Biography of Arundhati Bhattacharya – अरुंधति भट्टाचार्य की जीवनी

अरुंधति भट्टाचार्य को आप में से बहुत सारे लोग जानते होंगे। अरुंधति भट्टाचार्य भारत की सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की चेयर पर्सन के रूप में जानी जाती है। वह पहली महिला है जो भारतीय स्टेट बैंक के इस पद पर उन्होंने कार्य किया है। उन्होंने 7 अक्टूबर 2013 को यह पद ग्रहण किया था। और उनका कार्यकाल 7 अक्टूबर 2017 को खत्म हो गया है। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरपर्सन के रूप में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक को काफी आगे तक बढ़ाने का काम किया है। इस पद पर आसीन होने से पहले 57 वर्षीय अरुंधति भट्टाचार्य एसबीआई की प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी थी। फोर्ब्स जैसी पत्रिका ने उन्हें 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में रखा था। आज के हमारे इस लेख में हम इनके जीवन के बारे में प्रकाश डालने वाले हैं। Biography of Arundhati Bhattacharya – अरुंधति भट्टाचार्य की जीवनी

Biography of Arundhati Bhattacharya – अरुंधति भट्टाचार्य की जीवनी

अरुंधति भट्टाचार्य भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की 24 वीं चेयरमैन रही है। अरुंधति भट्टाचार्य का जन्म 18 मार्च 1965 को कोलकाता भारत में एक बंगाली परिवार में हुआ है। उनका बचपन छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में बीता है, इनके पिता भिलाई प्लांट में इंजीनियर थे। वहीं इनकी माता श्री कल्याणी मुखर्जी झारखंड के बोकारो शहर में होम्योपैथी कंसलटेंट थी। इनकी एक बात भी है जिनका नाम अदिति बसु है।

अरूंधती भट्टाचार्य ने अपनी शुरुआती शिक्षा संत जेवियर स्कूल बोकारो से पूरी की, इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे कोलकाता चली गई जहां उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई पूरी की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रीतिमोय भट्टाचार्य से शादी कर ली, जो आईआईटी खड़कपुर में एक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।

अरुंधति भट्टाचार्य का भारतीय स्टेट बैंक में कैरियर

अरुंधति भट्टाचार्य ने वर्ष 1977 में एक प्रोबेशनरी ऑफिसर के तौर पर स्टेट बैंक में काम करना शुरू किया था। तूने बैंक में 36 वर्ष काम किया है। इस दौरान उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक मे विभिन्न पदों पर काम किया, जैसे उप प्रबंधक निदेशक और कॉर्पोरेट विकास अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक और मुख्य महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पद भी उन्होंने संभाले हैं।

अरुंधति भट्टाचार्य भारतीय स्टेट बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर चीफ फाइनेंशियल ऑफीसर रह चुकी है। इसके साथ ही वह भारतीय स्टेट बैंक की और एक सहायक कंपनी भारतीय स्टेट बैंक कैपिटल की प्रमुख भी रह चुकी है।

जब वह भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला तोहफा भारतीय स्टेट बैंक के दो शताब्दियों के इतिहास में इस बैंक के सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली प्रथम महिला बन गई। वह भारत की प्रथम और फिलहाल एकमात्र महिला है, जो फार्च्यून इमेजिन के 500 लिस्ट में आने वाले किसी भारतीय कंपनी का नेतृत्व करती है। यदि सिर्फ बैंकिंग की बात की जाए तो दुनिया भर में एकमात्र महिला है जो फॉर्च्यून मैगजीन के 500 लिस्ट में आने वाली किसी बैंक का नेतृत्व करती है। यही नहीं भारतीय स्टेट बैंक के 15000 शाखाओं तथा संपूर्ण भारत के बैंक डिपॉजिट में 22% हिस्सेदारी के साथ भारत का सबसे बड़ा बैंक है और इसकी शीर्ष नेता होने के साथ ही वह भारत की सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं में गिनी जाती है।

भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम करते हुए, उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक को शिखर पर पहुंचाया है। इसके अलावा अरुंधति भट्टाचार्य बैंक ऑफ न्यूयॉर्क अमेरिका के कार्यालय में निगरानी प्रभारी भी रह चुकी है। वह भारतीय स्टेट बैंक की सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड की प्रमुख भी रह चुकी है। उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक के नवीनतम सहायक कंपनी में से तीन की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके अलावा बैंक के अन्य तीन मैनेजिंग डायरेक्टर हेमंत कंस्ट्रक्टर, ए कृष्ण कुमार और एस विश्वनाथन भी इस पद के लिए उम्मीदवार थे। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की अध्यक्षता में बनी चयन समिति ने आखिरकार अरुंधति भट्टाचार्य का चुनाव किया। भारतीय स्टेट बैंक की चेयरपर्सन बनने के साथ ही एक साथ कई उपलब्धियां उनके नाम के साथ जुड़ गई है।