गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की जीवनी – Biography of Neeraj Chopra

गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की जीवनी – Biography of Neeraj Chopra नीरज चोपड़ा भारत के जैबलिन थ्रो यानी कि भला फेक खिलाड़ी है जिन्होंने हाल फिलहाल में टोक्यो ओलंपिक्स 2021 में गोल्ड मेडल भारत को दिलवाया है। आज के हमारे इस लेख में हम इस गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा के जीवन के बारे में अपने इस लेख में बताने वाले हैं।

टोक्यो ओलंपिक्स 2021 में इन्होंने में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतरीन जैवलिन थ्रो करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। उन्होंने इसके साथ ही अपना एवं भारत का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करवा लिया है। उन्होंने फाइनल में अपने पहले ही प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी भाला फेंक प्रतियोगिता में रिकॉर्ड बना करके भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है। बेहतरीन प्रदर्शन करने के कारण इन्हें आर्मी में भी शामिल किया गया है। जिसके कारण वे अपने घर के लिए आजीविका का साधन बन गए हैं । चलिए इनके जीवन के बारे में हम अपने इस लेख में विस्तार से बात करने वाले हैं।

गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की जीवनी – Biography of Neeraj Chopra

टोक्यो ओलंपिक 2021 गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा का जन्म वर्ष 1997 में 24 दिसंबर को भारत देश के हरियाणा राज्य के पानीपत शहर में हुआ था। इनके पिता का नाम सतीश कुमार है और इनकी माता का नाम सरोज देवी है। इनकी दो बहने भी है। इनके पिता सतीश कुमार पेशे से एक किसान है। जबकि इनकी माताजी एक ग्रहणी है।

भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हरियाणा से प्राप्त की है। विभिन्न मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक उन्होंने अपनी पढ़ाई स्नातक तक की डिग्री हासिल की है। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद नीरज चोपड़ा ने बीबीए कॉलेज में दाखिला लिया था और वहीं से इन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री हासिल की है।

नीरज चोपड़ा जब छोटे थे तब उनके घर वाले उन्हें काफी प्यार करते थे। परिवार के दुलारे होने के चलते बचपन में नीरज चोपड़ा का वजन काफी बढ़ गया था। ऐसे में वजन कम करने के लिए नीरज चोपड़ा बचपन से ही हल्की-फुल्की कसरत करना शुरू कर दिया था। अपने वजन को कम करने के लिए उन्होंने खेलकूद में ध्यान देना शुरू कर दिया। नीरज चोपड़ा को बचपन से ही खेलों में काफी रूचि थी। इस चलते उनका रुझान खेलकूद पर बचपन से ही था। उन्होंने अपनी खेलकूद की शुरुआत कबड्डी से की थी। उनके गांव के आसपास कोई स्टेडियम तो नहीं है इसीलिए नीरज चोपड़ा प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए गांव से 16 से 17 किलोमीटर दूर पानीपत के शिवाजी नगर स्टेडियम में जाने लगे।

शिवाजी नगर स्टेडियम में नीरज चोपड़ा की मुलाकात जय वीर नाम के एक युवक से हुई। जो वहां पर भाला फेंक का अभ्यास किया करते थे। एक दिन इसी खेल खेल में जयवीर ने नीरज चोपड़ा से भाला फेंकने के लिए कहा। जब नीरज चोपड़ा ने संभाला फेंका तो जयवीर उनसे काफी ज्यादा प्रभावित हो गए और उन्होंने नीरज चोपड़ा को भाला फेंकने की प्रैक्टिस करने की सलाह दी।

उन्हें जय वीर की दी गई सलाह काफी अच्छी लगी, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि उनका वजन काफी ज्यादा था। नीरज चोपड़ा बताते हैं कि बचपन में वह लगभग 80 किलो के थे। उन्होंने सबसे पहले अपना वजन 20 किलो तक कम किया। इसके बाद नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो में उन्होंने अपना हाथ आजमाया।

वजन कम करने के बाद नीरज चोपड़ा के सामने समस्या यह थी कि उनके पास जैवलिन खरीदने की पैसे नहीं थे। उस समय एक अच्छा क्वालिटी का जैवलिन काफी महंगा आता था। लगभग एक लाख रुपए के आसपास इसकी कीमत थी। जबकि उनके परिवार के लिए खरीदना मुश्किल था। ऐसे में नीरज चोपड़ा ने 6 से ₹7000 की जैवलिन खरीदी और उससे उन्होंने प्रैक्टिस करना आरंभ किया। इससे नीरज चोपड़ा लगातार प्रैक्टिस किया करते थे। इस तरह से उन्होंने अपने हुनर को निखारा है।

नीरज चोपड़ा को मिली उपलब्धियां – Neeraj Chopra Achievements

  • नीरज चोपड़ा ने सबसे पहले साल 2012 में लखनऊ में हुए अंडर 16 नेशनल जूनियर चैंपियनशिप में 68.46 मीटर भाला फेंककर के स्वर्ण पदक जीता था।
  • इसके बाद साल 2013 में नीरज चोपड़ा नेशनल यूथ चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रहे थे।
  • साल 2015 में नीरज चोपड़ा ने इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में 81.04 मीटर दूरी पर भाला फेंक कर के अपने एज ग्रुप के लिए एक रिकॉर्ड कायम किया था।
  • वर्ष 2016 में नीरज चोपड़ा ने जूनियर विश्वकप चैंपियनशिप में 86.48 मीटर भाला फेंक कर के विश्व रिकॉर्ड कायम किया था।
  • साल 2016 में ही उन्होंने दक्षिणी एशियाई खेलों में 82.23 मीटर भला फेक करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
  • वर्ष 2017 में उन्होंने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 85.25 मीटर भाला फेंक कर के स्वर्ण पदक हासिल किया था।
  • साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ खेलों में नीरज चोपड़ा ने 86.47 मीटर भाला फेंक कर के स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
  • एशियन गेम्स में उन्होंने भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर के यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया कि वह पहले से भारतीय है जिन्होंने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता है। इसके साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल निधि जीता है। जो उन्हें मिल्खा सिंह के बाद इस तरह का कारनामा करने वाला दूसरा खिलाड़ी बनाता है।
  • साल 2021 में हुए टोक्यो ओलंपिक्स में उन्होंने 86.65 मीटर का जैवलिन थ्रो फेंक करके फाइनल में अपनी जगह बनाई। इसके साथ ही उन्होंने फाइनल मुकाबले में 87.58 मीटर का बेहतरीन शो पैक करके पहले ही प्रयास में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है।

नीरज चोपड़ा को मिले इनाम की राशि – Neeraj Chopra Rewards

उनके खेल को देखते हुए और विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा इनाम के तौर में कई सारी राशि दी गई है।

  1. ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा को कई सारे इनाम से नवाजा गया है। हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें 6 करोड़ रुपए, रियायती प्लाट देने की घोषणा भी की गई है।
  2. रेलवे ने नीरज चोपड़ा को 3 करोड रुपए इनाम देने की बात कही है।
  3. पंजाब सरकार ने नीरज चोपड़ा को 2 करोड रुपए इनाम के तौर पर दिया है।
  4. मणिपुर सरकार ने नीरज चोपड़ा को 1 करोड़ रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
  5. बीसीसीआई की तरफ से चेन्नई सुपर किंग्स ने 1 करोड़ रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
  6. इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा नीरज चोपड़ा को 75 लाख रुपए दिए गए हैं।

ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, उन्हें भारतीय आर्मी द्वारा भारतीय सेना में नया सूबेदार के पद पर तैनात किया गया है। जूनियर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में नया सूबेदार नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने खेल के बदौलत टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता है। नीरज चोपड़ा को अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वहीं अगर नीरज चोपड़ा की कुल संपत्ति की बात करें तो उनकी कुल संपत्ति 3 मिलियन डॉलर के आसपास है।