Does Human Height Decrease With Age? क्या उम्र के साथ इंसान की हाइट घटती है?

क्या एकता उम्र के बाद इंसान की लंबाई घटने लगती है? इसका जवाब है, हां! । विज्ञान के नजरिए से देखें तो 18 से 20 वर्ष तक की उम्र के ही इंसान की लंबाई बढ़ती है। इसके बाद हंसती रहती है और 30 से 40 की उम्र के बाद जैसे शरीर ढलना शुरू होता है वैसे उसे लंबाई भी घटने लगती है। आज के हमारे इस लेख में हम इसी बारे में जानकारी लेने वाले हैं कि Does Human Height Decrease With Age? क्या उम्र के साथ इंसान की हाइट घटती है?

उम्र बढ़ने के साथ-साथ इंसान की हाइट भी कम होती जाती है। ऐसा केवल पुरुषों के साथ नहीं बल्कि महिलाओं के साथ भी होता है। जब भी आप अपने ग्रैंडपेरेंट्स को देखते हैं तो पता चलेगा उनका शरीर सिकुड़ रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि शरीर की लंबाई में सबसे बड़ा रोल तो हड्डियों का होता है तो क्या उम्र के साथ हड्डियां भी अपनी लंबाई खोने लगती है।

Does Human Height Decrease With Age? क्या उम्र के साथ इंसान की हाइट घटती है?

उम्र के साथ हाइट कम होती जाती है।

हां!, उम्र के साथ इंसान की हाइट भी घटने लगती है। किशोरावस्था में महिला एवं पुरुष दोनों की हाइट काफी तेजी से बढ़ती है। लेकिन जैसे जैसे हम बड़े होते हैं हमारी ऊंचाई कम होती जाती है। यही वजह है कि हम अपने माता-पिता और दादा दादी को सिकुड़ते हुए देखते हैं।

ऊंचाई में यह कमी हमें पुरुष और महिला दोनों में देखने को मिलती है। बुढ़ापा सार्वभौमिक है तो भी हमारी ऊंचाई मे क्रमिक कमी आती है। ज्यादातर लोग आम तौर पर 30 साल कभी-कभी 40 साल की उम्र के आसपास अपना कद कम करना शुरू कर देते हैं। इस उम्र के बाद हर 10 साल बाद मनुष्य लगभग 1 सेंटीमीटर खो देता है।

देखा जाए तो या लगभग आधा इंच कम होता है। इस प्रकार हम उम्र के रूप में अपनी ऊंचाई के 2.5 से 7.5 सेंटीमीटर यानी कि 1 से 3 इंच के बीच अपनी हाइट घटा लेते हैं।

ऊंचाई में यह कमी उम्र के साथ भी तेजी से आती है। एक व्यक्ति जितना बड़ा होता जाता है, उतना ही तेजी से वह अपनी ऊंचाई खोते जाता है।

पुरुषों और महिलाओं के लिए ऊंचाई में कमी में अंतर

पुरुषों और महिलाएं अलग-अलग ऊंचाई मे अंतर देखने को मिलता है। एक ही उम्र के पुरुष की तुलना में महिलाएं अधिक इंच खो देती है। सिर्फ इंच ज्यादा नहीं बल्कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में तेजी से लंबाई बढ़ती उम्र के साथ घटने लगती है।

इसके अलावा रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं की हाइट तेजी से कम होने लगती है। 30 से 70 वर्ष की आयु से शुरू होने वाली ऊंचाई में पुरुषों में देखा गया है कि उनकी हाइट 3 सेंटीमीटर तक घट जाती है। वहीं महिलाओं के लिए यह आंकड़े बढ़कर के 5 सेंटीमीटर तक हो जाते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो बढ़ती उम्र के साथ औसतन पुरुषों में देखा गया है कि वह 3 सेंटीमीटर तक अपनी हाइट खो देते हैं। वही महिला है 5 सेंटीमीटर तक अपनी हाइट खो देती है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित एक शोध पत्र ने यह निष्कर्ष निकाला कि क्रॉस सेक्शनल और अनु धैर्य विश्लेषण दोनों में उम्र के साथ पुरुषों और महिलाओं की ऊंचाई कम हो गई है। क्रॉस सेक्शनल अध्ययनों के द्वारा लिंग के कारण ऊंचाई में अंतर स्पष्ट नहीं था। हालांकि, Longitudinal शोध अध्ययन के दौरान यह स्पष्ट रूप से स्पष्ट हो गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की उम्र के रूप में उनकी ऊंचाई अधिक तेजी से घटती है।

इसके अलावा, दिलचस्प बात यह है कि पुरुषों के लिए ऊंचाई घटाने की दर उनकी प्रारंभिक ऊंचाई पर निर्भर करती है। इसका मतलब यह है कि लंबे पुरुष तेजी से ऊंचाई कम करते हैं। हालांकि, यह महिलाओं पर लागू नहीं होता है जैसा कि अध्ययन में पाया गया है।

बढ़ती उम्र के साथ हाइट कम क्यों होती है?

किसी भी व्यक्ति में पैर की हड्डियां, रीढ़ और खोपड़ी की लंबाई किसी व्यक्ति की ऊंचाई निर्धारित करती है। यह आमतौर पर किशोरावस्था के अंत तक अपनी अधिकतम लंबाई प्राप्त कर लेते हैं, जिसके बाद किसी की ऊंचाई नहीं बढ़ती है।

जब हम जवान होते हैं उस दौरान पैर की हड्डियों और खोपड़ी की लंबाई काफी हद तक समान रहती है। लेकिन रीड की हड्डी की हड्डियां ऊंचाई कम करने में भूमिका निभाती है।

हमारे रीड में 24 हड्डियां होती है, जिनमें से प्रत्येक को कशेरूक कहा जाता है। यह एक के ऊपर एक चढ़ी हुई हड्डियां होती है और हमारी गर्दन के पिछले हिस्से से लेकर के हमारी कमर तक फैली हुई होती है। प्रत्येक के कशेरूक के बीच एक जेल जैसा तरल पदार्थ होता है जिसे डिस्क कहा जाता है। यह कशेरूक डिस्क हमारे शरीर के पोस्टर को बनाए रखने में आवश्यक भूमिका निभाते हैं। किसी तरह के झटके इत्यादि में शॉक अब्जॉर्बर की तरह काम करते हैं और हमारे पीठ को फ्लैक्सिबिलिटी देते हैं।

उम्र के साथ हाइट घटने का पहला कारण

उम्र बढ़ने के साथ-साथ, हमारे रीड की हड्डी में मौजूद द्रव या जेल भी कम होने लगता है। जिससे कि हमारी कशेरूक डिस्क भी पतली होने लगती है। जैसे ही ऐसा होता है, कशेरूका एक दूसरे से सटने लगते हैं। इसके अलावा इस पर लिक्विड पदार्थ के नुकसान के परिणाम स्वरूप हम उम्र के रूप में पीठ तेजी से कठोर होते जाते हैं। जिससे कशेरूक भी अपनी खनिज सामग्री खोने लगते हैं। जिसमें पतले और आकार में छोटे हो जाते हैं। अंगों की लंबाई हड्डियां भी अपनी खली सामग्री को देती है लेकिन वह अपनी लंबाई नहीं बदलते हैं। इस वजह से भी बढ़ती उम्र के साथ इंसान की हाइट कम होने लगती है।

वर्टेब्रल डिस्क उम्र के साथ पतली होती जाती है।

उम्र के साथ हाइट घटने का दूसरा कारण

उम्र के साथ पैर के स्नायु बंधन खराब होने लगते हैं। इससे हमारा पैर नीचे हो जाता है। जैसे-जैसे पैर चपटा होता जाता है, हमारी हाइट थोड़ी कम हो जाती है। हालांकि, यह प्रभाव कशेरूक डिस्क की के कारण होने वाले परिवर्तन के रूप में स्पष्ट नहीं बताया गया है।

उम्र के साथ हाइट घटने का तीसरा कारण

उम्र के साथ, आंशिक रूप से शोष मांसपेशियों के ऊतकों के नुकसान के कारण शरीर अपना दुबला द्रव्यमान की मांसपेशियों को खो देते हैं। यह स्थिति, जिससे तकनीकी रूप से सरकोपेनिया कहा जाता है।

इससे ग्रसित लोग उम्र के साथ-साथ मांसपेशियों की हानि होती जाती है। मांसपेशियों के तंतु सिकुड़ने लगते हैं और धीमी गति से बदल जाते हैं। यह मांसपेशियों का नुकसान धड़ से सबसे अधिक प्रचलित है उम्र के साथ जिस में कमी आने लगती है।

क्या ऊंचाई में इस कमी को रोकने के लिए कुछ किया जा सकता है?

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हम इसमें बदलाव नहीं कर सकते हैं। हां लेकिन हम इसके होने की गति को कम कर सकते हैं। कुछ आदतों और जीवनशैली में बदलाव से हम लंबाई में 1 या 2 इंच की कमी ला सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित चीजों को करने की जरूरत होती है।

  • व्यायाम करें :- यह अब तक हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है। इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से आप की ऊंचाई को भी प्रभावित करता है।
  • भोजन में अच्छा आहार लें :- कैल्शियम और विटामिन बी से भरपूर आहार हड्डियों को मजबूत बनाने में काफी मदद करता है। कशेरूक द्वारा खनिज के नुकसान की भरपाई भी करता है।
  • अत्यधिक मात्रा में धूम्रपान और शराब या कैफीन पीने से बचने की कोशिश करें।

उम्र के साथ हाइट में थोड़ी कमी होना लाजमी है। हम इसे रोक नहीं सकते हैं लेकिन उचित आहार, नियमित व्यायाम और शराब, तंबाकू और कैफीन के सेवन को कम करके हम इसमें कमी ला सकते हैं।