What is Commercial Bank? – कमर्शियल बैंक क्या होता है?

कोई भी Commercial Bank – कमर्शियल बैंक एक ऐसे संस्थान होती है जो मुद्रा के लेन देन को सरल बनाती है। वाणिज्य बैंक किया कमर्शियल बैंक इन बैंकों को कहते हैं जो धन जमा करने, व्यवसाय के लिए ऋण देने जैसी सेवाएं प्रदान करती है। इस तरह के बैंक को वाणिज्य बैंक अंग्रेजी में कमर्शियल बैंक या व्यवसायिक बैंक या व्यापारिक बैंक भी कहते हैं। एक कमर्शियल बैंक लोगों को द्वारा जमा किए गए रुपयों को स्वीकार करता है और लोगों को मुद्रा की जरूरत होने पर उन्हें लोन या उधारी भी देता है। भारत में ऐसे कई सारे कमर्शियल बैंक है जो वर्तमान समय में क्रेडिट मॉनिटरिंग का काम भी करते हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो एक कमर्शियल बैंक व संस्थान होती है जो लाभ कमाने के उद्देश्य से लोगों की जमा रुपए को स्वीकार करती है और लोगों को जब लोन की आवश्यकता होती है तो उन्हें उधारी या लोन देती है। आज के हमारे इस लेख में हम जानेंगे कि What is Commercial Bank? – कमर्शियल बैंक क्या होता है?

What is Commercial Bank? – कमर्शियल बैंक क्या होता है?

अगर किसी भी वाणिज्य बैंक को परिभाषित किया जाए तो वह एक ऐसी संस्थान है जो उन लोगों से पैसा जमा लेती है, लोगों को आवश्यकता होने पर लोन या ऋण या उधारी देने का काम करती है। इसीलिए किसी भी कमर्शियल बैंक के दो कार्य होते हैं।

  1. जमा स्वीकार करना
  2. लोन या ऋण देना

किसी भी कमर्शियल या वाणिज्य बैंक को मुख्यता इन्हीं दो कार्य के आधार पर परिभाषित करते हैं। इन दो कार्य के अंतर्गत कोई भी वाणिज्य बैंक निम्नलिखित कार्यों को करते हैं।

इन दोनों कार्य के अंतर्गत कोई भी वाणिज्य बैंक कौन कौन से कार्य करती है इसको हम नीचे विस्तार से जानकारी लेंगे।

जमा स्वीकार करना के अंतर्गत मुख्य कार्य

1. बचत जमा खाता :- लोगों द्वारा बैंकों में बचत जमा खाता सामान्य तौर पर खोला जाता है। लोग बचत खाते में बचत करके पैसों को जमा करते हैं। किसी भी वाणिज्य बैंक में लोगों को यह सुविधा दी जाती है। कि वह पैसों को अपने बचत खाता में जमा एवं निकासी कर सकें। कुछ बैंक बचत जमा खाता पर एक निश्चित राशि तकिए निकासी कर सकने में सक्षम होते हैं।

2. Term Deposit – समय जमा खाता :- इसके अंतर्गत लोग एक निश्चित समय के लिए पैसों को बैंक के पास जमा करते हैं। बैंक निश्चित समय के लिए जमा की गए पैसों पर ब्याज देता है। समय से पहले आप इन पैसों को नहीं निकाल सकते हैं। अगर आप समय से पहले इन पैसों को निकालते हैं तो बैंक द्वारा उस पर पेनल्टी लगाई जाती है।

3. चालू जमा खाता – Current Account – खाता के अंतर्गत ग्राहक को यह सुविधा दी जाती है कि वह जितनी बार चाहे उतनी बार इस तरह के खाते से जमा एवं निकासी कर सकता है। चालू जमा खाता के अंतर्गत कोई भी बैंक की इस पर ब्याज नहीं देती है। इस तरह के खाते से किसी भी ग्रह को पैसे निकालने के लिए चेक बुक का इस्तेमाल करना होता है।

4. Recurring Deposit – आवर्ती जमा खाता – इस प्रकार के खाते में ग्रह को एक निश्चित जमा एक निश्चित समय हर महीने अपने खाते में जमा करनी होती है। यानी कि सीधे शब्दों में कहें तो आप अपने पैसों को जमा करने के लिए एक निश्चित राशि एक निश्चित साल के लिए हर महीने बैंक में जमा करते हैं। इस तरह का खाता आवर्ती जमा खाता कह लाता है।

लोन या ऋण देना के अंतर्गत बैंक के मुख्य कार्य

जब भी हम किसी वाणिज्य बैंक किया बैंक को परिभाषित करते हैं, तो हम कहते हैं कि कोई भी बैंक जमा स्वीकार एवं इसके बदले में लोगों को लोन देने का काम करती है। जिसे हम बैंक के रूप में परिभाषित करते हैं। लोन देना भी बैंक के मुख्य कार्य के अंतर्गत आता है। इसके अंतर्गत बैंक इन लोगों को लोन देती है। बैंक के मुख्य कार्य लोन संबंधी निम्नलिखित है।

1. नकद जमा – इसके अंतर्गत कोई भी बैंक लोन के अंतर्गत लोन लेने वाले व्यक्ति को एक निश्चित जमानत के आधार पर एक निश्चित जमा राशि निकालने को कहती है। इसके अंतर्गत लोन लेने वाला व्यक्ति एक सीमा के अंतर्गत रुपए जमा भी कर सकता है। और पैसों की आवश्यकता होने पर वह उससे पैसे भी निकाल सकता है। अंग्रेजी में इस तरह के खाते को Cash Credit कहते हैं। इस तरह का खाता एक लोन का ही रूप है। ज्यादातर इसका के खाते किसी उद्यमी, व्यापारी या कंपनी को ही दिए जाते हैं।

2. ओवरड्राफ्ट :- बैंक में जिन ग्राहकों का चालू किया जमा खाता होता है वह बैंक में एक समझौता के अनुसार अपनी जमाव से भी ज्यादा पैसे निकाल सकते हैं। जरूरत के आधार पर कोई भी ग्राहक अपने बैंक से ओवरड्राफ्ट की सुविधा ले सकता है। लेकिन निश्चित समय तक उसे बैंक को यह पैसे लौटाने होते हैं। ग्राहक द्वारा अपने खाते में मौजूद पैसों से अधिक पैसे निकालने को ओवरड्राफ्ट कहते हैं।

4. लोन लेना – बैंक अपने ग्राहकों को उनके जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह की लोन देने का काम भी करती है। जैसे कि घर बनाने के लिए होम लोन, शादी इत्यादि चीजों के लिए पर्सनल लोन, गाड़ी खरीदने के लिए व्हीकल लोन इत्यादि। इस तरह के खाते में बैंक द्वारा लोन की राशि ग्रहक के बचत खाते में जमा कर दी जाती है। ग्राहक के बचत खाते में लोन की राशि आज आने के बाद बैंक तुरंत इस पर ब्याज लगाना शुरू कर देता है।

5. सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश – बैंक सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार भी करती है, और इसके बदले में वह लोगों को लोन या उधारी देती है। बैंक सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदना अच्छा समझती है क्योंकि सरकारी प्रतिभूतियों में जोखिम बहुत कम होता है। उदाहरण के तौर पर किसान विकास पत्र इत्यादि।

निष्कर्ष

किसी भी वाणिज्य बैंक को परिभाषित करने के लिए हम या कहते हैं कि बैंक वह संस्थान है जो लोगों द्वारा जमा किए गए पैसों को स्वीकार करता है, और ग्राहक की जरूरत के अनुसार उन्हें लोन देने का कार्य भी करता है। उसे बैंक या वाणिज्य बैंक कहते हैं। आज के हमारे इस लेख में हमने What is Commercial Bank? – कमर्शियल बैंक क्या होता है? इसके बारे में जानकारी दी है। इससे संबंधित अगर आप के कुछ सवाल एवं सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं।