Jawed Karim Biography – यूट्यूब के को-फाउंडर जावेद करीम की जीवनी

पिछले कुछ दशकों में सोशल मीडिया ने लोगों के जीवन को काफी बदल कर के रख दिया है। लोग कई सारी टिप्पणी इत्यादि चीजें सोशल मीडिया के जरिए की करते हैं। फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट ने लोगों को एक दूसरों से काफी करीब ला दिया है। भले ही लोग कितनी भी दूर क्यों ना हो! सोशल मीडिया के जरिए वह एक दूसरे से जुड़े हुए रहते हैं। एक वक्त था, जब लोग कई सालों तक अपने बिछड़े स्कूल के दोस्तों से कभी कबार ही मिलते थे। लेकिन, सोशल मीडिया ने इस दूरी को कम कर दिया है। लोग अब बहुत ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने लगे हैं। वर्तमान समय में इंटरनेट पर अनगिनत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वीडियो स्ट्रीमिंग एप्लीकेशन मौजूद है, इन सब में से YouTube ने एक अलग ही मुकाम बनाया है। इंटरनेट की दुनिया में यूट्यूब सबसे पुराना वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। यूट्यूब दुनिया भर में दूसरी सबसे बड़ी वेबसाइट है जिसे हर साल लाखों लोग देखते हैं। YouTube , का मूल संगठन GOOGLE है। गूगल सर्च इंजन के बाद सबसे ज्यादा यूट्यूब पर लोग वीडियो और जानकारी तलाश करते हैं। आज के हमारे इस लेख में हम यूट्यूब के को फाउंडर जावेद करीम के जीवन के बारे में चर्चा करने वाले हैं। Jawed Karim Biography – यूट्यूब के को-फाउंडर जावेद करीम की जीवनी

वास्तव में, YouTube को दुनिया में दूसरी सबसे अधिक देखी जाने वाली वेबसाइट के रूप में जाना जाता है, YouTube मूल संगठन, Google के बाद, देखी जाने वाली सबसे बड़ी वेबसाइट है। जावेद करीम का यूट्यूब के विकास में काफी बड़ा योगदान रहा है जब इस ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बात आती है। साल 2021 में यूट्यूब की कुल संपत्ति $160 बिलियन से अधिक होने का अनुमान लगाया गया था। इसके को फाउंडर रहे जावेद करीम के जीवन के बारे में आज के हमारे इस लेख में हम चर्चा करने वाले हैं।

Jawed Karim Biography – यूट्यूब के को-फाउंडर जावेद करीम की जीवनी

Jawed Karim ( जावेद करीम) एक अमेरिकी जर्मन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी और उद्यमी के रूप में जाने जाते हैं। यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म को बनाने के पीछे 3 व्यक्तियों का हाथ था। उन्हीं में से एक है जावेद करीम। अन्य दो व्यक्ति जिन्होंने यूट्यूब को बनाने में अपना योगदान दिया था वह है चाड हार्ले और स्टीव चेन साल 2021 तक जावेद करीम की कुल संपत्ति $120 मिलियन से भी अधिक थी।

इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले किसी भी व्यक्ति ने अपने जीवन में कम से कम एक बार तो यूट्यूब पर वीडियो जरूर देखा होगा। इंटरनेट पर यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसने कई संवेदना ओं को जन्म दिया, वीडियो साझा करण वेबसाइट के बिना, कोई t-series, Pewdiepie, CarryMinati और हजारों अन्य वीडियो निर्माता जो वर्तमान समय में इंटरनेट पर छाए हुए हैं नहीं बनते। वर्तमान समय में यूट्यूब के कार्यकारी अधिकारी सुसान वोज्स्की है जो फरवरी 2014 में अमेरिकी ऑनलाइन वीडियो शेयरिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं।

क्या आपको पता है? यूट्यूब पर पहला वीडियो जिसे डाला गया था वह वीडियो “Me at the zoo” की इस वीडियो को जावेद करीम ने 23 अप्रैल 2005 को अपलोड किया था। साल 2022 तक की रिपोर्ट की माने तो आज इतने साल होने के बावजूद भी इस वीडियो को लोग अक्सर देखते हैं। वर्तमान समय में इस वीडियो को लगभग 218 मिलियन से भी अधिक बार यूट्यूब पर देखा जा चुका है। भारतीय यूट्यूब चैनल t-series दुनिया भर में सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर वाली यूट्यूब चैनल मानी जाती है। जिसकी 203 मिलियन से भी अधिक सब्सक्राइबर है। t-series जैसी कंपनी ने यूट्यूब से काफी पैसे कमाए हैं, साल 2021 तक टी सीरीज कंपनी ने 500 मिलियन डॉलर से भी अधिक यूट्यूब के जरिए पैसे कमाए थे।

हालांकि, यहां हम जावेद करीम की सफलता की कहानी एवं उनके जीवन के बारे में चर्चा करेंगे, उनके बारे में जानेंगे कि वह कौन है? उनका निजी जीवन और शिक्षा क्या है? उन्हें किस लिए YouTube का सह- संस्थापक माना जाता है? इसके अलावा भी उनके जीवन के अन्य पहलुओं पर नजर डालेंगे।

जावेद करीम की जीवनी – Biography of Jawed Karim

जावेद करीम का जन्म 28 अक्टूबर वर्ष 1979 को मेर्सबर्ग, जर्मनी मे क्रिस्टीना करीम और नैमुल करीम के घर में हुआ था। उनके पिता एक बांग्लादेश के शोधकर्ता है जो 3M मे कार्य करते हैं।

जावेद करीम की माता क्रिस्टीना करीम जर्मन वैज्ञानिक है जो मिनेसोटा विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री के शोध प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रही है। उनकी एक बहन इलियास है।

जावेद करीम ने कंप्यूटर विज्ञान विभाग में इलिनोइस विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहीं से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने से पहले विश्वविद्यालय छोड़ दिया और PayPal जैसी कंपनी मैं शामिल हो गए। जावेद करीम उन कर्मचारियों में से एक में गिने जाते हैं जिन्होंने पेपाल कंपनी में शुरुआती कर्मचारी के रूप में काम किया है। बाद में उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की और साल 2004 में कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की। जावेद अंतः स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में शामिल हो गए और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की, लेकिन यह सब यूट्यूब के स्थापना के बाद हुआ था।

जावेद करीम को वहां जेनोफोबिया जैसी एक गंभीर बीमारी के कारण वर्ष 1980 के दशक के आसपास अपने परिवार के साथ आंतरिक जर्मनी की सीमा पार करनी पड़ी थी। इसीलिए वहां पश्चिम जर्मनी के नेस मे पले बढ़े। हालांकि, वहां कई जेनोफोबिया एपिसोड थे जिनका उन्हें वहां भी सामना करना पड़ा था। यही वजह थी कि उन्होंने वर्ष 1992 में फिर से अपने परिवार के साथ सेंट पॉल मिनेसोटा जाना पड़ा था। यही रहते हुए जावेद गरीब ने सेंट पॉल सेंट्रल हाई स्कूल से वर्ष 1997 में स्नातक की डिग्री हासिल की थी।

किस तरह जावेद करीम ने यूट्यूब की स्थापना में भागीदारी निभाई

मिनेसोटा विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई अधूरी छोड़ कर के जावेद करीम, PayPal जैसी कंपनी में नौकरी करने के लिए चले गए थे। जावेद करीम पेपाल जैसे कंपनी के शुरुआती कर्मचारियों में से एक में गिने जाते हैं। यहीं पर इनकी मुलाकात स्टीव चेन और चाड हार्ले से हुई। उसी दौरान सुपर बाउल XXXVIII और हिंद महासागर में आए भूकंप और सुनामी के वीडियो क्लिप लोगों के बीच में काफी ज्यादा वायरल हुई थी। इसी वीडियो को देख कर के जावेद करीम के मन में वीडियो साझा करन मंच का विचार आया था।

जेनेट जैकसन के साथ सुपर बाउल का विवादास्पद हाफ टाइम खंड उस समय एक रोष था, कि हर कोई एक झलक देखना चाहता था। हालांकि हार्ले और चेन ने YouTube बनाने के पीछे प्रेरणा के रूप में ” हॉट ओर नॉट” वेबसाइट का उल्लेख किया है। इसके पीछे कुछ भी प्रेरणा क्यों ना रहा हो, हमें आज YouTube पा करके खुशी हो रहे हैं।

14 फरवरी 2005 को ‘Youtube” डोमेन को एक्टिवेट किया गया। इसके बाद यूट्यूब में कई विकास हुए। बाद में, कंपनी ने एक उद्यम पूंजी वित्तीय पोषित प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के रूप में अपना काम शुरू किया था। शुरुआती समय में सिकोया कैपिटल से 11.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर और आर्टिस्ट कैपिटल प्रबंधन से 8 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिला था। फंडिंग ने ना केवल आर्थिक रूप से बल्कि अलग-अलग तरीकों से यूट्यूब की मदद की है। शुरुआती समय में यूट्यूब का मुख्यालय सैन मोटे कैलिफ़ोर्निया में एक जापानी रेस्टोरेंट के ठीक ऊपर था।

यूट्यूब पर पहली वीडियो – जावेद करीम

यूट्यूब पर पहली यूट्यूब चैनल जो बनाई गई थी, उसका नाम “जावेद” है, इसी यूट्यूब चैनल के जरिए यूट्यूब प्लेटफार्म पर सबसे पहली वीडियो अपलोड की गई थी। इस वीडियो का शीर्षक था “Me at the Zoo” इस वीडियो को उनके हाई स्कूल के एक दोस्त याकोबा लेफ़्टिस्ट की ने रिकॉर्ड किया था। यूट्यूब के मालिक के वीडियो में करीब को सेंटियागो चिड़ियाघर में दिखाया गया था। वर्तमान समय में इस वीडियो को लगभग 218 मिलियन से भी अधिक लोग देख चुके हैं।

YouTube, को लॉन्च करने के बाद, यूट्यूब के संस्थापक जावेद करीम कंपनी के सलाहकार बन गए क्योंकि वह अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते थे। बाद में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने दाखिला ले लिया। यूट्यूब की शुरुआत के बाद, करीब एक कर्मचारी के बजाए यूट्यूब वेबसाइट के अनौपचारिक सलाहकार बन गए थे। और उन्होंने अन्य संस्थापक की तुलना में कंपनी में तुलनात्मक रूप से काम करके कम हिस्सेदारी लेते हुए आगे की शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, या छोटा सा हिस्सा अभी इतना बड़ा हो गया है कि यूट्यूब के प्रसिद्ध गूगल अधिग्रहण के समापन पर क्लोजिंग स्टॉक मूली के अनुसार लगभग $64 मिलियन मूल्य के करीब 137473 शेयर जावेद करीम को मिले थे।

साल 2005 में ही, यूट्यूब को अपना पहला 10 लाख बार देखा गया वीडियो मिल गया था। यह वीडियो नाइके के विज्ञापन जिसमें प्रसिद्ध ब्राजीलियन फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियन और रोनाल्डो शामिल थे। वीडियो में रोनाल्डो को अपने गोल्डन बूट्स की जोड़ी प्राप्त करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद यूट्यूब ने एक बड़ी कंपनी Sequoia कैपिटल से धन प्राप्त करने के बाद उन्होंने यूट्यूब की बीटा वेबसाइट को लांच किया था।

यूट्यूब के भागीदारी की शुरुआत

” लेजी संडे” के प्रसारण के बाद, प्रशंसकों द्वारा यूट्यूब पर उस शो की एक वीडियो क्लिप पोस्ट की गई थी। इस वीडियो को 7 मिलियन से भी अधिक बार देखा जा चुका था। हालांकि, NBC द्वारा यह मांग की गई कि इस वीडियो को यूट्यूब से हटा दिया जाए। इस घटना के बाद यूट्यूब की नीतियों के तहत वीडियो सामग्री से सत्यापन कार्यक्रम का मार्ग प्रशस्त किया गया। इसने कॉपीराइट धारकों को उल्लंघन हो कि आसानी से पहचान करने की अनुमति दी।

इस वाक्य के बाद में यूट्यूब ने NBC कंपनी के साथ एक सौदा तय किया। इस सौदे के बाद एनबीसी को डिजिटल प्रसारण की दुनिया में प्रवेश करने का मौका मिला। इसके बाद उसने यूट्यूब के साथ कई साझेदारी की, यह तो बस शुरुआत थी। धीरे-धीरे कई बड़ी कंपनियां यूट्यूब के साथ साझेदारी करने लगी। इसमें यूट्यूब को ही फायदा हुआ।

एक अनौपचारिक सलाहकार के रूप में, जावेद करीम को यूट्यूब की कमाई का बड़ा हिस्सा नहीं मिल सका। कंपनी की अपनी कम हिस्सेदारी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास में यूट्यूब के अन्य संस्थापकों के विपरीत उनकी भूमिका के कारण, जावेद करीम काफी स्पष्ट रहे थे।

यही वजह थी कि जब तक Google जैसी बड़ी कंपनी ने आकर के यूट्यूब का अधिग्रहण नहीं किया था तब तक लोग जावेद करीम से अपरिचित ही रहे थे। जब गूगल ने साल 2006 में 1.56 बिलियन अमेरिकी डॉलर में यूट्यूब को खरीदा, तब जावेद करीम को 137473 शेयर दिए गए थे। जिसके बाद जावेद करीम सुर्खियों में आए। वर्ष 2022 तक जावेद करीम की कुल संपत्ति $160 मिलियन डॉलर के आसपास है।

जावेद करीम ने विशेष रूप से साल 2006 में इलिनोइस विश्वविद्यालय के वार्षिक ACM सम्मेलन के दौरान यूट्यूब के इतिहास पर एक व्याख्यान दिया था। जिसका शीर्षक “YouTube From Concept to Hyper growth” था। इसके अलावा जावेद करीम ने साल 2008 में इलिनोइस विश्वविद्यालय में वापस कदम रखा, जान एक बार फिर से उन्हें स्पीकर के रूप में चुना गया, जिससे वह 136 वे और स्कूल के इतिहास में सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बन गए।

वर्ष 2013 में, गूगल पर अपनी नीतियों में बड़े बदलाव किया था। किसी भी यूट्यूब वीडियो पर टिप्पणी पोस्ट करने के लिए उपयोगकर्ता को Google+ अकाउंट की आवश्यकता होती थी। इस कदम को बैकलेस का सामना करना पड़ा और यूट्यूब समुदाय द्वारा इसका व्यापक विरोध किया गया था। नई नीतियों के खिलाफ असंतोष व्यक्त करने के लिए, कई उपयोगकर्ता द्वारा एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर भी किया गया था।

इस याचिका पर लगभग 240000 लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। इस दौरान यूट्यूब के संस्थापक रहे जावेद करीम भी इस नीति परिवर्तन के पक्ष में नहीं थे। Google+ के हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए, उन्होंने अपने पहले वीडियो के वीडियो विवरण को मैं यहां अब और टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि मुझे गूगल प्लस खाता नहीं चाहिए शीर्षक में अपडेट कर दिया था।

YouTube समुदाय के विरोध के बाद, गूगल पर उपयोगकर्ताओं को उनकी वास्तविक नामों का उपयोग करने के लिए मजबूर करने के लिए माफी मांगी, और बाद में गूगल ने यूट्यूब के साथ Google+ के एकीकरण की नीति को हटा दिया। उपभोक्ता और डेवलपर दोनों को अपनाने में विफल होने के बाद साल 2018 में गूगल ने Google+ सेवाओं को स्थाई रूप से बंद कर दिया।

जावेद करीम से जुड़े – Frequently Asked questions

1. जावेद करीम की कुल संपत्ति कितनी है?

जावेद करीम की कुल संपत्ति लगभग $160 मिलियन के आसपास थी। यह आंकड़े वर्ष 2021 के है।

2. जावेद करीम कौन है?

जावेद करीम एक अमेरिकी जर्मन टेक्नोलॉजी स्टार एंटरप्रेन्योर है। वह यूट्यूब के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।

3. यूट्यूब के संस्थापक कौन है?

यूट्यूब के संस्थापक के रूप में जावेद करीम, स्टीव चेन और चाड हार्ले को माना जाता है।

4. यूट्यूब पर पहला यूट्यूब पर कौन है?

यूट्यूब के co-founder जावेद करीम ने यूट्यूब पर अपना पहला चैनल बनाया था। यहां पर उन्होंने 18 सेकंड का वीडियो डाला था। जिसका शीर्षक था “Me at the Zoo”.

5. यूट्यूब के संस्थापकों का क्या हुआ?

यूट्यूब के संस्थापको यूट्यूब को गूगल को 1.65 डॉलर बिलियन में साल 2006 में बेच दिया।

6. वर्तमान समय में यूट्यूब की कुल आय कितनी है?

साल 2022 तक यूट्यूब निकुल 160 बिलियन डॉलर कमाए हैं। यूट्यूब की शुरुआत 14 फरवरी 2005 को शुरू किया गया था।