Firewall क्या होती है? इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

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अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो कई बार आपको Firewall शब्द सुनने में मिला होगा। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है? Firewall होती क्या है? Firewall का इस्तेमाल internet कि दुनिया में क्यों किया जाता है?

दोस्तों आज के हमारे इस लेख में हम लोग फायरवाल के बारे में जानेंगे। इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है? Firewall कितने प्रकार के होते हैं? इन सभी विषयों में जानकारी देंगे।

Firewall को समझने के लिए हम लोग एक साधारण सा उदाहरण लेंगे, इस दुनिया में हर मनुष्य अपने परिवार को सुरक्षित रखना चाहता है। सुरक्षा कारण ही, इस दुनिया में एक मूलभूत आवश्यकता है। चाहे वह कोई महान हस्ती की सुरक्षा हो, या फिर कोई राजनेता सभी लोगों की सुरक्षा अहम होती है। ठीक उसी तरह internet पर भी हमें अपने चीजों को सुरक्षित रखना पड़ता है। जैसे कि हमारा personal computer, software, यहां तक कि अगर आप एक blogger या फिर आप क्यों ना कोई App developer हो। तो उसकी सुरक्षा के लिए आपको किसी ना किसी चीज की जरूर आवश्यकता पड़ती है। Internet की दुनिया में ऐसी ही एक चीज है “Firewall” जिसकी मदद से आप अपनी computer, software, इत्यादि चीजों को सुरक्षित रख पाते हैं।

Firewall की मदद से आप इन्हें virus attack या malware से बचा सकते हो। इन्हीं कारणों से firewall इंटरनेट की दुनिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है। तो चलिए जानते हैं की Firewall आखिर क्या होता है? What is Firewall in Hindi.

Firewall क्या होता है? – what is Firewall in Hindi

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया Firewall इंटरनेट एवं कंप्यूटर में मौजूद उपकरणों जैसे कि software, information and data, hardware, etc इत्यादि चीजों को सुरक्षित रखने की एक व्यवस्था है।

Firewall की मदद से किसी भी कंप्यूटर और उसके network में जबर्दस्ती घुसने वाले घुसपैठिए यानी कि hackers और malware यहां तक कि खतरनाक computer virus से बचाया जा सकता है। यहां तक कि कुछ अकर्मक software जोकि चुपके से हमारे computer के अंदर install हो जाते हैैं और हमारी निजी data and information चुराने का काम करते हैं। जो कि किसी hackers तक पहुंच जाता है। इन सारी चीजों को भी Firewall रुकने का काम करती है।

Firewall कंप्यूटर के लिए क्यों जरूरी होती है?

मैं इसका जवाब एक उदाहरण से समझाना चाहता हूं। आप में से कई सारे लोग इंटरनेट का इस्तेमाल तो जरूर करते होंगे। अगर आप हमारा यह लेख पढ़ रहे हैं तो आप जरूर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। आप विभिन्न वेबसाइट पर web browser की सहायता से browsing करते हैं। आप इंटरनेट से बहुत सारी चीजें download भी करते हैं।

उदाहरण के तौर पर, आप web browsing करते हुए, एक video वाली वेबसाइट पर पहुंचते हैं। वहां पर कई सारे वीडियो आपको पसंद भी आते हैं। आप उन्हें बाद में देख सके। इसलिए आप कुछ वीडियो download करके भी रख लेते हैं। इसके अलावा भी आप ऐसे ही बहुत सारे काम करते हैं। जैसे कि software downloading, games downloading, song download, इत्यादि चीजें जरूर करते होंगे। इन सारी चीजों को download करते वक्त कुछ files के साथ अनचाही traffic भी आपके computer तक पहुंचता है। जो हानिकारक malware और अनचाहे software आपके computer पर install कर देती है। इसके अलावा भी इस traffic के साथ computer virus भी आपके कंप्यूटर पर आ जाते हैं।

इससे आपके कंप्यूटर और आपकी personal information को बहुत खतरा होता है। Computer virus की वजह से आपके कंप्यूटर पर खराबी आ सकती है। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि कुछ फाइल आपके कंप्यूटर से delete हो जाए। कुछ अनचाहे software जोकि इस traffic के साथ आपके कंप्यूटर पर install हो जाते हैं। वह चुपके से आप की निगरानी रखता है और आपके data को गुप्त रूप से किसी hackers तक पहुंचा सकता है। जिससे आपको काफी हानि पहुंच सकती है।

इन्हीं सभी चीजों से बचने के लिए “Firewall” का इस्तेमाल किया जाता है।

Firewall कैसे काम करती है?

Firewall की मदद से हम अपने कंप्यूटर की तरफ आने वाली अनचाही traffic जो किसी file, software, game, internet browsing के दौरान हमारे कंप्यूटर तक पहुंचता है। उसे रोक देती है। Firewall हमारे कंप्यूटर के चारों तरफ एक दीवार सी बना देती है। सिर्फ उसी traffic को कंप्यूटर तक पहुंचने देता है जिसे user इजाजत देता है।

अगर हमारा computer पहले से ही malware और computer virus से infected है, तो firewall की मदद से यह सारी चीजें किसी दूसरे computer पर नहीं पहुंच सकती है। इस तरह से firewall दोनों ही तरफ से end to end protection प्रदान करता है।

Firewall हमारे द्वारा भेजे गए request और reply की जांच करता है और जो संदेश निर्देशित सुरक्षा मापदंडों को पूरा नहीं करता उन्हें वही रोक देता है। यानी कि firewall इंटरनेट से आने वाली अनचाही ट्रैफिक को रोकता है और सिर्फ वही सूचना कंप्यूटर तक पहुंचाती है जो firewall के मानकों को पूरा करती हो।

Firewall तकनीकों के कई प्रकार हैं

Farewell तकनीकी कई प्रकार होती है। जिसे हमने नीचे सूचीबद्ध किया है।

  1. Packet filter :- पैकेट फिल्टर network के माध्यम से गुजरने वाले data packet का निरीक्षण करता है। और user defineनियमों के आधार पर पैकेट को स्वीकार या खारिज करता है। हालांकि इसे configure करने में मुश्किल है, पर काफी प्रभावी होती है। इसके जरिए IP spoofing की संभावना है।
  2. Application gateway :- खास करके FTP और Talnet server पर आने वाले request data packets को सुरक्षा व्यवस्था लागू करता है।
  3. Circuit level gateway:- जब TCP या udp संबंध स्थापित होता है तब सुरक्षा प्रणाली लागू करता है। एक बार संपर्क हो जाने के बाद, आगे की जांच के बिना पैकेट होस्ट के बीच भेज सकता है।
  4. Proxy server:- network से अंदर प्रवेश करने वाले data packets या network से बाहर जाने वाले सभी data packets का निरीक्षण एवं अवरोध करता है। Proxy server एक तरह से किसी भी network के वास्तविक पते को छुपाता है। जिसके चलते अनचाही traffic, computer virus आदि चीजें आपके कंप्यूटर तक नहीं पहुंच पाती है।

Firewall के प्रकार – Types of Firewall in Hindi

मुख्यतः Firewall दो प्रकार के होते हैं पहला Software Firewall. और दूसरा Hardware Firewall.

Hardware Firewall

आजकल ज्यादातर जितने भी इंटरनेट से जुड़ने के लिए उपकरण आते हैं जैसे कि Routers, internet adaptor modem आदि। इन सारे device पर पहले से ही यह मौजूद रहते हैं। जो कि एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में computer virus को जाने से रोकता है। जैसे कि एक router से एक से अधिक कंप्यूटर जुड़े हुए हैं। तो दूसरे कंप्यूटर तक hardware firewall, कंप्यूटर वायरस को जाने से रोक देती है। क्योंकि उन सारे कंप्यूटर पर एक farewell बन जाती है।

एक या एक से अधिक कंप्यूटर हालांकि एक ही modem या routers से जुड़े हुए होते हैं। जिसके चलते हर एक कंप्यूटर पर अपना-अपना firewall काम करना शुरू कर देता है। जिससे कि एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर एक ही modem या router से जुड़े होने के बावजूद भी malware और virus दूसरे कंप्यूटर तक नहीं पहुंच पाते है। जिसके चलते हमारा कंप्यूटर सुरक्षित रहता है।

जब भी हम इंटरनेट से किसी file को डाउनलोड करने के लिए request भेजते हैं। तो वह data packet के रूप में निकलता है जिसके अंदर उस network का ID भी जुड़ा हुआ रहता है। और जब भी वह file download होने के लिए reply आता है तो वहीं network ID, data packet के साथ जुड़ कर के आती है। जिससे कि firewall कोई है पता चल जाता है कि वह डाटा सही है कि नहीं। इसी network ID की सहायता से firewall अनचाहे traffic, virus, software इत्यादि को हमारे कंप्यूटर पर install होने से रोकता है और हमारे कंप्यूटर को सुरक्षा प्रदान करता है।

Software Firewall

आजकल इस्तेमाल किए जाने वाले जितने भी operating system है जैसे कि Windows 7, 8, 10, Vista XP, iOS, इत्यादि में पहले से ही firewall pre-installed रहती है। इसीलिए जब भी आप अपने कंप्यूटर पर कोई नया software install करते हैं तो आपके कंप्यूटर पर popup के रूप में एक message आता है।जिसमें आप से पूछा जाता है कि क्या आप इस प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर पर इंस्टॉल करना चाहते हैं।

इसके अलावा भी firewall software के उदाहरण में कुछ antivirus software भी आते हैं। जैसे कि Avast antivirus, Mac free antivirus, Norton antivirus, quick heal antivirus इत्यादि इन सारे एंटीवायरस में भी Firewall का काम वही होता है। इस तरह से firewall कंप्यूटर को सुरक्षा प्रदान करती है। आर अनचाहे traffic, अनचाहे software, computer virus को हमारे कंप्यूटर तक पहुंचने से रोकती है।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के हमारे इस लेख में हमने आप लोगों को Firewall क्या होती है? What is firewall in Hindi? के बारे में बताया है।

उम्मीद करता हूं कि आपको हमारे इस लेख से कुछ नया जरूर सीखने को मिला होगा। अगर आपको हमारा या लेख पसंद आया है तो आप हमें नीचे comment करके जरूर बताएं। साथ ही में अपने दोस्तों के साथ इसे social media पर share जरूर करें।

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