What is Face value in Hindi – फेस वैल्यू क्या होता है?

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शेयर मार्केट में किसी भी शेयर की फेस वैल्यू (Face Value) क्या है? इसका शेयर की वैल्यूएशन से क्या संबंध है और शेयर स्प्लिट (Split) से फेस वैल्यू और बाजार के भाव में क्या असर होता है? इन सारे तथ्यों के बारे में आज हम अपने इस पोस्ट में जिक्र करने वाले हैं. अगर आप शेयर मार्केट में पैसा लगाना चाहते हैं. या शेयर बाजार के बारे में जानकारी रखना चाहते हैं तो आपको इन सारी चीजों के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है. आज के हमारे इस पोस्ट में हम आपको इस बारे में जानकारी देंगे कि What is Face value in Hindi – फेस वैल्यू क्या होता है? इसका स्टॉक स्प्लिट से क्या संबंध है? इस बारे में भी बात करने वाले हैं.

What is Face value in Hindi – फेस वैल्यू क्या होता है?

फेस वैल्यू (Face Value) किसी भी कंपनी के शेयर का वास्तविक मूल्य होता है. बाजार में फेस वैल्यू को Par Value भी कहा जाता है. चलिए हम इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं. चलिए मान लेते हैं कोई कंपनी XYZ शेयर की फेस वैल्यू ₹10 और मार्केट में उसका भाव ₹50 है. तो उस कंपनी का वास्तविक मूल्य ₹10 होंगे. वही अगर ₹40 का उसका प्रीमियम प्राइस होगा. यानी कि बाजार में मिलने वाले उस कंपनी के शेयर ₹40 अधिक प्रीमियम पर उपलब्ध होंगे. प्रीमियम वैल्यू को Above Par भी कहते हैं. यदि शेयर का मार्केट मूल्य फेस वैल्यू से कम होता है तो उसे डिस्काउंट वैल्यू Discount Value या Below Par भी कहा जाता है और शेयर का मार्केट भाव और फेस वैल्यू एक ही होता है तो उसे हम AT Par कहा जाता है.

उदाहरण के तौर पर :- मान लेते हैं कि कोई कंपनी शेयर ₹100, ₹50, ₹10 या एक रुपए की फेस वैल्यू के जरिए पेश करती है. ज्यादातर निवेशक शेयर खरीदते वक्त शेयर की फेस वैल्यू पर ध्यान नहीं देते हैं. शेयर खरीदने से पहले उसकी फेस वैल्यू हमेशा देखनी चाहिए. चलिए हम इसे और एक उदाहरण के जरिए समझते हैं:-

मान नीचे की दो कंपनियां है पहली कंपनी ABC और दूसरी कंपनी XYZ , यदि एबीसी कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है और उसके शेयर का मार्केट भाव ₹50 है. वही एक्स वाई जेड कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है और उसका मार्केट में भाव ₹50 ही है. तो इसका क्या अर्थ होता है? इसका अर्थ यह है कि एबीसी कंपनी का शेयर उसकी फेस वैल्यू से 5 गुना अधिक है. वही एक्स वाई जेड कंपनी किसी और की कीमत उसकी फेस वैल्यू से 10 गुना अधिक है. यानी कि एक्स वाई जेड कंपनी का शेयर एबीसी कंपनी की शेयर की तुलना से 10 गुना अधिक प्रीमियम पर बिक रहा है. ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से उस कंपनी के शेयर की मार्केट में ज्यादा डिमांड हो जाती है. जिसके चलते उसका प्रीमियम वैल्यू बढ़ जाता है.

फेस वैल्यू और स्टॉक स्प्लिट मे क्या संबंध है? – Relationship between Face Value and Stock Split

कोई भी कंपनी अपने शेयर को भी विभाजित करके उसकी फेस वैल्यू बदल सकती है. शेयर का विभाजन भी कंपनी की एक स्ट्रेटजी में आता है. जिससे नंबर ऑफ आउटस्टैंडिंग शेयर्स इंक्रीज हो जाते हैं. और इसका प्रभाव से कंपनी के शेयर के दाम कम हो जाते हैं. लेकिन कंपनी की शेयर कैपिटल में किसी भी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. चली हम इसे एक उदाहरण द्वारा समझाना चाहते हैं.

उदाहरण

चलिए मान लेते हैं कि किसी निवेशक में ABC कंपनी के 100 शेयर ₹300 के मार्केट भाव से खरीदे हैं जिसकी फेस वैल्यू ₹10 होते हैं. कंपनी शेयर को 1:10 के अनुपात में विभाजित करती है. शेयर को विभाजित करने के बाद बाजार भाव ₹30 के आसपास और शेर का फेस वैल्यू ₹1 हो जाता है. विवाहित होने पर शेयर का भाव उसी अनुपात में कम हो जाता है जिस अनुपात में फेस वैल्यू कम होता है. ज्यादातर कंपनियां शेयर का भाव बढ़ जाने पर शेयर को विभाजित करती है. शेयर के भाव कम होने से उस शेयर की लिक्विडिटी बढ़ जाती है जिससे निवेशक आसानी से उस शेयर को खरीद सके.

Face Value, Above Par, Below Par और At Par का क्या मतलब होता है?

अब यदि आप किसी कंपनी का शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उस कंपनी का शेयर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं. तो आपको इन सारी चीजों का Face Value, Above Par, Below Par और At Par का क्या मतलब होता है? इनके बारे में जानकारी होना जरूरी है. तो चलिए हम लोग जान लेते हैं कि आखिर में यह सारी चीजें क्या होती है?

Face Value :- इसके बारे में हमने ऊपर ही जिक्र कर लिया है. किसी भी कंपनी के शेयर की वास्तविक कीमत फेस वैल्यू ही होती है. जोकि शेयर प्रमाण पत्र पर अंकित होता है. उसे शेयर वैल्यू को फेस वैल्यू कहा जाता है.

Above Par :- यह भाव किसी भी शेयर का भाव भाव होता है जिसमें शेयर की कीमत बाजार भाव में बढ़ जाती है. चलिए हम इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं. मान लेते हैं कि किसी कंपनी का शेयर का भाव ₹10 है यानी कि फेस वैल्यू (Face Value) और बाजार भाव ₹20 है. तो इस भाव को हम Above Par कहते हैं.

Below Par :- वहीं अगर किसी शेयर का भाव फेस वैल्यू से कम हो जाता है. यानी कि मान लेते हैं कि किसी कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू ₹10 है. और बाजार भाव घटकर के ₹8 हो जाता है. तब हम उसे Below Par कहते हैं.

AT Par :- वहीं अगर किसी कंपनी का शेयर भाव और बाजार भाव यानी की मार्केट प्राइस दोनों ही बराबर होते हैं. तब हम उसे AT Par कहते हैं. उदाहरण के तौर पर मान लेते हैं कि किसी कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू ₹50 है, और उसी कंपनी के शेयर की कीमत बाजार में ₹50 ही है. ऐसी स्थिति में हम उस शेयर के भाव को AT Par कहते हैं.

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