How to Choose a Stock Broker – शेयर ब्रोकर का चुनाव कैसे करें?

How to Choose a Stock Broker – शेयर ब्रोकर का चुनाव कैसे करें? स्टॉक मार्केट में निवेश करने से पहले आपको एक सही शेयर ब्रोकर चुनना बहुत ही जरूरी होता है। एक शेयर ब्रोकर आपके और स्टॉक एक्सचेंज के बीच में किसी भी शेयर की खरीद बिक्री या फिर लेनदेन के लिए एक मेडिएटर का काम करता है।

एक सही शेयर ब्रोकर चुनना इसलिए भी आवश्यक है, क्योंकि शेयर बाजार में शेयर या फिर स्टॉक की जितनी भी खरीद बिक्री होती है यह इन्हीं शेयर ब्रोकर के माध्यम से होती है। शेयर ब्रोकर एक पंजीकृत शेयर दलाल होता है। अगर आप सही शेयर ब्रोकर का चुनाव नहीं कर पाते। तो शेयर बाजार में अपने लेनदेन पर आपको कई सारी समस्या आ सकती है। आपको अपने ट्रांजिशन पर अधिक शुल्क अदा करना पड़ सकता है। यहां पर कमीशन भी मायने रखती है। लॉन्ग टर्म या लंबी अवधि के दौरान किए गए निवेश में 1% का अंतर भी आपको कहीं लाख रुपए घाटे में डाल सकती है। यही वजह है कि लोग अपने शेयर ब्रोकर को चुनने से पहले कई सारे बातों का ध्यान रखते हैं।

आज के हमारे इस लेख में हम यह जानेंगे कि आप एक सही How to Choose a Stock Broker – शेयर ब्रोकर का चुनाव कैसे करें?

How to Choose a Stock Broker – शेयर ब्रोकर का चुनाव कैसे करें?

शेयर बाजार से जब भी आप शेयर की खरीद बिक्री करते हो, तब आप सीधे स्टॉक एक्सचेंज किया फिर शेयर मार्केट से शेयर नहीं खरीदते हो।

आपको स्टॉक एक्सचेंज से शेयर की खरीद बिक्री करने के लिए एक पंजीकृत दलाल (Broker) की आवश्यकता होती है। आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि एक पंजीकृत ब्रोकर कौन होता है? एक पंजीकृत ब्रोकर SEBI द्वारा रजिस्टर्ड या पंजीकृत होता है।

एक स्टॉक ब्रोकर कोई भी एक व्यक्ति हो सकता है कोई एक कंपनी हो सकती है। या फिर कोई संस्था या ग्रुप हो सकता है। स्टॉक ब्रोकर, की सहायता से ही हम स्टॉक एक्सचेंज पर बिकवाली यानी की खरीद बिक्री का काम करते हैं।

इसके एवज में ब्रोकर को ब्रोकरेज (Brokerage) यानी कि एक तरह का शुल्क या कमीशन हमें दलाल या ब्रोकर को अदा करनी पड़ती है। ब्रोकर की सहायता से ही हम शेयर के आर्डर को स्टॉक एक्सचेंज मार्केट जैसे कि NSE और BSE को देते हैं। जो एक तरह से मध्यस्ता कार्य करते हुए, हमारे आर्डर को पूरा करता है।

शेयर दलाल का क्या-क्या काम होता है? What is the Work of Stock Broker?

जैसा कि हमने ऊपर इसके बारे में बताया है कि एक स्टॉक ब्रोकर, SEBI के अंतर्गत पंजीकृत होता है। जोकि किसी भी निवेशक और स्टॉक मार्केट के बीच में मीडिएटर (Mediator) के रूप में कार्य करती है। यानी कि सीधे शब्दों में कहें तो, शेयर बाजार यानी कि स्टॉक एक्सचेंज में होने वाले खरीद बिकवाली के सभी कार्य कोई भी निवेशक स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से ही करता है। एक स्टॉक ब्रोकर SEBI के अंतर्गत पंजीकृत होने के साथ-साथ वह SEBI के नियमों का पालन भी करता है।

चलिए हम इसे एक उदाहरण द्वारा समझते हैं कि किस तरह से निवेशक और स्टॉक मार्केट के बीच में स्टॉक ब्रोकर कार्य करता है। यहां पर आपको इस बात का ध्यान भी रखना है कि स्टॉक मार्केट में जितनी भी लेनदेन होती है। वह आज स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से ही होती है।

मान लीजिए कि एक निवेशक को XYZ कंपनी के शेयर की आवश्यकता है। इसके लिए निवेशक अपने स्टॉक ब्रोकर के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उस कंपनी के शेयर को खो जेएगा। उस कंपनी के 100 शेयर खरीदने के लिए अपने स्टॉक ब्रोकर को ऑर्डर देता है। स्टॉक ब्रोकर आपके ऑर्डर को स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) पर भेजता है। और उपलब्ध शुगर की मात्रा के अनुसार आपका ऑर्डर पूर्ण होता है।

संबंधित कंपनी के शेयर खरीदने के लिए, आप जो स्टॉक ब्रोकर के साथ ट्रेडिंग अकाउंट (trading account) मेंटेन कर रहे हैं। उससे पैसों को डिबेट कर लिया जाता है। और यह पैसों को शेयर बेचने वाले के ट्रेडिंग खाते पर ट्रांसफर कर दिया जाता है।

आपके द्वारा खरीदे गए शेयर को आपके डीमेट अकाउंट (DEMAT Account) पर हस्तांतरण कर दिया जाता है। इस तरह से स्टॉक ब्रोकर आपके एवं स्टॉक मार्केट के बीच में किसी भी ऑर्डर को पूरा करने के लिए मीडिएटर के रूप में कार्य करती है।

एक अच्छे स्टॉक ब्रोकर का चुनाव कैसे करें? How to Choose a Stock Broker

शेयर बाजार में खरीद बिकवाली सिर्फ पंजीकृत शेयर दलालों के माध्यम से की जाती है। इसलिए निवेशक के लिए सही दलाल का चयन करना बहुत ही जरूरी होता है। शेयर ब्रोकर के मामले में विश्व के सबसे लोकप्रिय निवेशक वारेन बफे की बात काफी रोचक है:-

शेयर ब्रोकर आपका दोस्त नहीं है। वह एक डॉक्टर की तरह होता है, जो मरीज से दवा के बदले शुल्क लेता है। अगर आप सही डॉक्टर के पास नहीं पहुंचेंगे तो खामियाजा आपको ही भुगतना पड़ेगा।

अगर आप एक सही स्टॉक ब्रोकर का चुनाव नहीं करते हैं तो इसका खामियाजा सच में आप को ही भुगतना पड़ेगा। शेयर बाजार में निवेश करने वाले दिग्गज निवेशक इस बात को सही मानते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद एक साधारण निवेशक अपने व्यवहार में यह नहीं झलकता कि वे ब्रोकर को लेकर के संजीदा हो। ज्यादातर निवेशक तो अपने शेयर ब्रोकर का नाम, उसकी फॉर्म तथा उसके फोन नंबर से ज्यादा कुछ नहीं जानते और शेयर की खरीद बिक्री के लिए पूरी तरह से अपने ब्रोकर पर ही आश्रित रहते हैं, और सोचते हैं कि ब्रोकर उनके लाभ के लिए ही सब कार्य कर रहा है।

यदि आप ऐसा सोचते हैं तो यह बिल्कुल गलत है। क्योंकि, सच तो यह है कि पैसा किसी के कंधे पर सवार होकर के नहीं कमाया जा सकता। अगर आप में सूझ बुझ, विश्लेषण क्षमता व जागरूकता नहीं है तो आपकी सहायता कोई नहीं कर सकता है। यदि आप में सूझबूझ और विश्लेषण की क्षमता और जागरूकता है तो आप अपने शेयर ब्रोकर से अधिक कार्य ले सकते हैं।

इसलिए किसी भी शेयर ब्रोकर का चुनाव करते समय उसके ट्रैक रिकॉर्ड, उसकी सेवा की गुणवत्ता, ग्राहकों के लिए सलाहकारी सेवा, मार्केट रिसर्च इत्यादि के अलावा ब्रोकर का व्यवहार भी खास मायने रखता है। यदि कोई ब्रोकर सस्ती सेवाएं उपलब्ध करवाता है। इसके एवज में ब्रोकरेज कम लेता है और लुभावनी खबरें देता है। तो इसका मतलब यह नहीं होता कि ब्रोकर का चयन आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

वैसे ब्रोकर और निवेशक का रिश्ता पूरी तरह से विश्वास पर टिका होता है। लेकिन फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:-

  1. अगर कोई ब्रोकर आपको किसी खास कंपनी के स्टाफ को खरीदने के लिए कह रहा है। तो संभल जाइए किससे ब्रोकर को अधिक कमीशन मिल रहा होगा।
  2. आपको ब्रोकर की पैंतेरी बाजी को समझना आना चाहिए। बहुत से ब्रोकर अपने लाभ के लिए अपने ग्राहकों को ठगने का काम भी करते हैं।
  3. यदि आपका ब्रोकर आपकी जरूरत, वित्तीय स्थिति व्यक्तिगत इस गांव को जाने बिना आपके लिए ट्रेड करता है तो आपको जोखिम भी उठाना पड़ सकता है।
  4. एक अच्छे ब्रोकर को इस बारे में जानकारी होती है कि उसका ग्रहण किस तरह के स्टॉप पर ट्रेड करना चाहता है।
  5. एक ब्रोकर को इस बारे में जानकारी होती है कि अगर वह उस से नाखुश या फिर वह कर से संबंधित कुछ शिकायत है तो वह सर्विस विभाग के अतिरिक्त SEBI पर जाकर भी शिकायत कर सकता है।
  6. सही ब्रोकर का चुनाव करने के लिए आप NSE और BSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर के उनकी सूची देख सकते हैं।
  7. एक अच्छे ब्रोकर का चुनाव करने से पहले किसी भी निवेशक को उनका ट्रेड रिकॉर्ड देखना जरूरी होता है।
  8. आप ऐसे ब्रोकर का चुनाव करें। जिस से संपर्क करने में आपको किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना ना करना पड़े।
  9. आजकल अनेक बैंक में ब्रोकिंग का कारोबार चल रहा है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि जहां पर आप डिमैट अकाउंट जिस बैंक पर खुलवा रहे हैं वहीं से आप Broking Account या Trading Account ले सकते हैं।
  10. एक अच्छा ब्रोकर ग्रहक की सैर से संबंधित सुरक्षित ट्रेडिंग, ग्राहकों को निवेश संबंधी परामर्श और उनके पोर्टफोलियो को संचालित करता है। How to Choose a Stock Broker ( स्टॉक ब्रोकर का चुनाव कैसे करें)

ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज का सदस्य होता है। उसके पास या अधिकार होता है कि वह खुद के लिए तथा किसी और के लिए भी उस निवेश के लिए जो उस ब्रोकर के पास रजिस्टर्ड हो, शेयरों की खरीद बिक्री कर सकता है। पहले जहाँ किसी भी स्टॉक मार्केट पर शेयर दलाल या स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ते थे वहीं अब कुछ लाखों रुपए खर्च करके आप एक रजिस्टर्ड ब्रोकर बन सकते हैं। इसलिए एक सही ब्रोकर का चुनाव करते वक्त आपको इन सारी चीजों के बारे में जानकारी होना बेहद ही जरूरी है।