Disadvantages of SIP (Systematic Investment Plan) – एसआईपी के नुकसान

वर्तमान समय में, लोगों के बीच में Mutual Fund ( म्यूच्यूअल फंड) या एसआईपी (SIP) के जरिए निवेश करना काफी लोकप्रिय हो गया है। मैं खुद भी व्यक्तिगत तौर पर लंबी अवधि के लिए संपत्ति बनाने और लाभ कमाने के लिए (SIP) एसआईपी पर निवेश करना पसंद करता हूं। म्यूच्यूअल फंड कंपनी द्वारा सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की मार्केटिंग इतनी ही बेहतरीन तरीके से की गई है, कि हमें से ज्यादातर लोग इस को सकारात्मक रूप से ही देखते हैं। और इंटरनेट पर आपको एसआईपी से जुड़े नुकसान के बारे में अत्यधिक पढ़ने को भी नहीं मिलेगा। आज के हमारे इस लेख में हम इसी बारे में चर्चा करेंगे कि Disadvantages of SIP (Systematic Investment Plan) – एसआईपी के नुकसान कौन-कौन से हो सकते हैं?

हम यहां पर आपको यहां पर SIP से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं। अगर आप नए निवेशक हैं, या फिर आप एसआईपी में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं। तो आपको इसके नुकसान के बारे में भी पता होना जरूरी है।

Disadvantages of SIP (Systematic Investment Plan) – एसआईपी के नुकसान

अगर आप हमारा यह पोस्ट पढ़ रहे हैं। तो आप अवश्य रूप से SIP के जरिए निवेश करने के बारे में सोच रहे होंगे। आगे बढ़ने से पहले हम यह जान लेते हैं कि एसआईपी क्या है ? What is SIP?

What is SIP? – एसआईपी क्या है?

SIP का फुल फॉर्म ‘Systematic Investment Plan‘ ( व्यवस्थित निवेश योजना) होता है। अन्य नामों में इसे रुपया कॉस्ट एवरेजिंग आमतौर पर भारत में या डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग अमेरिका जैसे देशों में इस नाम से भी जाना जाता है।

सीधे शब्दों में कहें तो व्यवस्थित नियोजन योजना से मतलब अपने पैसों का निवेश एक निश्चित समय अंतराल ( दैनिक, मासिक, त्रैमासिक किस्तों में) म्यूच्यूअल फंड के जरिए व्यवस्थित रूप से निवेश करना होता है। जब आप SIP शुरू करते हैं तो आपको अपने बैंक को एक ऑटो डेबिट मैंडेट देना होता है। जिससे कि पैसे अपने आप कट करके SIP पर निवेश हो जाए। जिससे कि म्यूच्यूअल फंड में पूर्व निर्धारित अंतराल पर आपके पैसे जमा हो जाते हैं।

एसआईपी के बारे में, अच्छी बात यह है कि आपको पैसों के निवेश के लिए बार-बार बैंकों की लंबी कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। आप बस अपना, बैंक अकाउंट को मैंडेट करवा करके अपने पैसों का हस्तांतरण सीधे अपने म्यूच्यूअल फंड पर हस्तांतरित कर सकते हैं। इन सबके बावजूद सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के अपने कुछ नफा नुकसान भी है। जिनके बारे में हम यहां पर चर्चा करने वाले हैं।

Disadvantages of SIP (Systematic Investment Plan) – एसआईपी से होने वाले नुकसान

एसआईपी से होने वाले नुकसान निम्नलिखित है:-

  1. लगातार बढ़ते बाजारों में SIP पर निवेश में कम रिटर्न प्राप्त होना।
  2. एसआईपी तिथियों की सीमित विकल्प (Limited Option of SIP dates)
  3. SIP के जरिए केवल पूर्व निर्धारित निश्चित राशि का ही निवेश किया जा सकता है।
  4. SIP पर मध्यवर्ती भुगतान को रोकना (Stopping intermediate Payments in SIP)
  5. SIP के लिए आवेदन शुरू करना और उसे रोकने में दिक्कतें।
  6. SIP अप्रत्याशित नकदी प्रवाह वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त नहीं है।

SIP से होने वाले नुकसान के बारे में हम नीचे विस्तृत से चर्चा करने वाले हैं।

लगातार बढ़ते बाजारों में एसआईपी (SIP) रिटर्न कम

वर्तमान समय में एसआईपी और म्यूचुअल फंड लोगों के बीच में काफी अधिक लोकप्रिय हो चुका है। लोग काफी हद तक बढ़ चढ़कर के इसमें निवेश करना पसंद करते हैं। लेकिन, लगातार बढ़ते बाजार में एसआईपी से कम रिटर्न प्राप्त होता है। चलिए हम इसे एक उदाहरण के जरिए समझाते हैं।

चलिए मान लेते हैं कि कहीं से आपको एक लाखों रुपए मिल जाते हैं। आप आर्थिक रूप से काफी समझदार हैं, और इस एक लाख रुपए को कहीं निवेश करके इससे लाभ भी कमाना चाहते हैं। इसके लिए आप एक वित्तीय सलाहकार से संपर्क करते हैं। आर्थिक सलाहकार आपको लाभ कमाने के लिए SIP पर निवेश करने के लिए कहेगा। आप ऐसा ही पेपर निवेश करके Nifty, BSE , स्टॉक मार्केट से अच्छा लाभ कमाएंगे। इस तरह की सलाह आपको दी जाएगी।

वित्तीय सलाहकार द्वारा दिए गए सलाह को आप मानते हुए, अपने 1 लाख रुपए को आप 12 मासिक किस्तों में एसआईपी करने के बारे में योजना बना लेते हैं। वही, मान लेते हैं कि आपका कोई दोस्त एकमुश्त राशि एसआईपी के जरिए उसी Nifty, BSE पर निवेश कर देता है। ठीक है 1 साल बाद आप क्या आप आते हैं की आपके दोस्त ने वही ₹100000 बाजार में निवेश करके 1.85 लाख रुपए कमाए तो वही आपने बस 1.35 लाख रुपए ही कमाए हैं। इस तरह से देखें तो आपके दोस्त ने आपसे कम से कम 25% अधिक लाभ कमाया है।

इस छोटे से उदाहरण से आपने क्या सीखा? यह सवाल आपको अपने आप से पहले पूछने चाहिए?

एसआईपी के नुकसान? आपने क्या सबक सीखा?
सबक सीखा: एसआईपी निवेश करने का एक अच्छा तरीका है, लेकिन कभी-कभी एकमुश्त निवेश जब बाजार का अत्यधिक कम मूल्यांकन होता है तो आपके लाभ में वृद्धि होती है।

एसआईपी तिथियों के सीमित विकल्प (Limited Option for SIP Dates)

जब आप एसआईपी लेते हैं तो एक निश्चित तारीख पर आपको अपने निवेश के पैसे हस्तांतरित करने पड़ते हैं। आपको पहले से ही एक तारीख तय करके रखनी होती है, कि कब आप अपना एसआईपी करना चाहते हो और उसी के लिए ऑटो डेबिट मैंडेट अपने बैंक में जमा करते हो।

अधिकांश म्युचुअल फंड हाउस के पास एसआईपी में जमा की गई राशि के फंडों के सीमित विकल्प उपलब्ध होते हैं। जैसे कि एसआईपी की राशि आप मुख्य तौर पर 1 तारीख, 5 तारीख, 7 तारीख या 15 तारीख मैं हर महीने जमा करते हैं। लेकिन, एसआईपी में जमा किया जाने वाला राशि ज्यादातर लोगों के लिए समस्या नहीं है और अधिकांश शोध बताते हैं कि निवेश की तारीख का एसआईपी के राशि पर विशेष कोई लाभ नहीं होता। हालांकि अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं, जिसके नकदी प्रवाह ऐसा ही पी के तारीख से मेल नहीं खाती तो इसके लिए आपको और भी योजना बनानी पड़ सकती है।

सीमित तारीखों का विकल्प किसी भी निवेशक को परेशान करता है। वह योजनाबद्ध तरीके से ही एसआईपी की तारीख तय करता है। बैंक खाते में जहां आप कभी भी पैसे जमा कर सकते हैं, वैसे ही एसआईपी में यह विकल्प मौजूद नहीं है। इससे कई सारी निवेशक को परेशानी हो सकती है।

एसआईपी के जरिए केवल आप एक निर्धारित पैसे ही निवेश कर सकते हैं

अगर एक बार आपने एक निश्चित राशि तय कर ली, तो अपनी तारीफ समय पर हर महीने आपको उतनी ही राशि एसआईपी में जमा करनी पड़ती है। मान लेते हैं कि आप एक नौकरी करने वाले या कोई व्यापारी हैं। इस बार आपको अच्छी खासी बोनस मिली है, या फिर आपको अपने व्यापार में काफी ज्यादा फायदा हुआ है। आप एसआईपी में जमा होने वाली राशि से अधिक राशि जमा करना चाहते हैं।

लेकिन, एसआईपी में आप ऐसा नहीं कर सकते हैं। क्योंकि, एसआईपी में जमा होने वाली राशि पूर्व निर्धारित निश्चित राशि होती है। इस चलती भी निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ठीक इसके विपरीत, अगर आप एसआईपी की राशि कम करना चाहते हैं। तो भी आप कम नहीं कर सकते हैं।

SIP मे मध्यवर्ती भुगतान को रोकना (Stopping Intermediate Payments in SIP)

ऐसा हो सकता है कि इस बार इस महीने में आपको कोई इमरजेंसी पड़ गई हो, जिसके चलते आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़े हो। जिसके चलते आप सही समय पर एसआईपी की राशि जमा कर सकने में असमर्थ हो।

ऑटो डेबिट मैंडेट की वजह से आपकी राशि सही समय पर एसआईपी में हस्तांतरित नहीं हो पाएगी। इस चलते हर्जाने के तौर पर कुछ रकम देनी पड़ती है। अगर आपके बैंक खाते में पैसा है तो वह डेबिट हो करके एसआईपी में निवेश हो जाएगा।

एसआरपी को रद्द करने का एकमात्र तरीका है जो आसान नहीं है यदि आपके पास बहुत सारे एसआईपी हैं और साथ ही जब आप फिर से इसे शुरू करना चाहते हैं तो आपको एसआईपी शुरू करने के लिए सभी औपचारिकताओं से एक बार फिर गुजारना पड़ेगा। अगर आप अपना एसआईपी रद्द करवाते हैं, तो भी आप को कम से कम 2 हफ्ते पहले इसकी सूचना फंड हाउस को देनी पड़ती है। तभी जाकर के आपका अकाउंट डेबिट नहीं किया जाएगा।

बस आपके पास एक ही तरीका है। ऑटो डेबिट मैंडेट के जरिए आपके बैंक खाते से एक निश्चित तारीख में पैसे कट करके एसआईपी में निवेश हो जाते हैं। आपको बस उस तारीख से पहले अपने खाते से सारे पैसों को निकाल लेना है। आपसे म्यूच्यूअल फंड कुछ भी शुल्क नहीं मिलेगा लेकिन आपका बैंक विफल ऑटो डेबिट लेनदेन के लिए आपसे ₹50 से ₹250 जुर्माना शुल्क ले सकता है। यह किसी भी तरह से आपके क्रेडिट इसको को प्रभावित नहीं करता है। ( यदि कोई व्यक्ति या सोच रहा है कि क्या उपरोक्त बाउंस ऑटो डेबिट नकारात्मक रूप से दर्ज किया जाएगा) इससे आपके व्यक्तिगत सिबिल रिपोर्ट में किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं होता।

वास्तविक आवेदन और एसआईपी के आरंभ/ रद्द करने के बीच विलंब

यह चीज कई सारे निवेशकों को काफी ज्यादा परेशान करती है। आप एक मासिक किस्त से चुक सकते हैं। म्यूच्यूअल फंड हाउस को एसआईपी शुरू करने के लिए कम से कम 1 महीने और आपके एसआईपी को रोकने के लिए लगभग 2 सप्ताह चाहिए होता है। मुझे लगता है कि यह वह समय है जब उन्हें एसआईपी के त्वरित प्रकरण के साथ आने का प्रयास करना चाहिए।

आप पहले महीने में ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं जब तक कि आप एसआईपी शुरू होने की प्रतीक्षा नहीं करते हैं। यह चीजें कई सारे निवेशकों को परेशानी में डाल देती है।

एसआईपी अप्रत्याशित नकदी प्रवाह वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त नहीं है?

अगर आप एक ऐसे निवेशक हैं जिसका नकदी प्रवाह निश्चित नहीं है। ऐसे व्यक्तियों के लिए एसआईपी में निवेश करना काफी मशक्कत भरा हो सकता है। उनके पास पैसे कब आएंगे इसके बारे में जानकारी नहीं इकट्ठे की जा सकती है।

ऐसे निवेशकों के लिए यह मुसीबत का सबब है। जिस वजह से वह हर महीने एक निश्चित राशि, निश्चित समय में जमा करने में चूक सकते हैं।

ऐसे निवेशकों के पास केवल एक ही उपाय है, वह एसआईपी मे lump sum पैसों को निवेश कर सकते हैं। जब भी उनके पास पैसे आए तो lump-sum अमाउंट में पैसों को एसआईपी करवा सकते हैं।

Disadvantages of SIP – एसआईपी से नुकसान निष्कर्ष

हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं। जहां आपको फायदा है तो वही नुकसान भी उठाना पड़ता है। एसआईपी के नुकसान के बावजूद भी यह निवेशकों के बीच में लंबी अवधि में निवेश करने का एक बहुत ही लोकप्रिय विकल्प है।

यह ऐसे निवेशकों के लिए बहुत ही फायदेमंद है जो पहली बार स्टॉक मार्केट या शेयर मार्केट में निवेश कर रहे हैं। जिनके पास अपने द्वारा किए गए निवेश को ट्रैक करने का समय नहीं होता। उन्हें एसआईपी के जरिए ही निवेश करना चाहिए।

ऐसे सरकारी नौकरी या व्यापारी के लिए एसआईपी बहुत ही बेहतरीन निवेश का विकल्प है। जो छोटी बचत के जरिए भविष्य में अच्छा खासा लाभ कमाना चाहते हैं। जो निवेशक बाजार की अस्थिरता से तनावग्रस्त नहीं होना चाहते हैं, वे एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं।