What is Wilful Loan Defaulters? विलफुल लोन डिफॉल्टर कौन है?

What is Wilful Loan Defaulters? विलफुल लोन डिफॉल्टर कौन है? हाल ही के दिनों में कुछ बैंक विलफुल लोन डिफॉल्टर के चलते काफी सुर्खियों में थे। इन बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और IDBI बैंक काफी ज्यादा सुर्खियों में रहे थे।

विलफुल लोन डिफॉल्टर कौन होते हैं? यह भारत सरकार के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी काफी बड़ी चिंता है। डिफॉल्टर होने के साथ-साथ बैंक को भी काफी नुकसान उठाना पड़ता है। भारतीय बैंकिंग प्रणाली की कमजोर सरकारी नीतियों और कम पारदर्शिता के कारण, चुकर्ताओं को अगह करना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। हमारी इस लेख में हम इस बारे में जानकारी देंगे कि What is Wilful Loan Defaulters? विलफुल लोन डिफॉल्टर कौन है? इसके अलावा हम भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन के ऊपर भी चर्चा करने वाले हैं।

What is Wilful Loan Defaulters? विलफुल लोन डिफॉल्टर कौन है?

Wilful Loan Defaulters को परिभाषित किया जाए तो वह एक ऐसा व्यक्ति है जो जानबूझकर के किसी बैंक से ऋण (Loan) लेता है, और उसे वापस लौट आना नहीं चाहता। एक विलफुल लोन डिफॉल्टर एक इकाई या एक व्यक्ति हो सकता है जो लोन भरने की योग्य होने के बावजूद भी अपने लोन की रकम का भुगतान नहीं करता है।

What is Wilful Default ? – विलफुल डिफॉल्ट कौन हो सकता है?

भारत का केंद्रीय बैंक यानी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसके ऊपर कड़े कानून बनाए हैं। वह लगातार बैंकों के ऊपर निगरानी रखती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विलफुल डिफॉल्टर की पहचान करने के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। जोकि निम्नलिखित है :-

  1. लोन लेने वाले व्यक्ति के पास लोन चुकता करने के पैसे हो लेकिन वह लोन का भुगतान ना कर रहा हो।
  2. जिस कार्य के लिए उसे लोन दिया गया, उदाहरण के तौर पर घर बनाने, बिजनेस करने इत्यादि। व्यक्ति या इकाई द्वारा लोन के पैसों का सही जगह इस्तेमाल नहीं किया गया। साधारण शब्दों में वित्तीय लाभ के लिए धन को डायवर्ट किया गया।
  3. धन को हटा दिया है। ताकि धन का उपयोग विशिष्ट के लिए नहीं किया गया हो प्रयोजन किस के लिए विद्या का लाभ उठाया गया था, ना ही अन्य परिसंपत्तियों के रूप में इकाई के पास धन उपलब्ध है।
  4. बिना जानकारी के सावधि लोन हासिल करने के उद्देश्य से उसके द्वारा दी गई चल अचल संपत्ति या अचल संपत्ति का निपटान या हटा दिया गया है बिना बैंक की जानकारी के।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दिशा निर्देश :- भारत का केंद्रीय बैंक यानी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हर संभव प्रयास करता है कि बैंकिंग प्रणाली में डिफॉल्ट के चलते किसी भी तरह की कमजोरी या प्रतिकूल प्रभाव ना पड़े। विलफुल डिफॉल्टर की पहचान करने के लिए सबसे पहले उपाय वर्ष 1999 में शुरू किया गया था।

जब केंद्रीय सतर्कता आयोग ने 2500000 रुपए या फिर उससे अधिक की राशि की धांधली बाजी के बारे में जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सभी सरकारी बैंक को एवं संस्थानों को विलफुल डिफॉल्टर के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए दिशानिर्देश जारी किया था।

विलफुल डिफॉल्टर की पहचान करने के लिए एवं उनके खिलाफ कार्यवाही एवं संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा बैंकिंग प्रणाली में कई प्रकार के सुधार एवं संशोधन किए गए हैं। वर्तमान समय में बैंकिंग प्रणाली में बढ़ती हुई एनपीए (NPA) के साथ-साथ बैंकों में विलफुल डिफॉल्टर की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा निर्देश के अनुसार कोई भी व्यक्ति या इकाई जिसका बैंक के ऊपर लोन का भुगतान 25 लाख रुपए या उससे अधिक हो, उसे विलफुल डिफॉल्टर के अंतर्गत रखा जाता है।

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के आधार पर उधार कर्ताओं के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए विलफुल डिफॉल्टर की पहचान की जानी चाहिए और पृथक लेनदेन घटनाओं के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए। एक डिफॉल्टर का वर्गीकरण जानबूझकर, इच्छा के अनुरूप और गणना के रूप में की जानी चाहिए।

विलफुल डिफॉल्टर से संबंधित हालिया समाचार

इसी साल कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भारत में Top-30 विलफुल डिफॉल्टर के नाम पर 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि फंसी हुई है। इस टॉप 30 लिस्ट में हीरे के कारोबारी की कंपनी गीतांजलि जेम्स का भी नाम सबसे ऊपर दर्ज किया गया है।

हीरा कारोबारी गीतांजलि जेम्स के ऊपर 5044 करोड़ रुपए का विलफुल डिफॉल्टर है। इसके अलावा इस लिस्ट में मेहुल चोकसी के साथ साथ दो अन्य कंपनियों के नाम भी शामिल है।

भारत की जानी-मानी कंपनी जो पेन बनाने का काम करती है। रोटोमैक भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इसे विलफुल डिफॉल्टर कंपनी के रूप में चिन्हित किया गया है।

डिफॉल्ट रकम में बैंक की ओर से रिटॉप (writt Off) की गई रकम भी शामिल है। इस लिस्ट को केंद्रीय बैंक इन डेटाबेस सेंट्रल रिपोजिटरी ऑफ इंफॉर्मेशन ऑन लाज क्रेडिट से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है।

निष्कर्ष

आज के हमारे इस लेख से आपने क्या सीखा? आज के हमारे इस लेख में हमने आप लोगों को इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है कि What is Wilful Loan Defaulters? विलफुल लोन डिफॉल्टर कौन है? इसके अलावा हमने यहां पर विलफुल लोन डिफॉल्टर को भी परिभाषित किया है।

विलफुल डिफॉल्टर ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाता है। यानी कि, ऐसे व्यक्ति या इकाई या फार्म जो पैसा होने के बावजूद भी बैंकों से लिए गए लोन की किस्त का भुगतान नहीं करते हैं। इस तरह के लोन को विलफुल लोन डिफॉल्टर कहते हैं।

आज के हमारे जिले के संबंधित अगर आप के कुछ सवाल एवं सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके बता सकते हैं।