म्यूच्यूअल फंड पर निवेश कैसे करें? How to invest in Mutual fund in Hindi Guide

जैसा कि आप सभी जानते हैं, बैंकिंग इंडस्ट्री में विभिन्न स्कीमों पर ब्याज दर काफी कम कर दी गई है। लकी Mutual fund जोखिमों के अधीन होती है। इसके बावजूद भारतीय युवाओं बीच में Mutual fund को लेकर के काफी उत्साह देखने को मिला है। आज भारतीय युवा अपने भविष्य को संवारने के लिए Mutual fund पर अधिक से अधिक निवेश कर रहा है। जोखिमों के अधीन होने के बावजूद, लंबी अवधि के लिए निवेश किया गया धन म्यूचुअल फंड में अच्छी खासी रिटर्न आपको प्रदान करता है। आज के हमारे इस पोस्ट में हम आपको Mutual fund पर सही तरीके से निवेश के तरीके बताएंगे। Mutual fund पर निवेश कैसे करें? How to invest in Mutual fund in Hindi Guide

अगर आप नए है तो सबसे पहले आपको इस बारे में जानकारी होना आवश्यक है। म्यूच्यूअल फंड क्या है? अगर आपको यह नहीं पता कि म्यूच्यूअल फंड क्या होता है? तो कोई बात नहीं हम आज के हमारे इस पोस्ट पर सारी बातों को ध्यान रखते हुए म्यूच्यूअल फंड से संबंधित सभी चीजों पर चर्चा करने वाले हैं। तो चलिए सबसे पहले हम जान लेते हैं, Mutual fund क्या होता है? How to invest in Mutual fund in Hindi

How to invest in Mutual fund in Hindi

Mutual fund क्या होता है?

ऐसे तो आप हमारा अन्य पोस्ट पर इस बारे में पूरी जानकारी डिटेल में पड़ सकते हैं। लेकिन आगे बढ़ने से पहले आपको म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानकारी आवश्यक है।पूरी जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। How to invest in Mutual fund in Hindi

👉 Mutual fund क्या होता है?

Mutual fund कई सारे निवेशकों द्वारा जमा किया गया एक फंड या पूंजी होता है। इस फंड मैं से पैसे निकाल करके इसे विभिन्न प्रकार के शेयर बाजार पर निवेश किया जाता है।

भारत में म्यूचुअल फंड की शुरुआत साल 1963 में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया की प्रस्तावना के साथ शुरू किया गया था।

म्यूच्यूअल फंड बहुत सारे निवेशकों की जमा पूंजी होती है। इसी जमा पूंजी वैसे कुछ भाग निकाल कर के विभिन्न प्रकार के बाजार पर निवेश किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड AMC (asset management company) द्वारा प्रबंधन एवं देखरेख की जाती है।यह कंपनी का सुनिश्चित करता है कि आपके पैसे किस तरह से बाजार पर लगाया जाए। देखा जाए तो AMC कंपनियां कई सारे म्यूच्यूअल फंड की देखरेख करती है। इसके अंतर्गत कई सारे म्यूच्यूअल फंड स्कीम होते हैं। AMC कंपनी systematic तरीके से आपके पैसों को म्यूच्यूअल फंड के रूप में बाजार पर निवेश करती है।

म्यूचुअल फंड में जमा पैसों का कुछ भाग या संपूर्ण म्यूचुअल फंड में जमा पैसों को बाजार पर निवेश करके, उससे प्राप्त लाभ को समान रूप से म्यूच्यूअल फंड पर निवेश किए गए निवेशकों को में वितरित कर देती है। जिससे चलते म्यूचुअल फंड में लगाए गए पैसों के हिसाब से सभी को लाभ प्राप्त होता है।

Mutual fund में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द

जिसजिस तरह से म्यूच्यूअल फंड निवेशकों के बीच में निवेश का एक सबसे बेहतरीन साधन बनते जा रहा है। इस चलते हमें इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी होना अति आवश्यक है। Mutual fund के लिए बहुत से महत्वपूर्ण शब्दों का इस्तेमाल एवं मिले किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड मार्केट में अक्सर इन शब्दों का उपयोग किया जाता है हो सकता है कि आपने भी यह सब सुने हो लेकिन आपको इनका मतलब पता नहीं होता है।तो चलिए जानते हैं कि म्यूचुअल फंड में इस्तेमाल किए जाने वाले ऐसे शब्द जिनका अक्सर इस्तेमाल किया जाता है।

Share market

शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है, जहां एक्सचेंज पर पहले से लिस्टेड securities जैसे कि share, bond, debenture इत्यादि चीजों की खरीद-फरोख्त होती है।

Share

किसी भी कंपनी की पूंजी को छोटे-छोटे बराबर हिस्सों में विभाजित करने पर उसका प्रत्येक हिस्सा शेयर कहलाता है।

Net asset value (NAV)

NAV (net asset value) वह वाह मूल्य होती है जिस मूल्य पर आप एक म्यूच्यूअल फंड योजना को खरीदते हैं। Mutual mutual scheme के लिए इस्तेमाल होने वाली या शब्द काफी लोकप्रिय है। और आपने इस शब्द के बारे में काफी बार सुना भी होगा। अगर आपने म्यूच्यूअल फंड का निवेश किया है तो आप NAV से अपने फायदे एवं नुकसान का आकलन कर सकते हैं।

Unit

Unit म्यूच्यूअल फंड स्कीम में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला शब्द है। किसी भी म्यूच्यूअल फंड योजना में कुल राशि का अविभाजित भाग को unit या इकाई कहा जाता है।

Market cap

मार्केट कैप का अर्थ होता है, किसी कंपनी का शेयर बाजार में निर्धारित मूल्य।शेयर बाजार में कंपनी को अनेक मार्केट क्या के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। जैसे कि large cap, mid cap , small cap इत्यादि

Asset management company

म्यूच्यूअल फंड योजना को प्रबंध करने वाली कंपनी को Asset Management company कहा जाता है। AMC कंपनी द्वारा ही किसी भी तरह के म्यूच्यूअल फंड को प्रबंधित किया जाता है। यह कंपनी ही निर्धारित करती है कि आपके फंड कौन से योजना में लगाए जाएंगे। कौन से बाजार पर इनका निवेश किया जाएगा। जिससे कि आप अधिक से अधिक लाभ कमा सकें।

Fund manager

फंड मैनेजर व व्यक्ति होता है,जिसे एक ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी निवेश से संबंधित निर्णय लेने के लिए नियुक्त करती है। फंड मैनेजर्स निवेशकों के हित को ध्यान में रखते हुए निवेश से संबंधित निर्णय लेते हैं।

Asset allocation

म्यूच्यूअल फंड के संदर्भ में asset allocationका अर्थ क्या होता है कि म्यूचुअल फंड कंपनी द्वारा म्युचुअल फंड योजना के लिए जो पूंजी इकट्ठा की गई है उस पूंजी का निवेश की किस विकल्प में और कितनी मात्रा में निवेश करना है।निवेश किस विकल्प और कितनी मात्रा में किया जाएगा इसका पूरा ब्यूरो म्यूच्यूअल फंड योजना की घोषणा के समय ही ऑफर पत्र में दिया जाता है।

Asset under management

किसी भी फंड मैनेजर द्वारा वर्तमान में कितनी राशि के निवेश का प्रबंधन किया जा रहा है इस राशि को एसेट अंडर मैनेजमेंट कहा जाता है।उदाहरण के जरिए समझते हैं कि मान लीजिए कि किसी फंड मैनेजर में एक म्यूच्यूअल फंड योजना को ₹10 करोड़ के निवेश के साथ शुरू किया था।परंतु आज उस फंड की वैल्यू या कीमत ₹15 करोड़ हो गई है तो ₹15 करोड़ का ही एसेट अंडर मैनेजमेंट कहां जाएगा।

Load

यह एक प्रकार का एक शुल्क है,जो म्यूच्यूअल फंड कंपनी द्वारा निवेशकों से म्यूच्यूअल फंड योजना को खरीदे या बेचे समय लिया जाता है।

दोस्तों यह कुछ शब्द है, जिनका इस्तेमाल Mutual fund योजना के अंतर्गत साधारण बोलचाल में एक आफ इस्तेमाल किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड जोखिम के अधीन होती है। इस चलते इस के बारे में आपको सही जानकारी होना अति आवश्यक है। और म्यूचुअल फंड में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों के बारे में आपको पता होना चाहिए।

म्यूच्यूअल फंड के प्रकार – Types of Mutual fund in Hindi

How to invest in Mutual fund in Hindi

म्यूच्यूअल फंड को मुख्यतः दो प्रकार में बांटा जाता है। म्यूच्यूअल फंड एक जो काफी वर्षों तक चलती है। और दूसरी जो एक सीमित वर्षों के लिए होती है। जिसे हम निम्नलिखित रूप से जानते हैं।

Open ended fund

इस प्रकार की म्यूच्यूअल फंड स्कीम काफी दिनों तक या काफी सालों तक चलती रहती है। इस तरह की म्यूच्यूअल फंड की कोई समय अवधि नहीं होती है।

Close ended fund

इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड स्कीम एक निर्धारित अवधि के लिए होते हैं। म्यूच्यूअल फंड कितने समय के लिए lock in in है। इसका जिक्र उस फंड के ऑफर डॉक्यूमेंट में दिया जाता है।

म्यूच्यूअल फंड को निम्नलिखित दो प्रकारों में बांटा गया है। इसके अंतर्गत और भी म्यूच्यूअल फंड आते हैं जिसे हमने नीचे विस्तार से बताने की कोशिश की है।

ओपन एंडेड म्युचुअल फंड के प्रकार – Types of Open ended Mutual fund

Debit fund :- सेकेंडरी मार्केट के डेबिट साधनों में निवेश किया जाता है। जैसे कि डिवेंचर, बॉन्ड, टी बिल, कमर्शियल पेपर या मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जाता है।

Equity fund:- इस प्रकार के म्यूचुअल फंड में इक्विटी से संबंधित इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जाता है।

Balanced fund:- इस स्कीम में इक्विटी के साथ डेबिट इंस्ट्रूमेंट जैसे कि डिवेंचर, t-bills, बॉन्ड इत्यादि में भी निवेश किया जाता है।

Types of debit Mutual fund

Liquid fund :- यह स्कीम उन निवेशकों के लिए निवेश का अच्छा विकल्प है जो अपना पैसा थोड़े समय के लिए पाक करना चाहते हैं। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे 1 हफ्ते या 10 दिन तक भी निवेश करके रख सकते हैं।

Income fund:- इस प्रकार के फंड में 1 साल से अधिक समय के लिए निवेश किया जाता है। इस फंड का अधिकतर हिस्सा डिबेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जाता है।

Short term fund:- इस प्रकार की म्यूच्यूअल फंड स्कीम में तीन में से अधिक और अधिकतम 1 साल से कम समय के लिए निवेश किया जाता है।

Gilt fund :- यह एक ऐसा म्यूच्यूअल फंड स्कीम होता है जो सामान्य तौर पर गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है।

इक्विटी फंड के प्रकार – Types of equity fund in Hindi

हमने ऊपर आपको अलग-अलग प्रकार के म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है। इन सारे म्यूचुअल फंड में equity fund लोगों के बीच में काफी ज्यादा लोकप्रिय है। ज्यादातर लोग equity fund पर ही निवेश करना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि equity fund में निवेशकों के पैसे शेयर मार्केट पर इन्वेस्ट किया जाता है। इस चलते इक्विटी फंड में लोगों को ज्यादा मुनाफा होता है। एक यह वजह हो सकती है कि ज्यादातर लोग इक्विटी फंड में निवेश करना पसंद करते हैं। तो, चलिए जानते हैं कि इक्विटी फंड कितने तरह की होती है। देखा जाता है कि इक्विटी फंड को market cap के अनुसार निवेश किया जाता है। इसी चलते इक्विटी फंड को भी अलग-अलग रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

  1. Large cap equity fund
  2. Mid cap equity fund
  3. Small cap equity fund
  4. Diversidyed equity fund
  5. ELSS (equity linked savings scheme)
  6. Sector fund

म्यूचल फंड में पहली बार निवेश करते वक्त इन बातों का ध्यान रखें

सबसे पहले आप अपने आप में यह सुनिश्चित करें की आप म्यूचुअल फंड में क्यों निवेश करना चाहते हैं। जैसा कि हमने पहले ही आपको यह बताया है कि म्यूच्यूअल फंड भी जोखिमों के अधीन होती है। अगर आप मुनाफा कमाना चाहते हैं तो आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपके हाथ में कितने पैसे हैं? इसके साथ ही आप म्यूचुअल फंड में कितना निवेश करना चाहते हैं इस बारे में भी अच्छी तरह से सोच ले। How to invest in Mutual fund in Hindi

  1. म्यूच्यूअल फंड का चयन कैसे करें? :- सही म्यूच्यूअल फंड खरीदने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है फंड में निवेश के लिए आप की समय सीमा कितनी है। यदि आप छोटी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो बेहतर रिटर्न के लिए डेट फंड में निवेश किया जा सकता है। यहां छोटी अवधि में निवेश करने का मतलब यह है कि कम से कम 3 साल तक। यदि आप 5 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो डायवर्सिफाई इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं। जिसमें आपको अधिक लाभ मिलता है।
  2. यदि यदि कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है, लेकिन अगर आप जो कि नहीं उठाना चाहते हैं। इस मामले में आप संतुलित फंड जिसे balanced fund भी कहते हैं। पर आप निवेश कर सकते हैं। जोकि stock and bond दोनों पर ही निवेश करता है।
  3. किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले, निवेशकों को अपने निवेश का लक्ष्य और जोखिम का आकलन तय कर लेना चाहिए। इसके अलावा निवेशकों को जोखिम लेने की क्षमता का भी आकलन करना आवश्यक है।
  4. यदि आप close ended fundया बाजार में सूचीबद्ध म्युचुअल फंड खरीदना चाहते हैं तो उस फंड की इतिहास पर जरूर नजर डालें। संक्षेप में समझे तो वह म्यूच्यूअल फंड का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है। वह अपने निवेशकों को कितना मुनाफा एवं कितना टर्नओवर दे रही है इत्यादि चीजें।
  5. म्यूच्यूअल फंड का चयन करते वक्त अधिकतर समय आप इस बात का ध्यान रखिए कि उस म्यूच्यूअल फंड का asset allocation क्या है?
  6. एक अच्छा म्यूच्यूअल फंड खरीदने के लिए निवेशक आवश्यकता अनुसार सही कैटेगरी में निवेश करते हैं।के डिग्री चुनने के बाद उसके डिग्री के फंड के प्रदर्शन का अच्छी तरह से आकलन करना चाहिए। निवेशकों को इस बात का भी अच्छी तरह से समीक्षा करनी चाहिए कि बीते 5 से 6 सालों में फंड का प्रदर्शन किस तरह से रहा है।इन सारी बातों का आकलन करने के बाद ही फंड को अपने पोर्टफोलियो में रखने का फैसला करना चाहिए। निवेशकों को किसी भी फंड का चयन करते समय उस पर होने वाले हर खर्च का ब्यौरा जरूर लेना चाहिए।
  7. कुछ म्युचुअल फंड निवेशक से बिक्री शुल्क पी लेते हैं, जिसे लोड शुल्क भी कहा जाता है। एक फ्रंट एंड लोड फीस का भुगतान निवेशक द्वारा प्रारंभिक निवेश से किया जाता है। जबकि एक बैंक एंड लोड फीस लगाया जाता है। जब एक निवेशक अपने निवेश को बेचता है।
  8. इन विक्री शुल्क से बचने के लिए, no load fund का चुनाव आप कर सकते हैं। जोकि बैक एंड लोड शुल्क नहीं लेती है।

निष्कर्ष

हमने हमने अपने आज के इस पोस्ट में आप लोगों को म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें? Mutual fund पर निवेश कैसे करें? How to invest in Mutual fund in Hindi. म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? मुचल फंड का चुनाव कैसे करें? इन सारे विषयों पर जानकारी दी है।

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दोस्तों में, facttechno.in का संस्थापक हूं। मैं अपनी इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी और अन्य दूसरे विषयों पर लेख लिखता हूं। मुझे लिखने का बहुत शौक है और हमेशा से नई जानकारी इकट्ठा करना अच्छा लगता है। मैंने M.sc (Physics) से डिग्री हासिल की है। वर्तमान समय में मैं एक बैंकर हूं।

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