The Moon’s Moving Away From Earth – क्या चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता जा रहा है?

चंद्रमा (Moon) पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह के रूप में जाना जाता है। हर दिन जब भी हम आकाश में चंद्रमा की तरफ देखते हैं तो वह हमें वही नजर आता है। लेकिन, कई सारे वैज्ञानिक और शोधकर्ता यह मानते आ रहे हैं कि चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर होता जा रहा है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि यह कहीं भी इतनी तेजी से पृथ्वी से दूर नहीं होगा। आज के हमारे इस लेख में हम इसी बारे में बात करने वाले हैं, The Moon’s Moving Away From Earth – क्या चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता जा रहा है? इसके साथ ही हम अपने इस लेख में इस बारे में भी चर्चा करेंगे कि क्या वाकई में चंद्रमा धरती से दूर हो रहा है? इसके साथ हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि इस बारे में विज्ञान क्या कहता है?

असल में क्या बात सच है कि हर दिन चंद्रमा हमारी धरती से दूर होते जा रही है। जब तक यह हमारी धरती या पृथ्वी से दूर हो चुकी होगी तब तक हमारे इस धरती से मनुष्य की प्रजाति भी समाप्त हो चुकी होगी। लेकिन, धरती पर जीवन अपने लिए कोई ना कोई नया रास्ता खोजी लेती है। इन्हीं सवालों के जवाब आज हम अपने इस लेख में देने वाले हैं।

The Moon’s Moving Away From Earth – क्या चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता जा रहा है?

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हर साल चंद्रमा पृथ्वी से 3.8 सेंटीमीटर दूर चला जाता है। इसी प्रभाव के कारण धरती पर हमें ज्वार भाटा देखने को मिलता है। इसके साथ ही आपको यह भी जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी की गति प्रति सेकंड हर शताब्दी में लगभग 0.002 सेकंड से धीमी होती जा रही है।

एक सिद्धांत के मुताबिक जिसे वैज्ञानिकों ने खोजा है जो यह बताता है कि चंद्रमा को लगभग 4.6 अरब साल पहले मंगल के आकार की एक वस्तु द्वारा के समान बना था।

वैज्ञानिकों का कहना है कि एक दिन धरती का प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा धरती से बहुत दूर चला जाएगा। ऐसा होने में धरती पर बहुत कुछ बदल जाएगा। शायद हमारी इस धरती से जीवन का खात्मा भी हो जाए। चंद्रमा को धरती से दूर जाने में लगभग 60 करोड़ साल लगेंगे।

अगर चंद्रमा धरती से दूर हो जाती है तो जीवन धरती से एकदम से खत्म हो जाएगी। चांद धरती का एक प्राकृतिक उपग्रह है। चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी पर खास असर डालती है। चांद के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही हम हमारी धरती पर समुद्रों की लहरों के ज्वार भाटा जैसी गतिविधियों को देख पाते हैं। इतना ही नहीं दिन रात की स्थिति पर भी चांद का असर पड़ता है। धरती के झुकाव पर भी चांद असर डालता है। अगर चांद धरती से दूर चली जाती है तो इन सारी गतिविधियों पर भी काफी असर पड़ेगा।

चंद्रमा का धरती से दूर जाने पर धरती पर क्या असर होगा?

एक बात तो तय है, अगर चंद्रमा हमारी धरती से दूर चली जाए तो धरती से जीवन एकदम से खत्म हो जाएगी। धरती से दूर होता चंद्रमा धीरे-धीरे छोटा दिखने लगेगा। चंद्रमा के दूर होने से हमारी धरती पर गुरुत्वाकर्षण बल का असर पड़ेगा और धरती का अक्ष पर झुकाव भी प्रभावित होगा। इतना ही नहीं हम जो समुद्र के ऊपर लहरों के ज्वार भाटे देखते हैं, वह भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। हो सकता है कि समुद्र हमें एकदम से शांत लगे।

हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि चंद्रमा का पृथ्वी से दूर होने पर समुद्र पर बनने वाली लहरें भी बंद हो जाएगी। धरती पर रात और दिन के समय में अंतर आ सकता है। रात में विचर करने वाले जीवो पर काफी असर पड़ेगा। इससे ऐसा हो सकता है कि कुछ जीवो की प्रजातियां हमेशा के लिए विलुप्त हो जाए। इतना ही नहीं मौसम में भी हमें कई सारे परिवर्तन देखने को मिलेंगे, किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं होगी कि कब कौन सा मौसम बदलेगा।

चंद्रमा के दूर होने के पीछे वैज्ञानिकों का क्या मानना है?

खगोल शास्त्रियों का मानना है कि चंद्रमा जब बना था तब वह धरती से काफी कम दूरी पर था। इस वजह से धरती पर दिन केवल 5 घंटे का ही होता था। धीरे धीरे जैसे-जैसे चंद्रमा की दूरी पृथ्वी से बढ़ती गई वैसे वैसे दिन के घंटे भी बढ़ते चले गए। वर्तमान समय में लगभग 4.58 साल पहले तक चंद्रमा के उत्पत्ति एक ग्रह के टकराने के कारण हुई। जिससे कि धरती पर दिन के घंटे बदलकर के 24 घंटे हो गए।

चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण टाइडल फ्रिक्शन के कारण ही पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से चांद को हल्का बल मिलता है। इस गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही चंद्रमा के कक्षा की गति बढ़ जाती है और अगर वैज्ञानिकों की मानें तो इस गति के कारण चंद्रमा हमसे धीरे-धीरे दूर होते जा रहा है। विभिन्न वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं द्वारा क्या कहा गया है कि चंद्रमा हर साल 1.5 इंच दूर होता जा रहा है।

दी अटलांटिक नामक एक पत्रिका में छपी रिपोर्ट की माने तो चंद्रमा को पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रह भी खींच रहे हैं। उनकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी से ज्यादा है। इसलिए चंद्रमा प्रतिवर्ष लगभग 8 इंच की दर से हमारी धरती से दूर होता जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले कुछ सालों में चंद्रमा के पीछे हटने की दर में बदलाव भी आया है। इसके चलते चंद्रमा पर कई खगोलीय घटनाएं हुई है। यही वजह है कि चंद्रमा पर उल्का पिंडों की बमबारी की घटनाएं होती रहती है। इसी के साथ ही धरती पर चंद्रमा में आए इन बदलाव के कारण ऋतु चक्र या मौसम चक्र में भी बदलाव देखे जा सकते हैं।

धीरे-धीरे चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी से दूर और बहुत दूर हो जाएगा। ऐसा होने में लगभग 60 करोड़ साल लगेंगे। हो सकता है कि तब तक धरती से जीवन का खात्मा भी हो जाए। अगर धरती से चंद्रमा की दूरी बढ़ती है तो दिन की लंबाई भी बढ़ेगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब 600 मिलीयन साल बाद चंद्रमा इतना दूर चला जाएगा कि वह एक तारा बन कर के रह जाएगा और उसे हम नंगी आंखों से भी नहीं देख पाएंगे।

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निष्कर्ष

आज के हमारे इस लेख में हमने आप सभी लोगों को इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है कि, The Moon’s Moving Away From Earth – क्या चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता जा रहा है? इसके साथ ही हमने अपने इस लेख में इस बारे में भी चर्चा किया है कि क्या होगा अगर चंद्रमा हमारी धरती से दूर हो जाए? इससे हमारी धरती पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

अगर चंद्रमा धरती से दूर हो जाती है, तो लगभग धरती से जीवन का खात्मा हो सकता है। हालांकि, जीव और जीवन पनपने के लिए नया रास्ता खोज लेती है। लेकिन चंद्रमा की धरती से दूर होने पर दिन रात की अवधि बढ़ जाएगी। हमारे धरती पर मौसम चक्र एकदम से बदल जाएगा। कब कौन सा मौसम आएगा इस बारे में किसी को भी जानकारी नहीं होगी। इसके साथ ही धरती पर सूर्य और चंद्र ग्रहण की घटनाएं भी बंद हो जाएगी। हो सकता है कि चंद्रमा का सूर्य के पास अधिक नजदीक तक पहुंचने पर चंद्रमा पिघल जाएगा और कुछ सालों बाद वह ब्रह्मांड में गायब हो जाएगा।

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