Best Investment Option – लघु बचत योजनाएं

हम भारतीय अक्सर पैसे बचाने के लिए निवेश के कई विकल्पों का चुनाव करने हेतु इंटरनेट पर खोजते हैं। भारत में छोटी बचत योजनाएं देशभर में कई बैंक और सरकारी संस्थान देते हैं। जिस वजह से छोटी बचत योजना लोगों के बीच में काफी ज्यादा लोकप्रिय भी है। आज का मार इस लेख में हम बात करने वाले हैं Best Investment Option – लघु बचत योजनाएं

हर व्यक्ति ऐसी योजना में पैसा लगाना चाहता है, जिसमें उसे अच्छा खासा ब्याज दर और काफी ज्यादा मुनाफा हो, इसके साथ ही उसे दिए जाने वाले टैक्स पर भी फायदा मिले। लोग ज्यादातर इस तरह के लघु बचत योजनाओं के तरफ आकर्षित होते हैं, जहां पर उनके पैसे भी सुरक्षित रहे। इस लेख में हम सबसे बढ़िया लघु बचत योजनाओं के बारे में जानकारी लेंगे।

Best Investment Option – लघु बचत योजनाएं

डाकघर का सबसे अच्छा बचत योजना

अपने पैसों को सुरक्षित रखने के लिए बहुत से लोग डाकघर में खाता खुलवा दें हैं। डाकघर में भी आपको बहुत सी लघु बचत योजनाएं मिल जाती है। अगर आपके बच्चे हैं, खासकर लड़की बच्ची तो आप डाकघर में – सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवा सकते हैं। जिसमें आपको टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। इसके अलावा अगर आप एक वरिष्ठ नागरिक है तो आप डाकघर में वरिष्ठ नागरिक बचत खाता खुलवा सकते हैं। डाकघर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए खोले जाने वाला खाता 60 साल से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए खोला जाता है।

डाकघर लघु बचत योजना के अंतर्गत आप अपने लिए पीपीएफ खाता भी खुलवा सकते हैं। पीपीएफ खाता किसी भी उम्र के बच्चे से लेकर के बुजुर्ग तक कोई भी खुलवा सकता है। डाकघर में खुलने वाली यह तीन लघु बचत योजना खाता के अंतर्गत दिए जाने वाला ब्याज दर हम आपको नीचे क्रम के अनुसार बता रहे हैं।

  • सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत आपको 7.6% ब्याज और पूरी तरह टैक्स फ्री मिलता है।
  • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के अंतर्गत दिए जाने वाला ब्याज दर 7.4% है और यह भी पूरी तरह से टैक्स फ्री है।
  • पीपीएफ के अंतर्गत डाकघर में दिया जाने वाला ब्याज दर 7.4% है और यह भी पूरी तरह से टैक्स फ्री है।
  • इसके अलावा आप डाकघर से राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र खरीद सकते हैं इसके अंतर्गत आपको 6.8% ब्याज दर और आपके द्वारा दिए जाने वाले टैक्स पर 80C के अंतर्गत छूट दी जाती है।
  • अगर आप पोस्ट ऑफिस में फिक्स डिपाजिट 5 वर्षों के लिए करना चाहते हैं तो इसके अंतर्गत 6.7% ब्याज दिया जाता है और इसमें भी आप को दिए जाने वाले टैक्स पर 80C के अंतर्गत छूट दी जाती है।

हम नीचे इन सारी लघु बचत योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे। ताकि, आप किसी भी ऊपर दिए गए योजना में निवेश करें तो इसके बारे में आपके पास में जानकारी होना बेहद जरूरी है।

➦ क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?

ऐसे तो सुकन्या समृद्धि योजना के खाते आप किसी भी बैंक में खुलवा सकते हैं। इस योजना की मुख्य विशेषता हम नीचे बतला रहे हैं।

  • कोई भी माता-पिता अगर उनकी कोई लड़की बच्ची है तो उसके लिए या खाता खोला जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 0 वर्ष से लेकर के 10 साल की बच्ची का खाता खोला जाता है। अगर आपने किसी को गोद ले रखा है तो कानूनी तौर पर अगर आप उसके माता पिता है तो भी आप उसके लिए सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवा सकते हैं।
  • सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत कम से कम ₹250 जमा करना होता है। उसके बाद सो के गुण अंत में जितना चाहे पैसे जमा कर सकते हैं। लेकिन किसी एक वित्तीय वर्ष में ₹150,000 से अधिक आप इस योजना के अंतर्गत नहीं जमा कर सकते हैं। हर साल आप चाहे कितने भी पैसे जमा करें किस तो कर ले कर के इसमें किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।
  • आप केवल एक बच्ची के लिए केवल एक ही खाता खुलवा सकते हैं। यदि आपकी और एक बच्ची है तो उसके लिए आपको अलग से खाता खुलवाना होगा।
  • सरकारी नियम अनुसार सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत दो से ज्यादा लड़कियों या बच्चियों के लिए खाता नहीं खोला जा सकता है। अगर दूसरी संतान जुड़वा है तभी आप तीसरी बच्ची के लिए खाता खुलवा सकते हैं।
  • जिस दिन आप खाता खुलवा आएंगे, उस दिन से 21 साल पूरे होने तक आपका खाता चलता रहेगा। लेकिन लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरी होने के बाद ही उसकी शादी होगी तभी जाकर के खाता बंद करवाया जा सकता है।
  • अगले 14 साल तक इसमें हर साल आपको पैसे जमा करते रहना होगा। 15 से 21 साल तक आपको इस योजना के अंतर्गत पैसे जमा नहीं करने पड़ते हैं। इस दौरान आपको आपके सुकन्या समृद्धि योजना खाते पर ब्याज का लाभ भी मिलता रहेगा।

सुकन्या समृद्धि योजना पीपीएफ एनपीएस जैसी छोटी बचत योजनाओं के लिए सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही की ब्याज दर तय कर दी है। नए वित्तीय वर्ष 2021 और 2022 की पहली तिमाही के लिए ब्याज दर 1 अप्रैल से लागू होता है। सरकार ने फिलहाल इन योजनाओं की ब्याज दर में किसी भी तरह का कोई भी बदलाव करने का ऐलान नहीं किया है। अगले तिमाही इन स्कीम में उतना ही ब्याज मिलता रहेगा जितना कि पिछले तिमाही में मिल रहा था।

सरकार छोटी बचत योजनाओं के लिए हर 3 महीने में ब्याज दर तय करती है। यह सरकार के ऊपर निर्भर करता है कि वह कब इसमें बदलाव करें ऐसा जरूरी नहीं कि हर 3 महीने में वह ब्याज दर में बदलाव करती रहे।

पेंशन धारियों और किसानों को ज्यादा फायदा इसके तहत दिया जाता है। छोटी बचत योजना या लघु बचत योजना की ब्याज दरों में बदलाव होने पर पेंशन धारकों, बुजुर्गों, किसानों पर भी ज्यादा असर होता है। यह लोग छोटी बचत के ब्याज से प्राप्त आय पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं।

इसीलिए छोटी बचत योजनाओं पर दिए जाने वाले ब्याज दर की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। पिछली बार सरकार ने तीसरी तिमाही यानी कि अक्टूबर और दिसंबर के महीने में ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की थी। वित्त मंत्रालय ने उस समय सितंबर में विभिन्न लघु बचत योजनाओं के दरों में 0.30% से लेकर के 0.40% तक की वृद्धि की थी।

छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा ब्याज वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.7% की ब्याज दर दी जाती है। इसके बाद पीपीएफ और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर भी ब्याज दर लगभग 8%, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.5% की ब्याज दर दी जाती है।

 


Published on मई 10, 2022

About Sugan Dodrai

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