Why do Octopuses Eat their Own Arms? – ऑक्टोपस अपने ही हाथों को क्यों खा जाता है?

ऑक्टोपस एक ऐसा जीव है जिसकी कुल मिलाकर के 8 पैर या हाथ होते हैं। ऑक्टोपस इन हाथों का इस्तेमाल घूमने से लेकर के अपना शिकार पकड़ने तक का काम करता है। लेकिन, कई बार ऐसा भी होता है कि अब तो बस अपने ही हाथों को जब आना शुरू कर देता है और उसे खा लेता है। इसके पीछे की वजह क्या है? क्या अब तो कुछ को भूख लगी होती है या फिर वह तनावग्रस्त या संक्रमित होते हैं इस वजह से इस तरह की हरकतें करते हैं। आज के हमारे इस लेख में हम इसी बारे में जानकारी लेंगे की Why do Octopuses Eat their Own Arms? – ऑक्टोपस अपने ही हाथों को क्यों खा जाता है?

साधारण तौर पर एक ऑक्टोपस देखने में एक बड़ा सिर वाला और 8 पैरों वाला जानवर दिखाई देता है। लेकिन अब तो बस हमारे ग्रह का सबसे चतुर समुद्री जीव में से एक है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि ऑक्टोपस शिकार को पकड़ते वक्त अपना शिकार को ही खाते हैं। लेकिन कभी-कभी वे अपने हाथों को ही शिकार समझ कर के खा जाते हैं। इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? चलिए जानते हैं आज के हमारे इस लेख में।

What is Automutilation?

Automutilation ( ऑटोम्यूटिरिलेशन) एक ऐसी घटना है जहां एक जानवर खुद को विकृत कर लेता है। यह दो तरह के होते हैं ऑटोटॉमी और ऑटोफैगी।

ऑटोटॉमी किसी भी जानवर में या विकृति तब होती है जब कोई जानवर जानबूझकर अपने शरीर के किसी विशेष अंग को काटना या चबाना शुरू कर देता है। लेकिन सबसे पहले हमारे मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि कोई भी जानवर वाला अपने शरीर के अंग को काटना या चबाना क्यों शुरू करेगा। यदि किसी जानवर या प्राणी अपने आप को फंसा हुआ पाता है या उसका शरीर का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाता है तो वह आगे संक्रमण और दर्द से बचने के लिए अपने शरीर के उस हिस्से को अपने दांतो से काटकर अलग करने का रास्ता अपनाता है। जो कि उसके जीवन को बचा सकता है।

ऑक्टोपस जैसे जानवरों में यही विकृति देखने को मिलती है। जब ऑक्टोपस का कोई हाथ या पैर क्षतिग्रस्त हो जाता है जिसके घाव नहीं भर रहे हो, ऐसी स्थिति में ऑक्टोपस अपने दांतो से उसको जमा करके काट कर के अलग कर देता है।

दूसरी ओर, ऑटोफैगी जिसे स्व भोजन भी कहा जाता है, जो कि नरभक्षण का एक रूप होता है। हालांकि कुछ समुद्री जीवो में ऑटोफैगी भी देखी जाती है। कई बार यह विकृति भी ऑक्टोपस जैसे जीवो में देखी जा सकती है।

Why do Octopuses Eat their Own Arms? – ऑक्टोपस अपने ही हाथों को क्यों खा जाता है?

वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसा पाया कि ऑक्टोपस में हैरान करने वाले व्यवहार को देखा, जिसमें कोई औकात नहीं शरीर के अंग को खा रहा था। वैज्ञानिक समुदाय में इसे लेकर के काफी दिलचस्पी जगी और उन्होंने इस पर शोध कार्य करना शुरू कर दिया।

सबसे पहले जब एक एक्वेरियम में ऑक्टोपस इतना सुरक्षित रहता है, तो उसके जीवित रहने का कोई सवाल नहीं उठता है। इसके बाद, उन्होंने सोचा कि क्या इसका भूख से कोई लेना-देना हो सकता है। इसके बाद उन्होंने सामान्य से अधिक ऑक्टोपस को खिलाने का सहारा लिया, रोज एक्वेरियम में रखें ऑक्टोपस को अधिक से अधिक भोजन देने की कोशिश की गई। इस शोध में पाया गया कि धीरे-धीरे ऑक्टोपस खुद को नुकसान पहुंचाना बंद कर देता है। लेकिन इन सबके बावजूद भी कभी कबार ऑक्टोपस अपने ही अंग को चबाना भी शुरू कर देता है।

क्या होगा अगर यहां बंदी बनाए जाने का तनाव था जिसके कारण ऐसा व्यवहार ऑक्टोपस कर रहा था। लेकिन पर्यावरण में किसी भी बदलाव ने इस अजीब व्यवहार को प्रभावित नहीं किया।

ऑक्टोपस के इस व्यवहार ने वैज्ञानिकों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया। क्या किसी ऑक्टोपस को एक्वेरियम में रखकर के क्या हम उसे कष्ट दे रहे हैं?

ऑक्टोपस में Automutilation को कौन सी चीज ट्रिगर कर सकती है?

साल 1998 में, डॉक्टर बुडेलेमन ने अपने प्रयोगशाला में ऑक्टोपस में ऑटोफैगी के 161 मामलों का अध्ययन किया। उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि लगभग 84 ऑक्टोपस में से, 74% ने अपने केवल एक भुजा को काट कर उसे खाने की कोशिश की, 19% ने दो को काट दिया, जबकि लगभग 3% ने उनकी तीन भुजाओं को नुकसान पहुंचाया था।

विच्छेदन के बाद 50 मामलों का अध्ययन किया गया जिनमें से सभी ऑक्टोपस की 1 से 5 दिनों की छोटी अवधि में मृत्यु हो गई। विच्छेदन के बाद पहले ही दिन 80% की मृत्यु हो गई।

ऑटोफैगी से पहले यह ऑक्टोपस अपने जाल के असंगठित आंदोलन को प्रदर्शित करेंगे या अस्थिरता दिखाएंगे यह बीमारी का कारण हो सकता है, जो तांत्रिक डोरियों को प्रभावित करता है और मस्तिष्क को खराब कर देता है। वास्तव में क्या होता है इस पर कुछ प्रकाश डालने के लिए वैज्ञानिकों ने इन ऑक्टोपस के दिमाग को न्यूरो एंडटॉमीकल अध्ययन के माध्यम से जानने की कोशिश की। लेकिन उनके अध्ययन में भी उन्हें इस तरह की कोई भी जानकारी नहीं मिली।

इसके अलावा काटे गए अंग के टुकड़े हमेशा ऑक्टोपस द्वारा नहीं खाए जाते थे। इस वजह से उन्होंने इसको भी नकारा की ऑक्टोपस को जब अत्यधिक भूख लगती है तो वह अपने ही अंग को खाने लगता है।

किसी एक्यूरियम में रखे गए पानी की गुणवत्ता की स्थिति ऑक्टोपस के स्वास्थ्य को और भी खराब कर सकती है और उनके संक्रमण को और भी बढ़ा सकती है। जितना अधिक संक्रमण फैलता है उतना ही ऑक्टोपस इससे छुटकारा पाने की कोशिश करता है और ऑक्टोपस फटी हुई बाहों के साथ एक शव में बदल जाता है।