनर्जी यानी कि Heat Energy को मेकेनिकल कार्य में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। जिसे हम इंजन कहते हैं।

अगर हम इसे साधारण शब्दों में परिभाषित करें तो किसी भी गाड़ी या वाहन में इंजन वह भाग होता है जो वाहन को गति करने के लिए शक्ति प्रदान करती है।

इंजन कितने प्रकार के होते हैं?

उनके काम करने के आधार पर इंजन को दो भागों में बांटा गया है।

  1. बाह्य दहन इंजन (External Combustion Engine)
  2. अंतर्दहन इंजन (Internal Combustion Engine)

बाह्य दहन इंजन (External Combustion Engine)

यह एक ऐसा यांत्रिकी इंजन होता है जिसमें इंधन का दहन की प्रक्रिया, इसके अंदर मौजूद सिलेंडर के बाहर संपन्न होती है। इसलिए इस तरह के इंजन को बाह्य दहन इंजन (External Combustion Engine) कहते हैं। उदाहरण के तौर पर रेल की भाप इंजन, टरबाइन इत्यादि।

अंतर्दहन इंजन (Internal Combustion Engine)

इस तरह के इंजन में इंधन का दहन की प्रक्रिया इंजन के सिलेंडर के अंदर संपन्न होती है। इसलिए इस तरह के इंजन को अंतर्दहन इंजन (Internal Combustion Engine) कहते हैं। उदाहरण के तौर पर पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों में लगा इंजन और डीजल से चलने वाली गाड़ियों में लगा डीजल इंजन।

इसी के अंतर्गत ज्यादातर वाहन एवं गाड़ी चलती है। आंतरिक दहन इंजन को ऐसे तरल पदार्थों के साथ काम करने के लिए डिजाइन किया गया है जो दहन, उपयुक्त गर्मी एवं दबाव के आधीन किसी भी गाड़ी को गतिमान कर सकती है। लेकिन केवल पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल हम इस तरह के इंजन में ज्यादा करते हैं।

Can Vehicles Run On Wine? क्या हम शराब से गाड़ी चला सकते हैं?

अगर आप ऐसे किसी पेट्रोल पंप में गए हैं जहां पर इथेनॉल मिश्रित गैसोलीन या पेट्रोल आपने भरवाया होगा। इस तरह के इंधन को फ्लेक्स इंधन कहते हैं।

अगर आपने पहले ही इस तरह के पेट्रोल को अपने गाड़ी में भरवाया होगा तो यह साफ साफ स्पष्ट है कि आपने अपनी गाड़ी को शराब से चलाई होगी। इस तरह का ईंधन गैसोलीन और इथेनॉल का मिश्रण होता है। इथाइल अल्कोहल, जिसे आमतौर पर इथेनॉल के रूप में भी जाना जाता है जो कि शराब में अल्कोहल में भी होता है। इसकी दहन विशेषताओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न अनुपातों में गैसोलीन पेट्रोल या डीजल के साथ इसे मिला करके आप अपनी गाड़ी को चला सकते हैं।

लेकिन, यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि हम जो शराब या अल्कोहल दुकानों से खरीदते हैं उसमें वास्तविक और शुद्ध अल्कोहल यानी कि इथेनॉल की सांद्रता वाहनों में उपयोग होने की तुलना में बहुत कम होती है।

इसके अलावा, अधिकांश शराब या इथेनॉल की सांद्रता वाहनों में उपयोग होने की तुलना में बहुत कम है। शराब में इसके अलावा दूसरे अन्य तत्व और अवयव भी मिले हुए होते हैं, जो इंजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

गाड़ी में शराब डालकर आप उसे नहीं चला सकते। लेकिन शराब की सही सांद्रता और अन्य ज्वलनशील मिश्रण का इस्तेमाल करते हुए आप ऐसा कर सकते हैं।

इथेनॉल और गैसोलीन के मिश्रण से आप गाड़ी चला सकते हैं?

हां, अगर आप अपने गाड़ी में अल्कोहल या इथेनॉल को गैसोलीन या पेट्रोल के साथ मिलाकर के डालते हैं। तो आप अवश्य ही रूप से अपनी गाड़ी को चला पाएंगे। इथेनॉल को जब गैसोलीन या पेट्रोल के साथ मिलाया जाता है तब यह एक अच्छा योजक के रूप में काम करता है।

इथेनॉल में काफी ज्यादा उच्च मात्रा में ऑक्टेन रेटिंग होती है। जो किसी भी पेट्रोल इंजन या डीजल इंजन में सही समय से पहले दहन का विरोध करने की क्षमता रखता है। यह गाड़ी की इग्निशन को रोक देता है। इथेनॉल और गैसोलीन के मिश्रण का इस्तेमाल अगर आप अपने गाड़ी में करते हैं तो यह गैसोलीन की मात्रा को कम कर देता है। इसके साथ ही आपके गाड़ी से निकलने वाली हानिकारक गैस को भी कम करने में मदद करती है। इस प्रक्रिया में निकलने वाली गैस में ज्यादातर H20 होता है और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा काफी हद तक बहुत कम होती है।

इथेनॉल के उत्पादन के लिए हमें बड़े-बड़े पेट्रोलियम पंप की आवश्यकता नहीं होती है। इथेनॉल हम बड़ी आसानी से हमारे द्वारा लगाए जाने वाली फसलों और कृषि उद्योग के कचरा इत्यादि का इस्तेमाल करते हुए हम इसे बड़ी आसानी से बड़े पैमाने में बना सकते हैं। इसलिए, यह मुमकिन हो सकता है कि हम आने वाले भविष्य में अपने गाड़ियों को इथेनॉल की सहायता से चला सके। इसी के साथ यह वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से हम निजात पा सकने में भी सक्षम होंगे।

हालांकि, यह इंधन गैसोलीन या पेट्रोल या डीजल की तरह ऊर्जा संघन नहीं होता है। हमें जहां गैसोलीन या पेट्रोल से एक किलोग्राम पर 48 मेगा जूल ऊर्जा मिलती है। वही हमें इथेनॉल में केवल 25 मेगा जूल ऊर्जा प्राप्त होती है।

जिसका मतलब यह है कि हमें अधिक ऊर्जा के लिए अधिक इथेनॉल की खपत करनी होगी। इसके साथ ही अन्य समस्याएं भी है जो गाड़ी के इंजन की काम करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। किसकी वजह से गाड़ी के इंजन में अधिक घर्षण होता है।

इथेनॉल को अन्य इंधन के साथ कैसे मिलाया जाता है?

जैसा कि हमने इस बारे में पहले ही जिक्र किया है इथेनॉल के मिश्रण को गाड़ी के इंजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस मिश्रण को फ्लक्स कहा जाता है। अमेरिका एवं अन्य देशों में पेट्रोल पंप या पंपिंग स्टेशन में ईंधन के रूप में गाड़ियों में इथेनॉल के मिश्रण को गाड़ियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

इथेनॉल पानी के प्रति काफी सक्रिय होती है। इस वजह से या जब भी पानी के संपर्क में आती है तो भाप में बदल जाती है। जिससे इथेनॉल की सांद्रता घट जाती है। जो बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकता है।

इसलिए नामी या सर्दियों के दिनों में इथेनॉल के मिश्रण में अधिक मात्रा में गैसोलीन मिलाया जाता है। जिससे इस मिश्रण को और अधिक पतला बनाया जाता है। वहीं गर्मियों के मौसम में इथेनॉल के इस मिश्रण पर गैसोलीन की मात्रा कम होती है।

पेट्रोल पंप मैं मिलने वाले इथेनॉल में E20, E85 मिश्रण इंधन के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। इस मिश्रण में 20% एथेनॉल और 80% गैसोलीन होती है।

फ्लेक्स इंधन, के रूप में जाने जाने वाला यह इथेनॉल इंधन होता है। ब्राजील जैसे कुछ देशों में इस तरह के ईंधन का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।