Intrest on Saving Account? बचत खाते पर ब्याज कैसे काम करता है?

How interest work on saving account

हर व्यक्ति जो अपने लिए भविष्य के लिए पैसों को संजो कर रखना चाहता है। उसे इस बारे में भी जानकारी होना बेहद जरूरी है कि हम जो पैसा अपने बचत खाते पर रखते हैं उस पर ब्याज कैसे कार्य करता है? यह जानने से निवेशक को को उनके द्वारा बताए गए पैसों पर अधिक से अधिक कमाई करने में मदद मिल सकती है। एक बचत खाते पर ब्याज वह पैसे होते हैं, जो एक बैंक या वित्तीय संस्था किसी जमाकर्ता को बैंक के पास अपने पैसे रखने के लिए भुगतान करता है। आज के हमारे इस लेख में हम यह जानेंगे कि किस तरह से Intrest on Saving Account? बचत खाते पर ब्याज कैसे काम करता है?

एक तरह से देखा जाए तो बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान अपने यहां पैसों को जमा करने वाले ग्राहकों को पैसे उधार देने के लिए जमा धन का उपयोग करके पैसे उधार लेते हैं। बदले में, अपने बैंक में जमा करने वाले लोगों के पैसों के ऊपर ब्याज दर का भुगतान करते हैं। साथ ही साथ अपने ऋण ग्राहकों को उनके जमा कर्ताओं को भुगतान की तुलना में अधिक ब्याज दर वसूलते हैं। ज्यादातर बैंक किसी पद्धति द्वारा अपना लाभ अर्जित करते हैं।

यदि आप अपने बचत खाते पर अर्जित ब्याज और जमा की गई प्रारंभिक राशि का पुनर्निवेश करते हैं, तो आप लंबी अवधि में और भी अधिक धन अर्जित कर सकेंगे। आप की बचत पर ब्याज अर्जित करने और पिछली अवधि के सभी संचित ब्याज पर ब्याज अर्जित करने की इस प्रक्रिया को चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) कहा जाता है। निवेशक अपनी बचत बढ़ाने और संपत्ति बनाने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज की अवधारणा का उपयोग कर सकते हैं।

किसी भी बचत खाते पर ब्याज प्रतिशत के रूप में दिया जाता है। चलिए हम इसे एक उदाहरण द्वारा समझने की कोशिश करते हैं। मान लेते हैं कि आपके हिट बैंक के बचत खाते में ₹1000 है। इस बचत बैंक खाते पर आपको 3% ब्याज मिल सकता है। वर्तमान समय में भारतीय बैंक ज्यादातर अपने बचत खातों पर 3% से लेकर के 4.50 प्रतिशत तक ब्याज दर मुहैया करवाती है।

Intrest on Saving Account? बचत खाते पर ब्याज कैसे काम करता है?

ऊपर दिए गए उदाहरण पर हमने यह बताया था कि मान लेते हैं कि आपके बचत बैंक खाते पर ₹1000 जमा है। उस पर बैंक आपको 3% की ब्याज मुहैया करवा रही है। देखा जाए तो वर्ष के अंत तक आपके पास कुल ₹1030 होंगे (.03×1000) यानी कि ₹1000 पर आपको ₹30 ब्याज के मिलेंगे।

देखा जाए तो यह गणना साधारण ब्याज दर पर आधारित है। जिसका भुगतान केवल मूलधन यार जमा किए गए राशि पर किया जाता है। कुछ निवेशक, जैसे सेवानिवृत्त, अर्जित ब्याज को वापस ले सकते हैं या इसे किसी अन्य खाते में स्थानांतरित कर सकते हैं। ब्याज को वापस ले सकते हैं या इसे किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। ब्याज भुगतान आए के रूप में कार्य करता है। यदि ब्याज वापस ले लिया जाता है, तो जमा करता के खाते में साधारण ब्याज अजीत होगा क्योंकि किसी भी पिछले ब्याज पर कोई ब्याज अर्जित नहीं किया जाएगा।

हालांकि, ब्याज दरें इतनी कम होने के कारण, कई ऐसे जमा करता अपने बचत खाते में अर्जित ब्याज को छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं। नतीजतन, बचत खाते में पैसा चक्रवृद्धि ब्याज अजीत करेगा, जहां ब्याज की गणना मूलधन और सभी संचित ब्याज के आधार पर की जाती है।

चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति

भारतीय बैंकों में ज्यादातर बचत खातों में, ब्याज को दैनिक, मासिक यात्री मासिक रूप में दिया जाता है। आप उस बिंदु तक अर्जित ब्याज पर ब्याज अर्जित करते हैं। आप के बचत खाते पर जितनी भी राशि मौजूद होगी उसे ब्याज के साथ जोड़ा जाएगा। आपके बचत बैंक खाते पर जितनी ज्यादा राशि होगी आपका ब्याज उतना ही बढ़ेगा।

हमने ऊपर पहले ₹1000 का उदाहरण का उपयोग करते हुए हर दिन दैनिक चक्रवृद्धि लागू करते हुए, ब्याज अजित करने वाली राशि 3% के 3/365 हिस्से तक बढ़ जाती है। वर्ष के अंत में, जमा साधारण ब्याज के माध्यम से ₹1030 हो जाती है।

लेकिन लंबी अवधि के लिए जो रखे गए पैसों में यह ब्याज कहीं व्यापक और बड़ा होता है। यानी कि आप ब्याज पर भी ब्याज वसूल सकते हैं। चलिए हम इस पर 10 वर्षों का आंकलन करते हैं। और देखते हैं कि आपको इसमें कितना फायदा होता है। हम अपने इस आकलन में सुविधा के लिए ब्याज दर 1% मान करके चल रहे हैं।

वर्षभविष्य में वैल्यू 1% की दर सेकुल योगदान
0₹1000₹1000
1₹2216.05₹2200
2₹3444.33₹3400
3₹4684.95₹4600
4₹5938.03₹5800
5₹7203.72₹7000
6₹8482.12₹8200
7₹9773.37₹9400
8₹11077.59₹10600
9₹12394.93₹11800
10₹13725.50₹13000

ऊपर दिया गया आंकड़ों से आप यह अनुमान लगा सकते हैं। लंबी अवधि के लिए बचत बैंक खाते पर भी अच्छी खासी धन अर्जित कर सकते हैं। बचत खाते पर रखी गई राशि आपके मुश्किल के वक्त में आवश्यक धन का काम कर सकती है। जो बचत खाते के मुख्य उद्देश्यों में से एक है। जब मनी मैनेजर “liquid Assets” के बारे में बात करते हैं, तो उनका मतलब किसी भी कब्जे से होता है जिसे मांग पर नकद में बदला जा सकता है। कहने का मतलब यह है कि जिसे आसानी से नकद में बदला जा सके।

परिभाषा के अनुसार, यह शेयर बाजार और अचल संपत्ति मूल्य में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित है। वास्तविक लोगों के संदर्भ में या एक आपातकालीन निधि का काम कर सकती है जिसका उपयोग हम जरूरत पड़ने पर जैसे चिकित्सा बिल, घर की मरम्मत, शादी, बच्चों की शिक्षा इत्यादि चीजों में कर सकते हैं।

The Snowball Effect – ब्याज पर स्नोबोल प्रभाव

चक्र विधि ब्याज के स्नोबॉलिंग प्रभाव को सही मायने में समझने के लिए, हम एक उदाहरण लेते हैं। जिसे दुनिया भर में केवल कुछ ही लोगों द्वारा अपनाया गया है। ऐसी महान लोगों में बेंजामिन फ्रैंकलीन भी शामिल थे। बेंजामिन फ्रैंकलीन इन एक विज्ञानिक, अविष्कारक प्रकाशित और संस्थापक थे। इसीलिए उन्होंने एक ऐसा प्रयोग शुरू किया जब 1790 में उनकी मृत्यु के 200 साल बाद यह परिणाम देखने को मिला।

अपनी वसीयत में, बेंजामिन फ्रैंकलिन ने बोस्टन और फिलाडेल्फिया के शहरों के लिए लगभग $4500 प्रत्येक के बराबर छोड़ दिए थे। बेंजामिन फ्रैंकलीन दे या निर्धारित किया कि अगले 100 वर्षों तक इन $4500 पर 5% की ब्याज वार्षिक रूप से मिलेगी। फिर, इसका तीन चौथाई हिस्सा का खर्च किया जाएगा। बाकी बची राशि को अगले 100 वर्षों के लिए फिर से पुनर्निवेश कर दिया जाना है।

साल 1990 में, बोस्टन के फंड में लगभग 4.5 मिलियन डॉलर थे जबकि फिलाडेल्फिया के फंड में चक्रवृद्धि ब्याज के प्रभाव के कारण 2.5 मिलियन डॉलर हो गए थे। उस समय तक ज्यादातर देशों की जीडीपी भी इतनी नहीं पहुंच पाई थी। जिस तरह की गणना बेंजामिन फ्रैंकलीन ने की थी उसके हिसाब से वह पैसे बचाने में कामयाब रहे।

परिणाम स्वरूप ब्याज दरों में समय के साथ उतार-चढ़ाव होता है। बेंजामिन फ्रैंकलिन द्वारा ग्रहण की गई 5% वार्षिक दर शायद ही कोई भी साधारण जमा करता द्वारा इतने पैसों में बदल पाना संभव हो पाएगा।

जल्दी शुरू करें और पैसों की बचत करें :- बेंजामिन फ्रैंकलीन के प्रयोग ने यह साबित कर दिया है कि चक्रवृद्धि ब्याज समय के साथ धन का निर्माण करने में सक्षम है। ऐसी परिस्थितियों में भी जब ब्याज दरें काफी कम होती है आप लंबे समय के निवेश से अच्छा खासा धन अर्जित करने में सक्षम हो सकते हैं।

बैंक ऑनलाइन जाकर वर्तमान दरों की पेशकश कर रहे हैं, यह त्वरित और आसान है। इनमें से कई बैंक लंबे समय के लिए अच्छा खासा ब्याज देते हैं। बैंक अक्सर अपनी ब्याज दरों को वार्षिक प्रतिशत के रूप में बताते हैं, जो चक्रवृद्धि के प्रभाव को दर्शाता है। ध्यान देगी प्रतिवर्ष दिया जाने वाला ब्याज प्रतिशत समान नहीं है, इसमें उतार-चढ़ाव हमेशा देखने को मिलता है, क्योंकि एपीआर मे कंपाउंडिंग शामिल नहीं है।

साधारण ब्याज की तुलना में चक्रवृद्धि ब्याज क्या है?

चक्रवृद्धि आप के ब्याज पर ब्याज है, या पिछली अवधि उसे संचित ब्याज का पुनर्निवेश है। साधारण ब्याज का भुगतान केवल मूलधन या जमा राशि पर किया जाता है।

कंपाउंडिंग का दीर्घकालिक लाभ क्या है?

निवेशक अपनी बचत बढ़ाने और संपत्ति बनाने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज की अवधारणा का उपयोग करते हैं। यदि आप अपने बचत खाते पर अर्जित ब्याज और जमा की गई प्रारंभिक राशि का पुनर्निवेश करते हैं, तो आप लंबी अवधि में और भी अधिक धन इकट्ठा करने में सक्षम होंगे।

 


Published on जनवरी 1, 2022

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