मसाज के क्या फायदे हैं? Benefits of Massage

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    मसाज तो मस्तिष्क और शरीर को तनावमुक्त रखने का एक अचूक तरीका है. यह मस्तिष्क और शरीर को पुनर्जीवन देने का एक इतना प्राचीन तरीका है की महक 5000 साल पुराने ऐतिहासिक प्रमाण भी हमें देखने को मिलते हैं. नवजात शिशु से लेकर के एक गर्भवती महिलाओं और युवाओं से लेकर के बुजुर्गों के लिए विशेष तरह की मसाज थेरेपी मौजूद है. यही नहीं शरीर की अलग-अलग हिस्सों जैसे कि सिर, चेहरे, गर्दन, हाथों, पैरों और कमर के लिए भी अलग अलग तरह का मसाज मौजूद है. आज के हमारे इस लेख में हम जानेंगे कि मसाज करने के क्या-क्या फायदे होते हैं? Benefits of Massage in Hindi

    मसाज करने के क्या-क्या फायदे होते हैं? Benefits of Massage in Hindi

    मसाजर कैसी थेरेपी है. आप जिस का आनंद किसी भी मौसम में ले सकते हैं. लेकिन ऐसा माना जाता है कि नवंबर से मार्च के बीच मसाज कराने के बाद गुनगुनी धूप सीखने का एक अलग ही मजा आता है. मसाज कराने से कई तरह की बीमारियां भी दूर हो जाती है. मसाज करने से आपको विभिन्न प्रकार के दर्द से छुटकारा भी मिलता है. अगर आपको अक्सर कमर दर्द, अवसाद इत्यादि जो से ग्रसित रहते हैं तो मसाज आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. आइए जानते हैं मसाज करने से क्या-क्या फायदे होते हैं. इसकी पूरी सूची हमने नीचे बनाई है. Benefits of Massage in Hindi

    मसाज के फायदे

    • मसाज को एक बेहतरीन हीलर माना जाता है. यह मांसपेशियों के दर्द को दूर करती है.
    • आधुनिक अनुसंधान में यह बात उभरकर के सामने आई है कि मसाज के बाद स्किन टिशु की मरम्मत का काम तेज हो जाता है.
    • मसाज आपके मांसपेशियों को फूलने वाले रसायन साइटोंकाएनएस के निर्माण को कम कर देता है.
    • इससे मांसपेशियों में, टिशू और लिगामेंट्स रक्त का संचार बढ़ जाता है.
    • मसाज तनाव को कम करके आपके क्रोध को भी शांत करता है. हताश और अवसाद को कम करने में भी लाभकारी होता है.
    • मसाज करने से सिर दर्द, पाचन तंत्र में गड़बड़ियां, अनिद्रा , हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक को रोकने में भी मददगार होती है.
    • इससे शरीर का पोस्टर सुधरता है इससे मानसिक शांति मिलती है, जिस से एकाग्रता बढ़ती है.
    • अगर अच्छी गुणवत्ता के तेल और लोशन उपयोग किया जाए तो त्वचा की रंगत और स्वास्थ्य मैं भी सुधार होता है.

    मसाज से होने वाले खतरे –

    मसाज से बहुत सारे खतरे भी होते हैं. जिसके बारे में आप को जानना बहुत जरूरी है. क्योंकि, मसाज जहां आपको फायदा पहुंचाता है, वही आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है.

    • प्रशिक्षित लोगों द्वारा मसाज नहीं किया जाए तो उसमें खतरा भी छुपा होता है.
    • मसाज कराने के दूसरे दिन शरीर में दर्द हो सकता है, क्योंकि इसमें दबाव वाले स्ट्रोक लगाए जाते हैं.
    • कई बार मसाज के बाद रक्त में शुगर का स्तर कम हो जाता है.
    • मसाज के दौरान ब्लड क्लाउड अपनी जगह बदल सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.
    • डीप टिशु मसाज में अगर थैरेपिस्ट ज्यादा पैसा लगा दे तो विशेषकर गर्दन और कंधे के क्षेत्र की तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है.

    इन लोगों को मसाज से दूर रहना चाहिए :-

    • जिन लोगों को त्वचा का संक्रमण हो वह मसाज से दूर रहे, इसके साथ ही जिन के जख्म खुले हो उन्हें भी मसाज से दूर रहना चाहिए.
    • किसी भी सर्जरी के तुरंत बाद मसाज नहीं करवाना चाहिए.
    • अगर आपने कीमोथेरेपी या रेडिसन करवाया है तो उसके तुरंत बाद बिना डॉक्टर के सुझाव देना आपको मसाज नहीं करवाना चाहिए.
    • जिम में रक्त का थक्का बनने की समस्या होती है उन्हें भी मसाज नहीं करवाना चाहिए.
    • विशेषकर गर्भवती महिलाएं भी बिना डॉक्टर की सलाह से मसाज ना कराएं और उन्हीं से कराएं, जिन्हें प्रेगनेंसी मसाज के लिए प्रमाण पत्र या सर्टिफिकेट मिला हो.
    • मसाज वैसे तो सुरक्षित होती है, लेकिन अगर आप गर्भवती है या आपको कैंसर, ब्लड क्लोट, फ्रैक्चर, खुला जख्म या घाव या फिर ऑथर आइटीज जैसी बीमारियां है तो मसाज के बाद आपके लिए खतरा बढ़ सकता है.

    कितने प्रकार के मसाज होते हैं? – Type of Massage in Hindi

    मसाज को उसके मसाज के थेरेपी के अंतर्गत विभिन्न रूपों में बांटा गया है. जैसे कि Benefits of Massage in Hindi

    1. स्वीडिश मसाज थेरेपी
    2. डीप टिशु मसाज
    3. हॉट स्टोन मसाज
    4. अरोमा थेरेपी मसाज

    इन सभी प्रकार के मसाज के बारे में हम लोग विस्तार से नीचे बताने वाले हैं.

    स्वीडिश मसाज थेरेपी – Swedish Massage Therapy

    स्वीडिश मसाज थेरेपी सबसे ज्यादा प्रचलित मसाज थेरेपी में से एक है. इसमें लंबे, हल्के स्ट्रोक लगाए जाते हैं. मांसपेशियों की सबसे ऊपरी परत पर थप्पा पाने वाले स्टोक भी लगाए जाते हैं. जिसमें जोड़ों के मूवमेंट भी शामिल होते हैं. इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है. इसे मांसपेशियों का तनाव कम होने के साथ-साथ यह शारीरिक थेरेपी से शरीर को काफी आराम भी मिलता है यह हमारे शरीर को ऊर्जा और आराम दोनों चीजें देती है. यह चोट लगने के बाद आराम हो जाने में भी काफी लाभकारी है. आपने कभी मसाज नहीं करवाया है तो आप इस से शुरुआत करें. इससे आपको काफी राहत मिलेगा.

    डीप टिशु मसाज – Deep Tissue Massage

    डीपी मसाज मांसपेशियों की गहरी परत को आराम पहुंचाने के लिए की जाती है. इसमें बहुत ही में लेकिन गहरे स्ट्रोक लगाए जाते हैं. यह शरीर के कुछ निश्चित, साड़ी और समस्याएं खड़े करने वाले बिंदुओं के ऊतकों को आराम पहुंचाने के लिए की जाती है. यह मांसपेशियों की जकड़न, लगातार मांसपेशियों में खिंचाव, शरीर का पोस्टर बिगड़ जाना, कमर दर्द और किसी चोट से उबरने में काफी कारगर सिद्ध होती है.

    गर्म पत्थर से मसाज – Hot Stone Massage

    यह मसाज गर्म और चिकने पत्रों के द्वारा की जाती है. इन पत्रों को शरीर के निश्चित बिंदुओं पर रखा जाता है, ताकि कड़ी हो चुकी मांसपेशियों को ढीला किया जा सके और शरीर में ऊर्जा के केंद्रों को संतुलित किया जा सके. पत्रों की गर्मी बहुत आराम पहुंचाती है. हॉट स्टोन मसाज उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, जिन की मांसपेशियों में तनाव आ गया हो. Benefits of Massage in Hindi

    अरोमा थेरेपी मसाज – Aroma Therapy Massage

    अरोमा थेरेपी मसाज एक मसाज थेरेपी ही है, जिसमें मसाज करने वाले हो की विशेष जरूरत के अनुसार एक या दो खुशबूदार पौधों का तेल इस्तेमाल किया जाता है. मसाज थैरेपिस्ट वह तेल चुन सकता है, जो आराम पहुंचाए, ऊर्जा दे और तनाव को कम करें. अधिकतर अरोमा थेरेपी में लैवेंडर का तेल इस्तेमाल किया जाता है. जो लोग भावनात्मक तनाव में होते हैं, उसके लिए सबसे बेहतरीन मसाज थेरेपी मानी जाती है.

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